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5 साल से 72 हजार परिवारों को बिजली कनेक्शन का इंतजार
amar ujala
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:22 PM IST
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गांवों में मुफ्त बिजली कनेक्शन मुहैया कराने के लिए भारत सरकार की बीपीएल योजना ग्रामीण इलाकों में पहले से ही चल रही है, जिसमे 87 हजार बीपीएल परिवारों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य पहले से निर्धारित हैं।
बावजूद इसके पावर कॉर्पोरेशन के लोग अभी तक गांवों में रहने वाले सिर्फ 15 हजार बीपीएल परिवारों को ही बिजली कनेक्शन मुहैया करा पाए हैं। जबकि एक बड़ी तादात में 72 हजार बीपीएल परिवार पिछले पांच साल से मुफ्त बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। जिसे पावर कॉर्पोरेशन अब तक बीपीएल परिवारों को मुहैया नहीं करा पाया है।
बीपीएल परिवारोंा को मुफ्त बिजली कनेक्शन न मिलने के पीछे एक बड़ा कारण भारत सरकार की 11वीं व 12वीं योजना में होने वाला विद्युतीकरण है। क्योंकि जिले में अभी भी सैकड़ों की संख्या में गांव व मजरे ऐसे हैं, जहां बीपीएल परिवार बड़ी संख्या में रहते हैं।
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लेकिन पावर कारपोरेशन अभी तक उन गांवों व मजरों में बिजली के तार-खंभे नहीं पहुंचा पाया है। भारत सरकार की आरजीजीवीवाई योजना के 11वें प्लान में जहां जिले के 300 आबादी से ऊपर वाले 5706 मजरों का विद्युतीकरण होना था तो वहीं 12वें प्लान में 100 से ऊपर आबादी वाले 1836 मजरों का। लेकिन दोनो प्लान में अबतक केवल एक हजार मजरे ही विद्युतीकरण से संतृप्त हो पाए हैं। जिससे हजारों की संख्या में बीपीएल परिवार जिले में मुफ्त बिजली कनेक्शन से वंचित चल रहे हैं।
हाल में पावर कॉर्पोरेशन ने शहर में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिए जाने का ऐलान किया है। इसके लिए गरीबों की पात्रता तो तय की जा चुकी है। लेकिन अभी ऐसे गरीब परिवारों की संख्या का कोई पता नहीं चल सका है, शहर में रह रहे हैं और उन्हें बिजली का कनेक्शन अबतक नहीं मिला है।
बताया जाता है कि इस योजना में नगर पालिका के 27 वार्डों में रहने वाले गरीब परिवारों से लेकर कांशीराम, प्रधानमंत्री आवासीय योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और उज्ज्वला योजना के उन लाभार्थियों को शामिल कर उन्हें मुफ्त में बिजली का कनेक्शन मुहैया कराना है, जो शहर में रहते हुए भी बिजली के लाभ से वंचित हैं।
एक से लेकर 4 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शनों को यूपीईआरसी (उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिकसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन) ने एसएलसी (सिस्टम लोडिंग चार्ज) के क्राइटेरिया से बाहर कर दिया है। इस वजह से अब अगर कोई भी व्यक्ति 1 से लेकर 4 किलोवाट तक का बिजली कनेक्शन लेता है तो उससे पहले की तरह प्रति किलोवाट 50 रुपए की धनराशि सिस्टम लोडिंग चार्ज के एवज में नहीं ली जाएगी। जबकि 4 किलोवाट से ऊपर का बिजली कनेक्शन लेने पर उसे प्रति किलोवाट 50 रुपए की दर से सिस्टम लोडिंग चार्ज देना होगा।
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बावजूद इसके पावर कॉर्पोरेशन के लोग अभी तक गांवों में रहने वाले सिर्फ 15 हजार बीपीएल परिवारों को ही बिजली कनेक्शन मुहैया करा पाए हैं। जबकि एक बड़ी तादात में 72 हजार बीपीएल परिवार पिछले पांच साल से मुफ्त बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। जिसे पावर कॉर्पोरेशन अब तक बीपीएल परिवारों को मुहैया नहीं करा पाया है।
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बीपीएल परिवारोंा को मुफ्त बिजली कनेक्शन न मिलने के पीछे एक बड़ा कारण भारत सरकार की 11वीं व 12वीं योजना में होने वाला विद्युतीकरण है। क्योंकि जिले में अभी भी सैकड़ों की संख्या में गांव व मजरे ऐसे हैं, जहां बीपीएल परिवार बड़ी संख्या में रहते हैं।
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लेकिन पावर कारपोरेशन अभी तक उन गांवों व मजरों में बिजली के तार-खंभे नहीं पहुंचा पाया है। भारत सरकार की आरजीजीवीवाई योजना के 11वें प्लान में जहां जिले के 300 आबादी से ऊपर वाले 5706 मजरों का विद्युतीकरण होना था तो वहीं 12वें प्लान में 100 से ऊपर आबादी वाले 1836 मजरों का। लेकिन दोनो प्लान में अबतक केवल एक हजार मजरे ही विद्युतीकरण से संतृप्त हो पाए हैं। जिससे हजारों की संख्या में बीपीएल परिवार जिले में मुफ्त बिजली कनेक्शन से वंचित चल रहे हैं।
हाल में पावर कॉर्पोरेशन ने शहर में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिए जाने का ऐलान किया है। इसके लिए गरीबों की पात्रता तो तय की जा चुकी है। लेकिन अभी ऐसे गरीब परिवारों की संख्या का कोई पता नहीं चल सका है, शहर में रह रहे हैं और उन्हें बिजली का कनेक्शन अबतक नहीं मिला है।
बताया जाता है कि इस योजना में नगर पालिका के 27 वार्डों में रहने वाले गरीब परिवारों से लेकर कांशीराम, प्रधानमंत्री आवासीय योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और उज्ज्वला योजना के उन लाभार्थियों को शामिल कर उन्हें मुफ्त में बिजली का कनेक्शन मुहैया कराना है, जो शहर में रहते हुए भी बिजली के लाभ से वंचित हैं।
एक से लेकर 4 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शनों को यूपीईआरसी (उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिकसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन) ने एसएलसी (सिस्टम लोडिंग चार्ज) के क्राइटेरिया से बाहर कर दिया है। इस वजह से अब अगर कोई भी व्यक्ति 1 से लेकर 4 किलोवाट तक का बिजली कनेक्शन लेता है तो उससे पहले की तरह प्रति किलोवाट 50 रुपए की धनराशि सिस्टम लोडिंग चार्ज के एवज में नहीं ली जाएगी। जबकि 4 किलोवाट से ऊपर का बिजली कनेक्शन लेने पर उसे प्रति किलोवाट 50 रुपए की दर से सिस्टम लोडिंग चार्ज देना होगा।