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खत्म होगा ब्लैक बोर्ड का युग,3225 स्कूलों में लगेंगे डिजिटल बोर्डं
Updated Thu, 01 Feb 2018 09:32 PM IST
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जनपद के 3225 स्कूलों में लगेंगे डिजिटल बोर्ड
गोंडा। आम बजट में केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति बनाने का एलान करते हुए कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाने की घोषणा की है।
इसके तहत अब स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। डिजिटल बोर्ड से बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी। डिजिटल बोर्ड की सुविधा के बाद जिले के 3225 सरकारी स्कूलों से ब्लैक बोर्ड युग खत्म हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने अपना आखिरी आम बजट गुरुवार को लोकसभा में पेश किया। इस बजट में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और उसमें व्यापक सुधार के लिए नई शिक्षा नीति बनाए जाने की घोषणा की गई है। यह नई शिक्षा नीति कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के लिए होगी।
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नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार कदम आगे बढ़ाएगी। इस नीति के मुताबिक सरकारी स्कूल व कॉलेजों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसके तहत सरकारी स्कूलों में ब्लैक बोर्ड के स्थान पर डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे।
स्कूलों में डिजिटल ब्लैक बोर्ड लगने से सरकारी विद्यालय के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तरह से ही कंप्यूटरीकृत शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। डिजिटल बोर्ड से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव भी आएगा। डिजिटल बोर्ड लगने के बाद इन स्कूलों से ब्लैक बोर्ड का युग खत्म हो जाएगा और चाक व डस्टर भी बीते जमाने की बात हो जाएगी।
स्वयं एजुकेशन पोर्टल पर मिलेंगी किताबें
स्कूलों में ब्लैक बोर्ड हटाकर वहां डिजिटल बोर्ड लगाने के प्रस्ताव के साथ ही बच्चों को किताबें भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सरकार ने स्वयं एजुकेशन नाम से एक पोर्टल तैयार किया है।
इस पोर्टल पर एनसीआरटीई की किताबें उपलब्ध होंगी। इससे सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी भी दूर हो सकेगी। साथ ही इस पोर्टल पर 350 ऑनलाइन कोर्स भी उपलब्ध होगा।
अप्रशिक्षित शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
आम बजट में अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत केंद्र सरकार ने करीब 13 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है।
जिले के करीब चार हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकेगा। शासकीय या गैर शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को एनआईओएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूल) के जरिए प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
जिले में सरकारी स्कूल/कॉलेजों की स्थिति
परिषदीय स्कूल- 3125
सहायता प्राप्त (बेसिक)- 29
सहायता प्राप्त मदरसा- 06
राजकीय स्कूल- 03
सहायता प्राप्त (माध्यमिक)- 42
उच्च्ीकृत राजकीय स्कूल- 20
गोंडा। आम बजट में केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति बनाने का एलान करते हुए कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाने की घोषणा की है।
इसके तहत अब स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। डिजिटल बोर्ड से बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी। डिजिटल बोर्ड की सुविधा के बाद जिले के 3225 सरकारी स्कूलों से ब्लैक बोर्ड युग खत्म हो जाएगा।
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केंद्र सरकार ने अपना आखिरी आम बजट गुरुवार को लोकसभा में पेश किया। इस बजट में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और उसमें व्यापक सुधार के लिए नई शिक्षा नीति बनाए जाने की घोषणा की गई है। यह नई शिक्षा नीति कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के लिए होगी।
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नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार कदम आगे बढ़ाएगी। इस नीति के मुताबिक सरकारी स्कूल व कॉलेजों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसके तहत सरकारी स्कूलों में ब्लैक बोर्ड के स्थान पर डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे।
स्कूलों में डिजिटल ब्लैक बोर्ड लगने से सरकारी विद्यालय के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तरह से ही कंप्यूटरीकृत शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। डिजिटल बोर्ड से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव भी आएगा। डिजिटल बोर्ड लगने के बाद इन स्कूलों से ब्लैक बोर्ड का युग खत्म हो जाएगा और चाक व डस्टर भी बीते जमाने की बात हो जाएगी।
स्वयं एजुकेशन पोर्टल पर मिलेंगी किताबें
स्कूलों में ब्लैक बोर्ड हटाकर वहां डिजिटल बोर्ड लगाने के प्रस्ताव के साथ ही बच्चों को किताबें भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सरकार ने स्वयं एजुकेशन नाम से एक पोर्टल तैयार किया है।
इस पोर्टल पर एनसीआरटीई की किताबें उपलब्ध होंगी। इससे सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी भी दूर हो सकेगी। साथ ही इस पोर्टल पर 350 ऑनलाइन कोर्स भी उपलब्ध होगा।
अप्रशिक्षित शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
आम बजट में अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत केंद्र सरकार ने करीब 13 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है।
जिले के करीब चार हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकेगा। शासकीय या गैर शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को एनआईओएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूल) के जरिए प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
जिले में सरकारी स्कूल/कॉलेजों की स्थिति
परिषदीय स्कूल- 3125
सहायता प्राप्त (बेसिक)- 29
सहायता प्राप्त मदरसा- 06
राजकीय स्कूल- 03
सहायता प्राप्त (माध्यमिक)- 42
उच्च्ीकृत राजकीय स्कूल- 20