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एसीएमओ व डॉक्टर समेत 39 कोरोना पॉजिटिव
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गोंडा। जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। आम लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में डॉक्टर व अधिकारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयगोविंद व सीएचसी की डॉ. शमा परवीन सहित 39 कोरोना से संक्रमित पाए गए। अब सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या 105 हो गई है। इटियाथोक थाने का एक सिपाही भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। संक्रमितों से मिलने वालों की जांच तथा निगरानी तेज हो गई है।
जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही अन्य कर्मचारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट समेत न्यायालय के सात कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिससे दो दिन के लिए कचहरी बंद करनी पड़ी। वहीं मंगलवार को 3258 लोगों की हुई कोरोना जांच में 39 मरीजों की रिर्पोट पॉजिटिव आई।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयगोविंद का स्वास्थ्य बिगड़ने पर कोरोना जांच कराई गई तो रिर्पोट पॉजिटिव आई। एसीएमओ के संक्रमित मिलने के बाद जिला अस्पताल व सीएमओ कार्यालय के कर्मियों की जांच कराई जा रही है। वहीं सीएचसी बेलसर पर तैनात डॉ. शमा परवीन की करोना जांच भी पॉजिटिव पाई गई।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर ने बताया कि सीएचसी के सभी चिकित्सकों की जांच कराई जा रही है। साथ ही संक्रमित डॉक्टर को होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं इटियाथोक थाने में एक पुलिस कर्मी के कारोना संक्रमित मिलने पर थाने के अन्य स्टाफ की जांच कराई जा रही है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखकर भी लोगों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। यहां जिम्मेदार भी कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाने में पीछे नहीं हट रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में ओपीडी कर रहे कई डॉक्टरों ने मास्क नहीं लगा रखा था जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं दवा वितरण काउंटर पर लाइन में लगे लोगों में से ज्यादातर ने न तो मास्क लगा रखा था, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। वहीं बाजारों में भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन को बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना चाहिए। इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार की जरूरत है। साथ ही ठोस पहल करने की भी जरूरत है। बाजार में लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। कई जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में बाजार में सख्ती जरूरी है।
शहर के ज्यादातर दुकानदार बिना मास्क के ही दुकान पर बैठे रहते हैं। उन्होंने मास्क नहीं तो सामान नहीं का स्टीकर तो चस्पा कर रखा है लेकिन खुद न तो इसका पालन करते हैं, न ही ग्राहकों को कोरोना नियमों का पालन करने को कहते हैं। वहीं दुकानों के सामने दो गज दूरी वाला घेरा भी नहीं बनाया गया है।
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जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही अन्य कर्मचारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट समेत न्यायालय के सात कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिससे दो दिन के लिए कचहरी बंद करनी पड़ी। वहीं मंगलवार को 3258 लोगों की हुई कोरोना जांच में 39 मरीजों की रिर्पोट पॉजिटिव आई।
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अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयगोविंद का स्वास्थ्य बिगड़ने पर कोरोना जांच कराई गई तो रिर्पोट पॉजिटिव आई। एसीएमओ के संक्रमित मिलने के बाद जिला अस्पताल व सीएमओ कार्यालय के कर्मियों की जांच कराई जा रही है। वहीं सीएचसी बेलसर पर तैनात डॉ. शमा परवीन की करोना जांच भी पॉजिटिव पाई गई।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर ने बताया कि सीएचसी के सभी चिकित्सकों की जांच कराई जा रही है। साथ ही संक्रमित डॉक्टर को होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं इटियाथोक थाने में एक पुलिस कर्मी के कारोना संक्रमित मिलने पर थाने के अन्य स्टाफ की जांच कराई जा रही है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखकर भी लोगों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। यहां जिम्मेदार भी कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाने में पीछे नहीं हट रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में ओपीडी कर रहे कई डॉक्टरों ने मास्क नहीं लगा रखा था जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं दवा वितरण काउंटर पर लाइन में लगे लोगों में से ज्यादातर ने न तो मास्क लगा रखा था, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। वहीं बाजारों में भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन को बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना चाहिए। इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार की जरूरत है। साथ ही ठोस पहल करने की भी जरूरत है। बाजार में लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। कई जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में बाजार में सख्ती जरूरी है।
शहर के ज्यादातर दुकानदार बिना मास्क के ही दुकान पर बैठे रहते हैं। उन्होंने मास्क नहीं तो सामान नहीं का स्टीकर तो चस्पा कर रखा है लेकिन खुद न तो इसका पालन करते हैं, न ही ग्राहकों को कोरोना नियमों का पालन करने को कहते हैं। वहीं दुकानों के सामने दो गज दूरी वाला घेरा भी नहीं बनाया गया है।