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जमीन पैमाइश को राजस्व निरीक्षक ने ली 25 हजार की रिश्वत
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:44 AM IST
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राजस्व निरीक्षक के 25 हजार रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल
गोंडा। तरबगंज तहसील के बल्लीपुर गांव में चकबंदी प्रक्रिया में पैमाइश करने और उस पर कब्जा दिलाने के नाम पर एक किसान से 25 हजार की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।
किसान का आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद राजस्व निरीक्षक न तो उसकी जमीन की पैमाइश की और न ही कब्जा दिलाया। मंगलवार को रिश्वत मांगे जाने का आडियो टेप वायरल होने के बाद राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।
किसान ने इसकी शिकायत एसडीएम से करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी है।
रिश्वतखोरी का ताजा मामला तरबगंज तहसील के तुलसीपुर माझा गांव में सामने आया है। यहां राजस्व विवादों के निपटारे के लिए किसानों से अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है। यहां पैमाइश में फेरबदल के नाम पर वसूली की जा रही है। तुलसीपुर माझा गांव के रहने वाले किसान मिथुन सिंह के मुताबिक गांव में लगभग तीन दशक से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है।
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बाढ़ के कारण प्रतिवर्ष यहां खेतों की सीमाएं बदल जाती हैं। लिहाजा यहां भूमि विवाद के मामले बढ़ जाते हैं। इन मामलों के निपटारे के लिए किसानों ने हाल ही में तहसील पर धरना प्रदर्शन किया था।
इसके बाद यहां पर एक राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में पैमाइश के लिए टीमें लगाई गई थी, मगर राजस्व कर्मियों ने पैमाइश के नाम पर वसूली का खेल खेलना शुरू कर दिया। आरोप है कि पैसा ना देने वाले किसानों के खेतों को दूसरे का कब्जा करा दिया गया।
मिथुन सिंह का कहना है कि उन्होंने भी राजस्व निरीक्षक से अपनी जमीन के पैमाइश की गुजारिश की तो राजस्व निरीक्षक ने इसके लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मिथुन ने बताया कि राजस्व निरीक्षक ने पैमाइश के बाद उसे कब्जा दिलाने का भरोसा दिलाया तो उसने 25 हजार रुपये उन्हें दे दिया।
मगर पैसा लेने के बाद जमीन पर कब्जा तो दूर राजस्व निरीक्षक ने जमीन की पैमाइश ही नहीं की। मिथुन ने बताया कि जब उसे राजस्व निरीक्षक की मंशा पर शंका हुई तो उसने दोबारा राजस्व निरीक्षक से बात की और रुपये के लेनदेन समेत पूरी बातचीत का ब्योरा मोबाइल में रिकार्ड कर लिया।
मंगलवार को उसने यह ऑडियो टेप वायरल कर दिया। इस टेप में राजस्व निरीक्षक रुपये लेने की बात को स्वीकार कर रहे हैं। रिश्वत का आडियो टेप वायरल होने के बाद तहसील में खलबली मच गई है। मिथुन ने मंगलवार को इस टेप को ले जाकर उपजिलाधिकारी को सुनाया और इसकी लिखित शिकायत करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर एसडीएम ने मामले की जांच नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार को सौंपी है।
एसडीएम डॉ. अमरेश मौर्य ने बताया कि राजस्व निरीक्षक के खिलाफ 25 हजार रिश्वत की शिकायत किसान ने की। ऑडियो टेप में घूस लेने की बात है। नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार को जांच दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।
गोंडा। तरबगंज तहसील के बल्लीपुर गांव में चकबंदी प्रक्रिया में पैमाइश करने और उस पर कब्जा दिलाने के नाम पर एक किसान से 25 हजार की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।
किसान का आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद राजस्व निरीक्षक न तो उसकी जमीन की पैमाइश की और न ही कब्जा दिलाया। मंगलवार को रिश्वत मांगे जाने का आडियो टेप वायरल होने के बाद राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।
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किसान ने इसकी शिकायत एसडीएम से करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी है।
रिश्वतखोरी का ताजा मामला तरबगंज तहसील के तुलसीपुर माझा गांव में सामने आया है। यहां राजस्व विवादों के निपटारे के लिए किसानों से अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है। यहां पैमाइश में फेरबदल के नाम पर वसूली की जा रही है। तुलसीपुर माझा गांव के रहने वाले किसान मिथुन सिंह के मुताबिक गांव में लगभग तीन दशक से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है।
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बाढ़ के कारण प्रतिवर्ष यहां खेतों की सीमाएं बदल जाती हैं। लिहाजा यहां भूमि विवाद के मामले बढ़ जाते हैं। इन मामलों के निपटारे के लिए किसानों ने हाल ही में तहसील पर धरना प्रदर्शन किया था।
इसके बाद यहां पर एक राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में पैमाइश के लिए टीमें लगाई गई थी, मगर राजस्व कर्मियों ने पैमाइश के नाम पर वसूली का खेल खेलना शुरू कर दिया। आरोप है कि पैसा ना देने वाले किसानों के खेतों को दूसरे का कब्जा करा दिया गया।
मिथुन सिंह का कहना है कि उन्होंने भी राजस्व निरीक्षक से अपनी जमीन के पैमाइश की गुजारिश की तो राजस्व निरीक्षक ने इसके लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मिथुन ने बताया कि राजस्व निरीक्षक ने पैमाइश के बाद उसे कब्जा दिलाने का भरोसा दिलाया तो उसने 25 हजार रुपये उन्हें दे दिया।
मगर पैसा लेने के बाद जमीन पर कब्जा तो दूर राजस्व निरीक्षक ने जमीन की पैमाइश ही नहीं की। मिथुन ने बताया कि जब उसे राजस्व निरीक्षक की मंशा पर शंका हुई तो उसने दोबारा राजस्व निरीक्षक से बात की और रुपये के लेनदेन समेत पूरी बातचीत का ब्योरा मोबाइल में रिकार्ड कर लिया।
मंगलवार को उसने यह ऑडियो टेप वायरल कर दिया। इस टेप में राजस्व निरीक्षक रुपये लेने की बात को स्वीकार कर रहे हैं। रिश्वत का आडियो टेप वायरल होने के बाद तहसील में खलबली मच गई है। मिथुन ने मंगलवार को इस टेप को ले जाकर उपजिलाधिकारी को सुनाया और इसकी लिखित शिकायत करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर एसडीएम ने मामले की जांच नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार को सौंपी है।
एसडीएम डॉ. अमरेश मौर्य ने बताया कि राजस्व निरीक्षक के खिलाफ 25 हजार रिश्वत की शिकायत किसान ने की। ऑडियो टेप में घूस लेने की बात है। नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार को जांच दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।