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Gonda News: एससीपीएम हाॅस्पिटल पर 30 हजार जुर्माना
Mon, 19 Jun 2023 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:01 PM IST
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गोंडा। महिला का गलत ऑपरेशन करने के मामले में जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने शहर के प्रतिष्ठित निजी अस्पताल पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही इलाज खर्च के 36 हजार 234 रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह में लौटाने का आदेश दिया है।
मनकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम छिटईजोत की रहने वाली ज्ञानमती ने अधिवक्ता अजेय विक्रम सिंह के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि उसे पेटदर्द व बुखार होने पर शहर के दुखहरन नाथ मंदिर के समीप स्थित एससीपीएम हाॅस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड में चिकित्सक को दिखाया गया था। जहां बताया गया कि बच्चेदानी में संक्रमण हो गया है। जल्द ही ऑपरेशन करना होगा। 17 नवंबर 2016 को ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकाल दी गई। इसके बाद परेशानी होने पर दिखाया तो कहा कि दूसरा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
एक दिसंबर 2016 को ज्ञानमती को दूसरी बार भर्ती कर ऑपरेशन किया। फिर पांच दिसंबर को कह दिया कि अब उसका यहां इलाज संभव नहीं है। इसके बाद ज्ञानमती ने पीजीआई लखनऊ में डाॅक्टर को दिखाया तो पता चला कि ऑपरेशन करते समय पेशाब की नली कट गई है। फिर से ऑपरेशन करना पड़ेगा। ज्ञानमती ने कहा- एससीपीएम हाॅस्पिटल में सही इलाज न होने से उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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फोरम के नोटिस पर एससीपीएम हाॅस्पिटल के प्रबंधक ने अपना उत्तर पत्र दाखिल किया, जिसमें उन्होंने इलाज करना स्वीकार किया। मगर परिवाद को दोषपूर्ण बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने एससीपीएम हाॅस्पिटल को एक माह के अंदर छह प्रतिशत ब्याज के साथ परिवादिनी के इलाज पर खर्च के 36,234 रुपये, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 25 हजार और वाद खर्च के लिए पांच हजार रुपये परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर निर्णीत धनराशि पर नौ प्रतिशत ब्याज देना होगा।
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मनकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम छिटईजोत की रहने वाली ज्ञानमती ने अधिवक्ता अजेय विक्रम सिंह के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि उसे पेटदर्द व बुखार होने पर शहर के दुखहरन नाथ मंदिर के समीप स्थित एससीपीएम हाॅस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड में चिकित्सक को दिखाया गया था। जहां बताया गया कि बच्चेदानी में संक्रमण हो गया है। जल्द ही ऑपरेशन करना होगा। 17 नवंबर 2016 को ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकाल दी गई। इसके बाद परेशानी होने पर दिखाया तो कहा कि दूसरा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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एक दिसंबर 2016 को ज्ञानमती को दूसरी बार भर्ती कर ऑपरेशन किया। फिर पांच दिसंबर को कह दिया कि अब उसका यहां इलाज संभव नहीं है। इसके बाद ज्ञानमती ने पीजीआई लखनऊ में डाॅक्टर को दिखाया तो पता चला कि ऑपरेशन करते समय पेशाब की नली कट गई है। फिर से ऑपरेशन करना पड़ेगा। ज्ञानमती ने कहा- एससीपीएम हाॅस्पिटल में सही इलाज न होने से उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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फोरम के नोटिस पर एससीपीएम हाॅस्पिटल के प्रबंधक ने अपना उत्तर पत्र दाखिल किया, जिसमें उन्होंने इलाज करना स्वीकार किया। मगर परिवाद को दोषपूर्ण बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने एससीपीएम हाॅस्पिटल को एक माह के अंदर छह प्रतिशत ब्याज के साथ परिवादिनी के इलाज पर खर्च के 36,234 रुपये, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 25 हजार और वाद खर्च के लिए पांच हजार रुपये परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर निर्णीत धनराशि पर नौ प्रतिशत ब्याज देना होगा।