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सवा तीन करोड़ से गड्ढा मुक्त होंगी 275 सड़कें
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गोंडा के तरबगंज में बारिश से टूटी सड़क।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बरसात का मौसम समाप्त होने वाला है। बरसात व बाढ़ के कारण जिले में सड़कों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। कई सड़कें कट कर बह चुकी हैं तो कई की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। मुख्य मार्गों को छोड़कर सभी जिला मार्ग व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शासन की मंशा है कि सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए।
जिले भर में अभी तक केवल 275 सड़कों का चयन किया गया है जिन्हें गड्ढा मुक्त किया जाना है। ये वे सड़कें हैं जो कम क्षतिग्रस्त हैं। इनकी पैचिंग कर इन्हें चलने लायक बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है और तीन करोड़ 30 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
जिले में राष्ट्रीय मार्ग, राज्यमार्ग व जिला मार्ग के अलावा संपर्क मार्ग हैं। करीब चार हजार किलोमीटर की सड़कों में अधिकांश सड़कें जिला मार्ग में शामिल हैं। इनमें करनैलगंज-बहराइच जिला मार्ग को शासन ने राज्यमार्ग घोषित कर दिया है और उसके लिए बजट भी जारी कर दिया है। इसी तरह सीबीएन मार्ग से जोड़ते हुए करनैलगंज- आर्यनगर मार्ग भी राज्यमार्ग है।
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जिला मार्ग वाली सड़कों में अब सिंगल लेन की सड़कें हैं जो बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गोंडा से कटरा बाजार को जोड़ने वाली टू लेन सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गयी है। इसी तरह रामापुर से दुबहा बाजार सड़क भी क्षतिग्रस्त है। इटियाथोक से खरगूपुर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गई है। आर्यनगर से पृथ्वीनाथ मंदिर तक 22 किलोमीटर सड़क पूरी तरह टूट गई है लेकिन इसे टू लेन बनाने के लिए बजट जारी हो गया है। इसी तरह बाढ़ग्रस्त करनैलगंज व तरबगंज क्षेत्र में कई सड़कें टूट गई हैं।
जिला व संपर्क मार्गों में लोक निर्माण विभाग ने 275 सड़कों का चयन किया है। 435 किलोमीटर की इन सड़कों में बरसात के समय बने गड्ढों को पाटने के लिए विभाग ने 330 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। इन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य अक्टूबर तक हो जाना है।
बाढ़ में 112 सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त, तैयार हो रहा विवरण
बाढ़ की विभीषिका का दंश 20,000 से अधिक लोग भुगतने को विवश हैं। सड़क और पुलिया कट गई है। तहसील प्रशासन के पास बाढ़ से कटी सड़कों का विवरण भी नहीं है।
बंधे से माझा क्षेत्र के विभिन्न गांवों को जाने वाली सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। सरयू के कछार में बसा गांव है बयौदा माझा यहां के प्रधान केशव राम यादव बताते हैं कि बेउंदा उपरहर चौराहे से माझा तक जाने वाली सड़क पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर महज पत्थर ही दिख रहे हैं।
बनगांव प्राथमिक विद्यालय के पास मेन सड़क पूरी तरह कट गई है। पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। रतनपुर से नई बस्ती संपर्क मार्ग पूरी तरह उखड़ गई है। बनगांव से पूर्वीपुरवा सड़क पूरी तरह टूट गई है। बहादुरपुर गांव में भी कई सड़कें कट गई हैं। साखीपुर से रांगी को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यही मार्ग ढेमवा घाट पुल तक जाता है। तुलसीपुर माझा में भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इसी तरह करनैलगंज व तरबगंज में करीब 112 संपर्क मार्ग व जिला मार्ग पूरी तरह से टूट चुके हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन से धन जुटाकर सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
अक्तूबर तक गड्ढामुक्त कर दी जाएंगी सड़कें
बरसात के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। शासन को पूरी कार्ययोजना जल्द ही भेज दी जाएगी। बजट आवंटित होते ही उनकी मरम्मत का कार्य अक्टूबर तक हो जाएगा। बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का विवरण भी तैयार करने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
-शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी गोंडा
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जिले भर में अभी तक केवल 275 सड़कों का चयन किया गया है जिन्हें गड्ढा मुक्त किया जाना है। ये वे सड़कें हैं जो कम क्षतिग्रस्त हैं। इनकी पैचिंग कर इन्हें चलने लायक बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है और तीन करोड़ 30 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
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जिले में राष्ट्रीय मार्ग, राज्यमार्ग व जिला मार्ग के अलावा संपर्क मार्ग हैं। करीब चार हजार किलोमीटर की सड़कों में अधिकांश सड़कें जिला मार्ग में शामिल हैं। इनमें करनैलगंज-बहराइच जिला मार्ग को शासन ने राज्यमार्ग घोषित कर दिया है और उसके लिए बजट भी जारी कर दिया है। इसी तरह सीबीएन मार्ग से जोड़ते हुए करनैलगंज- आर्यनगर मार्ग भी राज्यमार्ग है।
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जिला मार्ग वाली सड़कों में अब सिंगल लेन की सड़कें हैं जो बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गोंडा से कटरा बाजार को जोड़ने वाली टू लेन सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गयी है। इसी तरह रामापुर से दुबहा बाजार सड़क भी क्षतिग्रस्त है। इटियाथोक से खरगूपुर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गई है। आर्यनगर से पृथ्वीनाथ मंदिर तक 22 किलोमीटर सड़क पूरी तरह टूट गई है लेकिन इसे टू लेन बनाने के लिए बजट जारी हो गया है। इसी तरह बाढ़ग्रस्त करनैलगंज व तरबगंज क्षेत्र में कई सड़कें टूट गई हैं।
जिला व संपर्क मार्गों में लोक निर्माण विभाग ने 275 सड़कों का चयन किया है। 435 किलोमीटर की इन सड़कों में बरसात के समय बने गड्ढों को पाटने के लिए विभाग ने 330 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। इन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य अक्टूबर तक हो जाना है।
बाढ़ में 112 सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त, तैयार हो रहा विवरण
बाढ़ की विभीषिका का दंश 20,000 से अधिक लोग भुगतने को विवश हैं। सड़क और पुलिया कट गई है। तहसील प्रशासन के पास बाढ़ से कटी सड़कों का विवरण भी नहीं है।
बंधे से माझा क्षेत्र के विभिन्न गांवों को जाने वाली सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। सरयू के कछार में बसा गांव है बयौदा माझा यहां के प्रधान केशव राम यादव बताते हैं कि बेउंदा उपरहर चौराहे से माझा तक जाने वाली सड़क पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर महज पत्थर ही दिख रहे हैं।
बनगांव प्राथमिक विद्यालय के पास मेन सड़क पूरी तरह कट गई है। पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। रतनपुर से नई बस्ती संपर्क मार्ग पूरी तरह उखड़ गई है। बनगांव से पूर्वीपुरवा सड़क पूरी तरह टूट गई है। बहादुरपुर गांव में भी कई सड़कें कट गई हैं। साखीपुर से रांगी को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यही मार्ग ढेमवा घाट पुल तक जाता है। तुलसीपुर माझा में भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इसी तरह करनैलगंज व तरबगंज में करीब 112 संपर्क मार्ग व जिला मार्ग पूरी तरह से टूट चुके हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन से धन जुटाकर सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
अक्तूबर तक गड्ढामुक्त कर दी जाएंगी सड़कें
बरसात के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। शासन को पूरी कार्ययोजना जल्द ही भेज दी जाएगी। बजट आवंटित होते ही उनकी मरम्मत का कार्य अक्टूबर तक हो जाएगा। बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का विवरण भी तैयार करने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
-शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी गोंडा