फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   250 villages blocked by floods

बाढ़ से 250 गांवों का संपर्क टूटा

Fri, 11 Aug 2017 10:23 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Fri, 11 Aug 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
 250 villages blocked by floods
बाढ़ - फोटो : amar ujala

विज्ञापन
 जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। अब तक करीब 416 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।  इनमें से 250 गांव का संपर्क टूट गया है। यहां आवागमन के लिए सिर्फ नाव का सहारा बचा है। उधर, बैराजों से छोड़ा गया करीब तीन लाख क्यूसेक पानी शनिवार से क्षेत्र में आने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिससे स्थिति भयावह हो सकती है। दूसरी ओर, सरयू नदी में भी पानी बढ़ रहा है। जिससे आसपास के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं।  

  करनैलगंज तहसील के गांवों में तबाही का आलम शुरू हो गया है।  पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ बरसात का पानी तो दूसरी ओर विभिन्न बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी क्षेत्र में तबाही का कारण बनता जा रहा है।  शुक्रवार तक करीब 416 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
विज्ञापन


इनमें से 250 गांव में जाने का नाव के अतिरिक्त कोई अन्य साधन नहीं है। उनका संपर्क  मार्ग पूरी तरह से कटा हुआ है। गुरुवार की देर रात्रि विभिन्न बैराजों से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना से प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। शनिवार की सुबह से घाघरा का पानी तेजी से उफान पर आने की सम्भावना बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हांलाकि शुक्रवार से ही पानी बढने का सिलसिला शुरू हो गया है। लगातार 24 घंटे से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 55 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर बना था, जो अब बढने लगा है। सरयू नदी  में भी घाघरा के पानी की आमद शुरू हो गई है।  

तहसीलदार रमेश बाबू ने बताया कि प्रभावित गांवों व मजरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बाढ़ की स्थिति बेकाबू हो चुकी है। प्रभावित गांवों से लोगों का पलायन कराया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों को राहत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। नावें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बैराजों से पानी छोड़े जाने से पानी बढने की सूचना है। एहतियातन सभी बाढ़ चौकियों, राहत चौकियों एंव कर्मचारियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है।  

जाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। संसाधनों का अभाव था, जिस पर एक तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार जिले से इस तहसील को और मांगे गए थे। जिनका अटैचमेंट आज कराया जा रहा है। बैराजों से पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में हालात बदतर हो रहे हैं। फिर भी बाढ़ प्रभावितों को दिक्कत न हो, इसके हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हाईएलर्ट जारी करते हुए एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी व सभी कर्मचारियों को क्षेत्र में लगाया गया है।   


करनैलगंज(गोंडा)। तहसील क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी से बढ रहा है। अब सरयू नदी एंव आसपास के नालों में पानी चलने लगा है। इससे ग्रामीणों में चिंता व्याप्त है। परसपुर के नंदौर गांव में बांध के कट जाने से सरयू नदी में पानी बढना शुरू हो गया है। बताते चलें कि वर्ष 2011 में भी ग्रामीणों ने बांध को काटकर गांव को डूबने से बचाया था। उस समय करनैलगंज तहसील की 72 ग्राम पंचायतों के 670 मजरे व एक लाख 30 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी। 10650 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed