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Gonda News: डिपो में ही खड़ी रह जाती हैं रोडवेज की 25-30 बसें

Sun, 01 Mar 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 01 Mar 2026 11:20 PM IST
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25-30 roadways buses remain parked in the depot itself
गोंडा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के गोंडा डिपो के बेड़े की औसतन 20 प्रतिशत बसें प्रतिदिन डिपो में ही खड़ी रह जाती हैं। चालकों की कमी के कारण इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे निगम की आय तो प्रभावित होती ही है, ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने का संकल्प भी पूरा नहीं हो पा रहा है।
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भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं सुदृढ़ करने का वादा किया था। उद्देश्य यह था कि छोटे कस्बों से जिला मुख्यालय व प्रदेश के बड़े व्यापारिक केंद्रों तक आवाजाही सुगम व सुरक्षित हो सके। ‘जनता सेवा’ के नाम से 25 प्रतिशत कम किराये वाली स्थानीय बसें भी चलाने की योजना थी, किंतु जिले में इस दिशा में विशेष प्रगति नहीं हो सकी।
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कुछ कस्बों से लखनऊ और कानपुर के लिए बसें संचालित हैं, पर जिला मुख्यालय तक नियमित रोडवेज बसों की सुविधा के अभाव में लोगों को प्राइवेट बसों व टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ता है। मनकापुर तहसील के कस्बों से लखनऊ और कानपुर के लिए कई बसें चल रही हैं। इनमें बभनान-कानपुर, छपिया-लखनऊ, मसकनवा-कानपुर और गौराचौकी-कानपुर जैसी सेवाएं शामिल हैं।
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तरबगंज तहसील के कुछ कस्बों से भी लखनऊ व कानपुर के लिए बसें संचालित हैं। सदर तहसील के खरगूपुर से लखनऊ व कानपुर के लिए तीन बसें चल रही हैं। करनैलगंज तहसील के कटरा बाजार से लखनऊ के लिए एक बस संचालित है। इसके विपरीत कस्बों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए कम किराये वाली मात्र एक ‘जनता सेवा’ बस गोंडा से आर्यनगर होते हुए दुबहा बाजार तक चल रही है।

बंद हो चुकी हैं स्थानीय सेवाएं

करीब डेढ़ दशक पूर्व तक बिशुनापुर-खरगूपुर-गोंडा, दुबहा बाजार-रामापुर-आर्यनगर-गोंडा और करनैलगंज-कटरा बाजार-कौड़िया-गोंडा जैसी स्थानीय बस सेवाएं सुबह-शाम संचालित होती थीं। ये बसें छात्र-छात्राओं, वादकारियों व अन्य यात्रियों को प्रतिदिन सुबह समय से जिला मुख्यालय पहुंचाती थीं और शाम को सभी को वापस छोड़ते हुए रात में वहीं पर हाल्ट करती थीं। पिछले कुछ वर्षों में ये सेवाएं बंद हो गईं।


कस्बों को बस सेवा से जोड़ेंगे : एआरएम

एआरएम कपिलदेव के अनुसार गोंडा डिपो में 139 बसें हैं, जिनमें 38 अनुबंधित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय व बड़े शहरों से जोड़ने के लिए 50 से अधिक बसें संचालित हैं। फिर भी चालकों की कमी से औसतन 25-30 बसें नियमित संचालित नहीं हो पा रहीं हैं। प्रदेश के सभी डिपो में चालकों की खुली भर्ती चल रही है। जैसे-जैसे चालक उपलब्ध होते जाएंगे और भी कस्बों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
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