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Gonda News: झाड़ियों की कैद में सवा दो करोड़ रुपये की शुद्ध पेयजल परियोजना
Sun, 08 Feb 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:37 PM IST
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नवाबगंज के उमरिया में झाड़ियों से घिरी पानी की टंकी। - संवाद
टिकरी/गोंडा। नवाबगंज के उमारिया गांव में सवा दो करोड़ रुपये की लागत से बनी शुद्ध पेयजल परियोजना बदहाली की भेंट चढ़ गई है। टंकी परिसर झाड़ियों से घिर चुका है और योजना शुरू होने के वर्षों बाद भी एक दिन के लिए भी गांव में जलापूर्ति नहीं हो सकी। दीवारों पर सप्लाई का समय तो अंकित है, लेकिन नलों से पानी आज तक नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों के अनुसार उमारिया में 2.25 करोड़ रुपये से पेयजल परियोजना का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि गांव के प्रत्येक परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए, लेकिन योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई। ग्राम प्रधान अभिषेक सिंह ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने का दावा वर्षों से किया जा रहा है। टंकी की दीवार पर सुबह सात से नौ और शाम सात से दस बजे तक जलापूर्ति का समय भी लिखा है, पर वास्तविकता यह है कि आज तक एक बूंद पानी सप्लाई नहीं हुआ।
प्रधान का आरोप है कि बोरिंग फेल है, पानी की टंकी में लीकेज है और सड़क किनारे बिछाई गई पाइप लाइन भी जगह-जगह टूट चुकी है। कार्य अलग-अलग संस्थाओं से कराए गए, जिससे गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं रहा। किसी ने पाइप बिछाया, किसी ने बोरिंग की, तो किसी ने बाउंड्रीवाल बनाई। अवर अभियंता हर्षित मिश्रा ने बताया कि कार्यदायी संस्था बदल दी गई है। परियोजना में आई खामियों को दूर कराकर जलापूर्ति शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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जल्द पूरी होंगी 215 परियोजनाएं
जलनिगम के अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) महेंद्र सिंह का कहना है कि लंबित परियोजनाएं पूरी करने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, शासन स्तर से 90 प्रतिशत पूरी परियोजनाओं के लिए बजट जारी करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इस तरह से कुल मिलाकर जिले में 215 परियोजनाएं चिह्नित की गई है। इन परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
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ग्रामीणों के अनुसार उमारिया में 2.25 करोड़ रुपये से पेयजल परियोजना का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि गांव के प्रत्येक परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए, लेकिन योजना कागजों तक ही सिमट कर रह गई। ग्राम प्रधान अभिषेक सिंह ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने का दावा वर्षों से किया जा रहा है। टंकी की दीवार पर सुबह सात से नौ और शाम सात से दस बजे तक जलापूर्ति का समय भी लिखा है, पर वास्तविकता यह है कि आज तक एक बूंद पानी सप्लाई नहीं हुआ।
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प्रधान का आरोप है कि बोरिंग फेल है, पानी की टंकी में लीकेज है और सड़क किनारे बिछाई गई पाइप लाइन भी जगह-जगह टूट चुकी है। कार्य अलग-अलग संस्थाओं से कराए गए, जिससे गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं रहा। किसी ने पाइप बिछाया, किसी ने बोरिंग की, तो किसी ने बाउंड्रीवाल बनाई। अवर अभियंता हर्षित मिश्रा ने बताया कि कार्यदायी संस्था बदल दी गई है। परियोजना में आई खामियों को दूर कराकर जलापूर्ति शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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जल्द पूरी होंगी 215 परियोजनाएं
जलनिगम के अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) महेंद्र सिंह का कहना है कि लंबित परियोजनाएं पूरी करने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, शासन स्तर से 90 प्रतिशत पूरी परियोजनाओं के लिए बजट जारी करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इस तरह से कुल मिलाकर जिले में 215 परियोजनाएं चिह्नित की गई है। इन परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।