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सिंचाई, बिजली के साथ इंजीनियरिंगं की पढ़ाई हुई आसान
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:48 PM IST
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सिंचाई, बिजली के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई हुई आसान
गोंडा। विधानसभा में शुक्रवार को पेश बजट में जहां किसानों को साधने के लिए जिले में पिछले तीन दशक से चल रही सरयू नहर परियोजना को करोड़ों की नेमत बख्शी तो वहीं सौभाग्य योजना में जिले के 3 लाख घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए नई लाइन बनाकर लोगों को कनेक्शन देने के लिए भी करोड़ों रुपए दिए।
इसके साथ ही उतरौला रोड पर निमार्णाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 7 करोड़ रुपए अलग से दिए। ताकि जिले के होनहारों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए शहर से बाहर न जाना पड़े। हालांकि सरकार ने अपने बजट में गोंडा शहर के लिए सफाई का साधन बनने वाली सीवर लाइन व मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई घोषणा नहीं की। जिससे शहरवासी निराश भी हैं।
भरेंगे 400 अधूरी नहरों के जख्म
किसानों के खेतों की सिंचाई आसान करने के लिए सिंचाई विभाग में पिछले 3 दशक से चल रही सरयू नहर परियोजना पर अब तक 8 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जिले में 400 किमी नहर अधूरी हैं।
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तीन चरणों में 42 डिवीजनों में चालू हुई रही सरयू नहर परियोजना का मकसद जिले में 3100 किलोमीटर नहर बनाना था। जिसका काम अब तक सरयू नहर विभाग जिले में पूरा नहीं कर पाया है। पिछले दो साल से सिंचाई विभाग को सरकार से इसके लिए एक पैसा नहीं मिला था।
लेकिन अबकी बार सरकार ने सरयू नहर परियोजना का काम जिलों में पूरा कराने के लिए जो 1 हजार 314 करोड़ रुपए की सौगात बख्शी है, उससे आने वाले समय में किसानों को नहरों से सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा।
नई लाइन से होगा तीन लाख घरों में उजाला
सौभाग्य योजना में घर-घर बिजली कनेक्शन देने, जो गांव विद्युतीकृत नहीं है, उसे नई लाइन से उर्जीकृत करने के लिए योगी सरकार ने अपने बजट मे करोड़ों रुपये पावर कॉर्पोरेशन को दिए हैं।
जिससे जिले के एक लाख गरीब परिवारों को जहां पूरी किट के साथ मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा तो वहीं दो लाख ऐसे परिवार, जो कि गरीबी रेखा से ऊपर जीवन-यापन कर रहे हैं, उनके घर भी बिजली कनेक्शन से आबाद किए जाएंगे। फिर चाहे उस गांव तक पावर कॉर्पोरेशन को लाखो रुपये से नई लाइन बनाकर गांव का विद्युतीकरण ही क्यों न करना पड़े।
जरवल-गोंडा रोड को बजट की संजीवनी
योगी सरकार ने अपने बजट में जहां जिला मुख्यालय को फोर लेन से जोडने की घोषणा की है तो वहीं जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली जरवल-गोंडा रोड का काम पूरा कराने के लिए करोड़ों रुपए का बजट भी जारी किया है।
जबकि क्षतिग्रस्त पुलों की जगह नए पुल बनाने, जिला प्रमुख मार्ग, जिला मार्ग व ग्रामीण मार्गों के लिए भी करोड़ों रुपया आवंटित किया है। जिससे न सिर्फ सड़कों के जख्म भरे जाएंगे, बल्कि कई जरूरी सड़कों का भी निर्माण किया जाएगा। ताकि लोगों के आवागमन की की दिक्कतें आसान हो सकें।
केंद्रीय मार्ग निधि योजना में कई राजमार्गों का चौड़ीकरण भी होना है। जिसका लाभ जिले की कई सड़कों को मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरों के लिए बाईपास व फ्लाईओवर के अलावा ग्रामीण अंचलों में नदियों व बड़े नालों पर पुल, पुलिया के निर्माण की भी व्यवस्था सरकार ने अपने बजट में की है।
जल्दी बनकर तैयार होगा इंजीनियरिंग कॉलेज
उतरौला रोड पर पिछले दो साल से निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज का काम पूरा कराने के लिए योगी सरकार ने 7 करोड़ रुपए का बजट अवमुक्त किया है। इससे पहले अखिलेश सरकार ने अपने बजट में इस इंजीनियरिंग कालेज के लिए करोड़ों रुपये का बजट दिया था।
लेकिन काम पूरा न होने के कारण सरकार को इसके लिए और पैसे देने पड़े। जैसे ही इस इंजीनियरिंग कॉलेज का काम पूरा हो जाता है। जिले से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और वह अपने जिले में ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे।
अमृत योजना में पाइप लाइन से होगी 7 हजार घरों में पानी की सप्लाई
जेएनयूआरएम का नाम बदलकर लागू की गई अमृत योजना के लिए भी प्रदेश सरकार ने अबकी बार के बजट में धन की व्यवस्था की है। इस योजना का काम जिले में चालू है। जिसके तहत 7 हजार घरों तक पाइप लाइन बिछाकर उन्हें पेयजल की आपूर्ति की जानी है।
वहीं शहर के आवास विकास स्थित दो पार्कों के सौंदर्यीकरण का काम भी इस योजना में होना है। इसके अलावा कान्हा गौशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना में भी बजट की व्यवस्था किए जाने से जल्दी ही शहर आवारा पशुओं से मुक्त होगा।
जबकि मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत भी शहर की कई बस्तियां आबाद होंगी। जिसके लिए सरकार ने बजट में व्यवस्था कर रखी है।
100 से ऊपर विद्यालयों में होगा चहारदीवारी का निर्माण
जिले में 100 से ऊपर विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी अपनी कोई चहारदीवार ही नहीं है। इस कारण यहां पढने वाले बच्चे हर वक्त खौफ जदा रहते हैं। लेकिन अबकी बार सरकार की ओर से बेसिक शिक्षा में चहारदीवारी के निर्माण, विद्यालय के फर्नीचर, पेयजल व. बिजली के लिए अलग से धन की व्यवस्था किए जाने से बेसिक शिक्षा की शैक्षिक तस्वीर में सुधार होगा।
सीवर लाइन और मेडिकल कॉलेज ने किया उदास
शुक्रवार को विधानसभा में पेश बजट में योगी सरकार ने वैसे तो हर वर्ग को साधने की कोशिश की। लेकिन सरकार के इस बजट से शहरवासियों को कुछ निराशा मेडिकल कालेज व सीवर लाइन को लेकर जरूर हुई है।
क्योंकि गोंडा शहर में सफाई का साधन बनने वाली सीवर लाइन का प्रोजेक्ट जिले में पिछले 5 साल से पाइपलाइन में ही पड़ा है। जबकि कई बार शासन स्तर से इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तक तैयार करके भारत सरकार को एप्रूवल के लिए भेजी जा चुकी है। प्रोजेक्ट मे केंद्र व प्रदेश सरकार को मिलकर पैसा देना है।
लेकिन सरकार की ओर से अबकी बार भी इसके लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए। जबकि मुख्यालय स्थित बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय की मौजूदा वक्त क्षमता 174 बेड की है जो आने वाले कुछ दिनों में बढ़कर 300 बेड हो जाएगी। बावजूद इसके गोंडा को मेडिकल कॉलेज की सौगात से नहीं नवाजा गया। जिसे लेकर लोगों को सरकार के इस बजट से मायूसी भी हुई।
गोंडा। विधानसभा में शुक्रवार को पेश बजट में जहां किसानों को साधने के लिए जिले में पिछले तीन दशक से चल रही सरयू नहर परियोजना को करोड़ों की नेमत बख्शी तो वहीं सौभाग्य योजना में जिले के 3 लाख घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए नई लाइन बनाकर लोगों को कनेक्शन देने के लिए भी करोड़ों रुपए दिए।
इसके साथ ही उतरौला रोड पर निमार्णाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 7 करोड़ रुपए अलग से दिए। ताकि जिले के होनहारों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए शहर से बाहर न जाना पड़े। हालांकि सरकार ने अपने बजट में गोंडा शहर के लिए सफाई का साधन बनने वाली सीवर लाइन व मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई घोषणा नहीं की। जिससे शहरवासी निराश भी हैं।
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भरेंगे 400 अधूरी नहरों के जख्म
किसानों के खेतों की सिंचाई आसान करने के लिए सिंचाई विभाग में पिछले 3 दशक से चल रही सरयू नहर परियोजना पर अब तक 8 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जिले में 400 किमी नहर अधूरी हैं।
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तीन चरणों में 42 डिवीजनों में चालू हुई रही सरयू नहर परियोजना का मकसद जिले में 3100 किलोमीटर नहर बनाना था। जिसका काम अब तक सरयू नहर विभाग जिले में पूरा नहीं कर पाया है। पिछले दो साल से सिंचाई विभाग को सरकार से इसके लिए एक पैसा नहीं मिला था।
लेकिन अबकी बार सरकार ने सरयू नहर परियोजना का काम जिलों में पूरा कराने के लिए जो 1 हजार 314 करोड़ रुपए की सौगात बख्शी है, उससे आने वाले समय में किसानों को नहरों से सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा।
नई लाइन से होगा तीन लाख घरों में उजाला
सौभाग्य योजना में घर-घर बिजली कनेक्शन देने, जो गांव विद्युतीकृत नहीं है, उसे नई लाइन से उर्जीकृत करने के लिए योगी सरकार ने अपने बजट मे करोड़ों रुपये पावर कॉर्पोरेशन को दिए हैं।
जिससे जिले के एक लाख गरीब परिवारों को जहां पूरी किट के साथ मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा तो वहीं दो लाख ऐसे परिवार, जो कि गरीबी रेखा से ऊपर जीवन-यापन कर रहे हैं, उनके घर भी बिजली कनेक्शन से आबाद किए जाएंगे। फिर चाहे उस गांव तक पावर कॉर्पोरेशन को लाखो रुपये से नई लाइन बनाकर गांव का विद्युतीकरण ही क्यों न करना पड़े।
जरवल-गोंडा रोड को बजट की संजीवनी
योगी सरकार ने अपने बजट में जहां जिला मुख्यालय को फोर लेन से जोडने की घोषणा की है तो वहीं जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली जरवल-गोंडा रोड का काम पूरा कराने के लिए करोड़ों रुपए का बजट भी जारी किया है।
जबकि क्षतिग्रस्त पुलों की जगह नए पुल बनाने, जिला प्रमुख मार्ग, जिला मार्ग व ग्रामीण मार्गों के लिए भी करोड़ों रुपया आवंटित किया है। जिससे न सिर्फ सड़कों के जख्म भरे जाएंगे, बल्कि कई जरूरी सड़कों का भी निर्माण किया जाएगा। ताकि लोगों के आवागमन की की दिक्कतें आसान हो सकें।
केंद्रीय मार्ग निधि योजना में कई राजमार्गों का चौड़ीकरण भी होना है। जिसका लाभ जिले की कई सड़कों को मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरों के लिए बाईपास व फ्लाईओवर के अलावा ग्रामीण अंचलों में नदियों व बड़े नालों पर पुल, पुलिया के निर्माण की भी व्यवस्था सरकार ने अपने बजट में की है।
जल्दी बनकर तैयार होगा इंजीनियरिंग कॉलेज
उतरौला रोड पर पिछले दो साल से निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज का काम पूरा कराने के लिए योगी सरकार ने 7 करोड़ रुपए का बजट अवमुक्त किया है। इससे पहले अखिलेश सरकार ने अपने बजट में इस इंजीनियरिंग कालेज के लिए करोड़ों रुपये का बजट दिया था।
लेकिन काम पूरा न होने के कारण सरकार को इसके लिए और पैसे देने पड़े। जैसे ही इस इंजीनियरिंग कॉलेज का काम पूरा हो जाता है। जिले से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और वह अपने जिले में ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे।
अमृत योजना में पाइप लाइन से होगी 7 हजार घरों में पानी की सप्लाई
जेएनयूआरएम का नाम बदलकर लागू की गई अमृत योजना के लिए भी प्रदेश सरकार ने अबकी बार के बजट में धन की व्यवस्था की है। इस योजना का काम जिले में चालू है। जिसके तहत 7 हजार घरों तक पाइप लाइन बिछाकर उन्हें पेयजल की आपूर्ति की जानी है।
वहीं शहर के आवास विकास स्थित दो पार्कों के सौंदर्यीकरण का काम भी इस योजना में होना है। इसके अलावा कान्हा गौशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना में भी बजट की व्यवस्था किए जाने से जल्दी ही शहर आवारा पशुओं से मुक्त होगा।
जबकि मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत भी शहर की कई बस्तियां आबाद होंगी। जिसके लिए सरकार ने बजट में व्यवस्था कर रखी है।
100 से ऊपर विद्यालयों में होगा चहारदीवारी का निर्माण
जिले में 100 से ऊपर विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी अपनी कोई चहारदीवार ही नहीं है। इस कारण यहां पढने वाले बच्चे हर वक्त खौफ जदा रहते हैं। लेकिन अबकी बार सरकार की ओर से बेसिक शिक्षा में चहारदीवारी के निर्माण, विद्यालय के फर्नीचर, पेयजल व. बिजली के लिए अलग से धन की व्यवस्था किए जाने से बेसिक शिक्षा की शैक्षिक तस्वीर में सुधार होगा।
सीवर लाइन और मेडिकल कॉलेज ने किया उदास
शुक्रवार को विधानसभा में पेश बजट में योगी सरकार ने वैसे तो हर वर्ग को साधने की कोशिश की। लेकिन सरकार के इस बजट से शहरवासियों को कुछ निराशा मेडिकल कालेज व सीवर लाइन को लेकर जरूर हुई है।
क्योंकि गोंडा शहर में सफाई का साधन बनने वाली सीवर लाइन का प्रोजेक्ट जिले में पिछले 5 साल से पाइपलाइन में ही पड़ा है। जबकि कई बार शासन स्तर से इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तक तैयार करके भारत सरकार को एप्रूवल के लिए भेजी जा चुकी है। प्रोजेक्ट मे केंद्र व प्रदेश सरकार को मिलकर पैसा देना है।
लेकिन सरकार की ओर से अबकी बार भी इसके लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए। जबकि मुख्यालय स्थित बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय की मौजूदा वक्त क्षमता 174 बेड की है जो आने वाले कुछ दिनों में बढ़कर 300 बेड हो जाएगी। बावजूद इसके गोंडा को मेडिकल कॉलेज की सौगात से नहीं नवाजा गया। जिसे लेकर लोगों को सरकार के इस बजट से मायूसी भी हुई।