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703 स्कूलों ने नहीं बनाया स्टूडेंट डाटाबेस
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:36 PM IST
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703 स्कूलों ने नहीं बनाया स्टूडेंट डाटाबेस
आंकड़े जुटाने में फिसड्डी रहा बेसिक शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। स्कूलों में छात्रों के नामांकन के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तैयार की जा रही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। समय सीमा बीतने के बावजूद 703 स्कूल छात्रों से संबंधित 35 बिंदुओं की सूचना देने वाला स्टूडेंट डाटाबेस नहीं तैयार कर सके हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक बीएसए से 18 जून तक पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही इस कार्य में हुई देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
स्कूलों में नामांकन के फजीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पिछले जुलाई माह में भारत सरकार ने चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना का खाका तैयार किया था। इस योजना के अंतर्गत जिले के 4914 सरकारी व मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूलों मेें पढने वाले 6.63 लाख छात्र छात्राओं की प्रोफाइल तैयार कर उसे सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड किया जाना था। बच्चों की प्रोफाइल तैयार करने के लिए 35 बिंदुओं की सूचना वाला एक प्रारुप तैयार किया गया था जिसमें छात्र छात्रों संबंधित सूचना एकत्र कर उसे बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान को उपलब्ध कराया जाना था। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने इस काम को दिसंबर 2016 तक पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन स्कूल संचालकों की मनमानी व अफसरों की शिथिलता से यह सूचना समय पर नही तैयार हो सकी। इस पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी गई। बावजूद इसके अधिकतर स्कूलों के संचालक इस सूचना को देने में आनाकानी करते रहे। अब भी 703 स्कूल ऐसे है जिनके स्कूलों का स्टूडेंट डाटाबेस जिले पर नही पहुंचा है। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 18 जून तक सभी स्कूलों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस काम में हुई अनावश्यक देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
इनसेट
मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी बेअसर
गोंडा। स्टूडेंट डाटाबेस तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले स्कूल संचालकों को तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने नोटिस भेजकर मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी भी जारी की थी लेकिन बीएसए की इस चेतावनी का भी कोई असर स्कूल संचालकों पर नही पड़ा और उन्होने यू डायस प्रपत्र पर छात्रों के संबंध में दी जाने वाली 35 बिंदुओ की सूचना बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध नही कराई।
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इनसेट
80 परिषदीय स्कूल भी नहीं दे सके सूचना
गोंडा। निजी स्कूलों की मनमानी ने विभग की किरकिरी तो कराई ही खुद बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल भी इसमें पीछे नही रहे। अब तक 80 ऐसे परिषदीय स्कूल है जिन्होने छात्र छात्राओं के संबंध में दी जाने वाली 35 बिंद़ओ की सूचना विभाग को नही उपलब्ध कराई है। सूचना उपलब्ध कराने में पंडरीकृपाल,छपिया व तरबगंज सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। पंडरीकृपाल के 32,छपिया के 13 व तरबगंज के 11 स्कूलों ने अब तक यू डायस प्रपत्र पर सूचना नही भेजी है।
इनसेट
यू डायस प्रपत्र पर स्टूडेंट डाटाबेस की सूचना उपलब्ध न कराने वाले स्कूलों में माध्यमिक व अल्पसंख्यक विभाग के मदरसों की बड़ी संख्या है। इसके परिपेक्ष्य में संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। साथ ही परिषदीय स्कूलों की सूचना को लेकर संबंधित ब्लाक के बीईओ को निदेर्शित किया गया है।
संतोष कुमार देव पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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आंकड़े जुटाने में फिसड्डी रहा बेसिक शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। स्कूलों में छात्रों के नामांकन के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तैयार की जा रही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। समय सीमा बीतने के बावजूद 703 स्कूल छात्रों से संबंधित 35 बिंदुओं की सूचना देने वाला स्टूडेंट डाटाबेस नहीं तैयार कर सके हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक बीएसए से 18 जून तक पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही इस कार्य में हुई देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
स्कूलों में नामांकन के फजीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पिछले जुलाई माह में भारत सरकार ने चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना का खाका तैयार किया था। इस योजना के अंतर्गत जिले के 4914 सरकारी व मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूलों मेें पढने वाले 6.63 लाख छात्र छात्राओं की प्रोफाइल तैयार कर उसे सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड किया जाना था। बच्चों की प्रोफाइल तैयार करने के लिए 35 बिंदुओं की सूचना वाला एक प्रारुप तैयार किया गया था जिसमें छात्र छात्रों संबंधित सूचना एकत्र कर उसे बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान को उपलब्ध कराया जाना था। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने इस काम को दिसंबर 2016 तक पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन स्कूल संचालकों की मनमानी व अफसरों की शिथिलता से यह सूचना समय पर नही तैयार हो सकी। इस पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी गई। बावजूद इसके अधिकतर स्कूलों के संचालक इस सूचना को देने में आनाकानी करते रहे। अब भी 703 स्कूल ऐसे है जिनके स्कूलों का स्टूडेंट डाटाबेस जिले पर नही पहुंचा है। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 18 जून तक सभी स्कूलों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस काम में हुई अनावश्यक देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी बेअसर
गोंडा। स्टूडेंट डाटाबेस तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले स्कूल संचालकों को तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने नोटिस भेजकर मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी भी जारी की थी लेकिन बीएसए की इस चेतावनी का भी कोई असर स्कूल संचालकों पर नही पड़ा और उन्होने यू डायस प्रपत्र पर छात्रों के संबंध में दी जाने वाली 35 बिंदुओ की सूचना बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध नही कराई।
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80 परिषदीय स्कूल भी नहीं दे सके सूचना
गोंडा। निजी स्कूलों की मनमानी ने विभग की किरकिरी तो कराई ही खुद बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल भी इसमें पीछे नही रहे। अब तक 80 ऐसे परिषदीय स्कूल है जिन्होने छात्र छात्राओं के संबंध में दी जाने वाली 35 बिंद़ओ की सूचना विभाग को नही उपलब्ध कराई है। सूचना उपलब्ध कराने में पंडरीकृपाल,छपिया व तरबगंज सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। पंडरीकृपाल के 32,छपिया के 13 व तरबगंज के 11 स्कूलों ने अब तक यू डायस प्रपत्र पर सूचना नही भेजी है।
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यू डायस प्रपत्र पर स्टूडेंट डाटाबेस की सूचना उपलब्ध न कराने वाले स्कूलों में माध्यमिक व अल्पसंख्यक विभाग के मदरसों की बड़ी संख्या है। इसके परिपेक्ष्य में संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। साथ ही परिषदीय स्कूलों की सूचना को लेकर संबंधित ब्लाक के बीईओ को निदेर्शित किया गया है।
संतोष कुमार देव पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी