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सरयू की कटान में समाई 200 बीघा जमीन
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गोंडा में करनैलगंज के नकहरा में बंधे को सही करते हुए कर्मी।
- फोटो : GONDA
करनैलगंज(गोंडा)। सरयू का जलस्तर लगातार घटते- बढ़ते रहने के बावजूद खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गुरुवार दोपहर तक सरयू का जलस्तर घट रहा था लेकिन दोपहर बाद से जलस्तर घटने का सिलसिला भी बंद हो गया। नदी और बांध के बीच खाली पड़ी कृषि योग्य भूमि को सरयू काटकर निगल रही है। करीब 2 सौ बीघे से अधिक भूमि कटकर नदी में समा गई। बांध में भी कटान का खतरा तेजी से मंडरा रहा है। बाढ़ के पानी से घिरे करीब एक दर्जन ग्राम पंचायत व मजरों की हालत खराब होती जा रही है।
नकहरा गांव के तीन मजरे पुगहन पुरवा, बसंतलाल पुरवा एवं तीरथराम पुरवा पानी से चौतरफा घिर गए हैं। माझा रायपुर, नैपूरा एवं परसावल ग्राम पंचायत में पूरी तरह पानी भर गया है। मंगलपुरवा, गोली पुरवा, नउवन पुरवा एवं रायपुर में गांव के भीतर पानी चल रहा है। इन गांवों से लोग ऊंचे स्थान की तलाश में निकल चुके हैं। सुरक्षित स्थान पर अपना आशियाना बनाने में लगे हैं। अधिकांश आबादी बांध और उसके नजदीक के ऊंचे स्थानों पर पहुंच चुकी है।
वहीं तमाम लोग गांव के बाहर अपना आशियाना बनाने में लग गए हैं।
गोंडा एवं बाराबंकी के सीमा पर बसे इन गांवों में पानी भर जाने से लोग परेशान हैं। वहीं दोनों जिलों के प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिल पा रही है। ग्राम बांसगांव एवं रायपुर के सामने एल्गिन चरसडी बांध पर नदी का दबाव बढ़ रहा है। जिससे बांध को खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि नदी का जलस्तर बुधवार से घटा है और नदी स्थिर है। बांध सुरक्षित है अभी किसी प्रकार का कोई खतरा बांध को नहीं है।
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नकहरा गांव के तीन मजरे पुगहन पुरवा, बसंतलाल पुरवा एवं तीरथराम पुरवा पानी से चौतरफा घिर गए हैं। माझा रायपुर, नैपूरा एवं परसावल ग्राम पंचायत में पूरी तरह पानी भर गया है। मंगलपुरवा, गोली पुरवा, नउवन पुरवा एवं रायपुर में गांव के भीतर पानी चल रहा है। इन गांवों से लोग ऊंचे स्थान की तलाश में निकल चुके हैं। सुरक्षित स्थान पर अपना आशियाना बनाने में लगे हैं। अधिकांश आबादी बांध और उसके नजदीक के ऊंचे स्थानों पर पहुंच चुकी है।
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वहीं तमाम लोग गांव के बाहर अपना आशियाना बनाने में लग गए हैं।
गोंडा एवं बाराबंकी के सीमा पर बसे इन गांवों में पानी भर जाने से लोग परेशान हैं। वहीं दोनों जिलों के प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिल पा रही है। ग्राम बांसगांव एवं रायपुर के सामने एल्गिन चरसडी बांध पर नदी का दबाव बढ़ रहा है। जिससे बांध को खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि नदी का जलस्तर बुधवार से घटा है और नदी स्थिर है। बांध सुरक्षित है अभी किसी प्रकार का कोई खतरा बांध को नहीं है।
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