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बिना फिटनेस के कबाड़ हो जाएंगे 20 साल पुराने 25843 वाहन
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गोंडा। संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत 25843 वाहन कबाड़ हो जाएंगे। ये सभी वाहन 20 साल पुराने हो चुके हैं। जिससे इनकी मियाद समाप्त हो चुकी है। हालांकि इनमें से कुछ वाहन ऐसे भी हैं। जिनके मालिकों ने री-रजिस्ट्रेशन करा लिया था। उन्हें पांच साल तक संचालन की छूट मिलेगी। मगर फिटनेस के दौरान री-रजिस्ट्रेशन वाले वाहन अनफिट पाए गए तो उन्हें भी कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने नई वाहन कबाड़ नीति लागू करने का एलान कर दिया है। इसका असर गोंडा में भी पड़ेगा। यहां संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत 25843 कामर्शियल व निजी वाहन 20 साल पुराने हो चुके हैं। जिससे इन वाहनों की मियाद समाप्त हो चुकी है।
ऐसे में 25843 वाहन कबाड़ कर दिए जाएंगे। इनमें से कुछ वाहनों के मालिकों ने अपने वाहनों का री-रजिस्ट्रशन कर लिया है। जिससे उनके वाहनों को पांच साल के लिए तब तक वैध माना जाएगा। जब तक वह फिटनेेस में फेल न हों। अगर फिटनेस के दौरान री-रजिस्ट्रेशन वाले वाहन अनफिट मिले तो उन्हें भी कबाड़ कर दिया जाएगा।
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कबाड़ होने वाले वाहनों के मालिकों को संपूर्ण टैक्स चुकाने के साथ ही अपने वाहनों को कबाड़ी से कटवाने के बाद कबाड़ी की रसीद के साथ चेचिस नंबर लाकर संभागीय परिवहन विभाग में दिखाना होगा। जिसके बाद उनके वाहनों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
भारी वाहनों ट्रक, कंटेनर के साथ ही छोटे हल्के वाहनों का पहली बार ररजिस्ट्रशन पंद्रह साल के लिए होता है। मगर रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने पर उसका री-रजिस्ट्रशन सिर्फ पांच साल के लिए किया जाता है। इसी बीच वाहन अनफिट हो गया तो उसका री-रजिस्ट्रेशन भी नहीं किया जाएगा।
संभागीय परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक कामार्शियल नए वाहन को दो साल के लिए फिटनेस किया जाता है। अगर वाहन आठ साल पुराना हो गया है तो उसका एक-एक साल पर फिटनेस किया जाएगा।
अगर वाहन में कोई खराबी नहीं है तो एक-एक साल पर फिटनेस किया जाएगा। मगर वाहन में कोई तकनीकी खराबी है तो संभागीय निरीक्षक प्राविधिक तय करेंगे कि वह फिटनेस होने के लायक है या नहीं। इसके साथ ही निजी वाहनों का 15 साल पर फिटनेस करने का प्रावधान है।
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केन्द्र सरकार ने नई वाहन कबाड़ नीति लागू करने का एलान कर दिया है। इसका असर गोंडा में भी पड़ेगा। यहां संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत 25843 कामर्शियल व निजी वाहन 20 साल पुराने हो चुके हैं। जिससे इन वाहनों की मियाद समाप्त हो चुकी है।
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ऐसे में 25843 वाहन कबाड़ कर दिए जाएंगे। इनमें से कुछ वाहनों के मालिकों ने अपने वाहनों का री-रजिस्ट्रशन कर लिया है। जिससे उनके वाहनों को पांच साल के लिए तब तक वैध माना जाएगा। जब तक वह फिटनेेस में फेल न हों। अगर फिटनेस के दौरान री-रजिस्ट्रेशन वाले वाहन अनफिट मिले तो उन्हें भी कबाड़ कर दिया जाएगा।
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कबाड़ होने वाले वाहनों के मालिकों को संपूर्ण टैक्स चुकाने के साथ ही अपने वाहनों को कबाड़ी से कटवाने के बाद कबाड़ी की रसीद के साथ चेचिस नंबर लाकर संभागीय परिवहन विभाग में दिखाना होगा। जिसके बाद उनके वाहनों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
भारी वाहनों ट्रक, कंटेनर के साथ ही छोटे हल्के वाहनों का पहली बार ररजिस्ट्रशन पंद्रह साल के लिए होता है। मगर रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने पर उसका री-रजिस्ट्रशन सिर्फ पांच साल के लिए किया जाता है। इसी बीच वाहन अनफिट हो गया तो उसका री-रजिस्ट्रेशन भी नहीं किया जाएगा।
संभागीय परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक कामार्शियल नए वाहन को दो साल के लिए फिटनेस किया जाता है। अगर वाहन आठ साल पुराना हो गया है तो उसका एक-एक साल पर फिटनेस किया जाएगा।
अगर वाहन में कोई खराबी नहीं है तो एक-एक साल पर फिटनेस किया जाएगा। मगर वाहन में कोई तकनीकी खराबी है तो संभागीय निरीक्षक प्राविधिक तय करेंगे कि वह फिटनेस होने के लायक है या नहीं। इसके साथ ही निजी वाहनों का 15 साल पर फिटनेस करने का प्रावधान है।