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एल्गिन-चरसड़ी बांध का 150 मीटर हिस्सा नदी में समाया

Fri, 21 Jul 2017 08:46 PM IST
Updated Fri, 21 Jul 2017 08:46 PM IST
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एल्गिन-चरसड़ी बांध का 150 मीटर हिस्सा नदी में समाया
बांध का डेढ़ सौ मीटर हिस्सा नदी में समाया
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पांच और गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। घाघरा ने एल्गिन-चरसडी बांध पर शुक्रवार को जमकर कहर बरपाया। कटान की जद में आए बांध के दोनों नोज समेत करीब 150 मीटर मुख्य बांध का हिस्सा नदी में समा गया। बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के पांच नये गांवों को आगोश में ले लिया है। यदि बांध का हिस्सा कटता रहा तो आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति विकराल हो सकती है।
गुरुवार को घाघरा का पानी करनैलगंज क्षेत्र के पांच नये मजरों को घेर लिया। वहीं जो गांव पानी से खाली हो रहे थे उसमें एक बार फिर से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। ग्राम बहुवन मदार मांझा के मजरा बाबा मांझा, शिवगढ़ में पानी घटने लगा था तथा बाढ़ की स्थिति लगभग समाप्त होने को थी। शुक्रवार को पानी का फैलाव तेज होने से दोनों गांवों में पुन: पानी भर गया। वहीं भीम पुरवा, गोड़ियन पुरवा, मदन पुरवा, प्रधान पुरवा, धु्रवराजपुरवा, राम चंदर पुरवा पूरी तरह पानी से घिर गए है। देर शाम तक पानी गांवों में घुसने लगा था। दूसरी ओर घाघरा का बांध पर कहर जारी है। कट-वन एवं टू बांध के दोनों छोर नदी के निशाने पर आ गये हैं। दोनों तरफ बांध के नोज पूरी तरह कटकर नदी में समा चुके हैं। करीब 150 मीटर दूरी में बांध में कटान लगी हुई है। बांध का हिस्सा धीरे-धीरे करार लेकर नदी में समाता जा रहा है। रिंग बांध को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है जिससे लगातार रिंग बांध का हिस्सा कटकर धारा में जा रहा है। प्रतिदिन करीब 10 मीटर हिस्सा नदी में जा रहा है। यदि इसी तरह बांध का हिस्सा कटकर नदी में समाता रहा तो ग्राम नकहरा व काशीपुर के सामने बाढ़ की स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी विश्वनाथ शुक्ला, अमरेश सिंह सहित अन्य अधिकारी बांध को बचाने के लिए ब्रिक रोरा, तार के जाल में बालू की बोरियां, रस्सी में बांध कर पेड़ की डाल को नदी में फेंक कर कटान को रोंकने की जद्दोजहद में लगे रहे।
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इनसेट
घड़ियाल बना मुसीबत
बांध के किनारे बसे लोगों के लिए एक घड़ियाल मुसीबत बन गया है। ग्राम कमियार के निकट शुक्रवार को एक बड़ा घड़ियाल पानी से निकल कर बांध के ऊपर आ गया। उसके बाद लोगों की भीड़ जमा होने पर बांध के नीचे बैठा रहा। ग्राम वासी रामनेवाज यादव, पप्पू, द्रिगपाल आदि ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोग बांध पर रह रहे हैं तथा घड़ियाल उसी बांध के पास लगातार बैठा है। जिसकी सूचना लेखपाल के माध्यम से दी गई मगर कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया।
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इनसेट
बचाव कार्य जारी
उधर एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित अधिकांश मजरों में पानी समाप्त हो चुका है। बहुवन मांझा के कुछ मजरे पानी से घिरे हैं जहां लगातार निगरानी कराई जा रही है। नावें भी लगी हुई है। बाढ़ से बचाव के लिए कर्मचारी मौके पर लगे हुए हैं। लगातार स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव में काम्बिंग कर रहे है।
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