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Gonda News: आधार के फेर में 17,167 बच्चों की यूनिफॉर्म का पैसा फंसा
Wed, 15 Jan 2025 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:33 PM IST
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गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 17 हजार से अधिक बच्चों के पैसे आधार के फेर में फंस गए हैं। ऐसे में बिना यूनिफार्म, जूता, मोजा, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी के बच्चे स्कूल आने को मजबूर हैं।
शीतकालीन अवकाश के बाद बुधवार को परिषदीय विद्यालय खुल गए तो परिसर बच्चों की चहक से गूंज उठे। मगर उन्हें बिना यूनिफाॅर्म, स्वेटर के ठंड में ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा। मौजूदा सत्र में जिले के परिषदीय विद्यालयों में 3.13 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। नए सत्र के करीब 10 महीने बीतने के बाद 2.91 लाख बच्चों की डीबीटी के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि शासन के मंशा अनुरूप डीबीटी से लाभान्वित बच्चे यूनिफॉर्म में विद्यालय पहुंच रहे हैं। इस योजना के तहत बच्चों को यूनिफॉर्म के लिए कुल 1200 रुपये अभिभावक के खाते में भेजा जा रहा है। इसमें छह सौ रुपये में यूनिफॉर्म, दो सौ रुपये में स्वेटर, 175 रुपये में जूता-मोजा, 125 रुपये में बैग और 100 रुपये की स्टेशनरी खरीदकर नियमित बच्चों को स्कूल भेजा जाना है। ताकि गरीब परिवार का बच्चा भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके।
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शिक्षक स्तर पर लंबित है चार हजार से अधिक की डीबीटी
शिक्षा सत्र के करीब 10 महीने बाद 4,844 से अधिक बच्चों की डीबीटी की प्रक्रिया शिक्षक स्तर पर लंबित बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि डीएम के आदेश के बावजूद जहां तहसील स्तर पर बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाने में मुश्किलें आ रहीं हैं। इससे उनका आधार नहीं बन पा रहा है। कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूरी पर आधार सेवा केंद्रों पर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि बीआरसी पर आधार बनाने के दावे किए जा रहे हैं।
यह है हाल
डीबीटी के मामले में बेलसर और तरबगंज ब्लॉक की हालत सबसे खराब बताई जा रही है। बेलसर में सबसे अधिक 572 और तरबगंज में 450 बच्चों को प्रक्रिया विद्यालय व शिक्षक स्तर पर लंबित है। इसके साथ ही नवाबगंज 383, इटियाथोक 337 और बभनजोत 335 बच्चों की प्रक्रिया लंबित है। बेलसर बीईओ राम खेलावन सिंह ने बताया कि सभी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों का नहीं बन पा रहा जन्म प्रमाणपत्र
डीबीटी का लाभ दिलाने के लिए बच्चों का आधार नहीं बन पा रहा है। उसके लिए उनके पास जन्मप्रमाण पत्र न होने से मुश्किलें आ रही है। इसको लेकर संंबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है। मगर समाधान नहीं हो सका है।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
जल्द समस्या का कराया जाएगा समाधान
बीएसए के साथ समीक्षा की गई है। आधार व जन्म प्रमाणपत्र जारी हो सकें, इसके लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। अगर बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया तो गंभीर बात है। जल्द समस्या का समाधान कराया जा रहा है।
-- आलोक कुमार, एडीएम
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शीतकालीन अवकाश के बाद बुधवार को परिषदीय विद्यालय खुल गए तो परिसर बच्चों की चहक से गूंज उठे। मगर उन्हें बिना यूनिफाॅर्म, स्वेटर के ठंड में ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा। मौजूदा सत्र में जिले के परिषदीय विद्यालयों में 3.13 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। नए सत्र के करीब 10 महीने बीतने के बाद 2.91 लाख बच्चों की डीबीटी के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
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जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि शासन के मंशा अनुरूप डीबीटी से लाभान्वित बच्चे यूनिफॉर्म में विद्यालय पहुंच रहे हैं। इस योजना के तहत बच्चों को यूनिफॉर्म के लिए कुल 1200 रुपये अभिभावक के खाते में भेजा जा रहा है। इसमें छह सौ रुपये में यूनिफॉर्म, दो सौ रुपये में स्वेटर, 175 रुपये में जूता-मोजा, 125 रुपये में बैग और 100 रुपये की स्टेशनरी खरीदकर नियमित बच्चों को स्कूल भेजा जाना है। ताकि गरीब परिवार का बच्चा भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके।
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शिक्षक स्तर पर लंबित है चार हजार से अधिक की डीबीटी
शिक्षा सत्र के करीब 10 महीने बाद 4,844 से अधिक बच्चों की डीबीटी की प्रक्रिया शिक्षक स्तर पर लंबित बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि डीएम के आदेश के बावजूद जहां तहसील स्तर पर बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाने में मुश्किलें आ रहीं हैं। इससे उनका आधार नहीं बन पा रहा है। कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूरी पर आधार सेवा केंद्रों पर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि बीआरसी पर आधार बनाने के दावे किए जा रहे हैं।
यह है हाल
डीबीटी के मामले में बेलसर और तरबगंज ब्लॉक की हालत सबसे खराब बताई जा रही है। बेलसर में सबसे अधिक 572 और तरबगंज में 450 बच्चों को प्रक्रिया विद्यालय व शिक्षक स्तर पर लंबित है। इसके साथ ही नवाबगंज 383, इटियाथोक 337 और बभनजोत 335 बच्चों की प्रक्रिया लंबित है। बेलसर बीईओ राम खेलावन सिंह ने बताया कि सभी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों का नहीं बन पा रहा जन्म प्रमाणपत्र
डीबीटी का लाभ दिलाने के लिए बच्चों का आधार नहीं बन पा रहा है। उसके लिए उनके पास जन्मप्रमाण पत्र न होने से मुश्किलें आ रही है। इसको लेकर संंबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है। मगर समाधान नहीं हो सका है।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
जल्द समस्या का कराया जाएगा समाधान
बीएसए के साथ समीक्षा की गई है। आधार व जन्म प्रमाणपत्र जारी हो सकें, इसके लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। अगर बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया तो गंभीर बात है। जल्द समस्या का समाधान कराया जा रहा है।