{"_id":"5b75c3d142c7927e793b70b5","slug":"171534444497-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरे दिन टीवी स्क्रीन पर लोग लेते रहे हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरे दिन टीवी स्क्रीन पर लोग लेते रहे हाल
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। लोकप्रिय पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी के हालत खराब होने की खबर सुबह ही पूरे जिले में फैल गई। गोंडा से जुड़े होने के कारण अटल बिहारी वाजपेयी की हालत पर हर किसी की नजर थी। कोई टीवी से चिपका रहा तो कोई मोबाइल पर ही आनलाइन साइटों से जानकारी लेते देखे गए। हर पल टीवी पर आ रही सूचनाओं से हालत में सुधार की खबर न मिलने पर लोग दुआ मांगने की मुद्रा में आते रहे। लेकिन शाम को ऐसी सूचना मिली की हर कोई आवाक रह गया। शाम करीब 5 बजकर 5 मिनट पर लोगों को अटल जी के निधन की सूचना मिल चुकी है।
शहर का कोई भी कोना नही था, जहां उनकी यादों और स्टाइल की चर्चाएं आम थीं। विनोदी स्वभाव की चर्चा हर कोई कर रहा था। वरिष्ठ भाजपा नेता केके श्रीवास्तव की आंखें आसुओं के झरने में बदल चुकी थीं। भर्राए गले से कहाकि 1990 में एक कार्यक्रम में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी थे और संचालन पर उनके खुश हुए थे। पीठ थपथपाई थी कि अच्छा लगा।
कहाकि वे मीडिया प्रभार का कार्य देखते थे और प्रेस वार्ता में सबका परिचय करा रहे थे तो अटल जी ने पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह से कहाकि आप इनका परिचय तो करा दीजिए। ऐसे ही वो दिन याद करके उनके आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। ऐसे ही डाकखाने चौराहे, चौक, उतरौला रोड़, मनकापुर बसस्टाप, बडगांव, रानी बाजार आदि इलाकों में अटल जी के खूबियों का बखानकर हर कोई नम आंखों से उन्हे याद कर रहा था।
विज्ञापन
सभी उनके कवि ह्दय और स्वभाव को लेकर कायल दिखे। यहां तक घरों में परिवार के लोगों ने भी जब टीवी पर देखा तो टीवी का चैनल बदल-बदल कर देखने लगे। मानों निधन की सूचना पर भरोसा ही नही हो रहा था। दिनभर सेहत की जानकारी लेते थक चुकी आंखें शाम को ऐसे नम हुईं कि हर किसी की आंखे भीगी रहीं।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक जताने का दौर शुरू हो गया। सर्वमान्य नेता होने के कारण हर कोई दुखी है। भाजपा के साथ ही अन्य दलों के लोगों और बुद्वजीवियों में शोक की लहर है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक प्रेम नरायन पांडे, प्रभात वर्मा, बावन सिंह, विनय द्विवेदी, पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह, सांसद समेत भाजपा नेताओं ने शोक जताया है। सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने भी दुख जताया।
विज्ञापन
शहर का कोई भी कोना नही था, जहां उनकी यादों और स्टाइल की चर्चाएं आम थीं। विनोदी स्वभाव की चर्चा हर कोई कर रहा था। वरिष्ठ भाजपा नेता केके श्रीवास्तव की आंखें आसुओं के झरने में बदल चुकी थीं। भर्राए गले से कहाकि 1990 में एक कार्यक्रम में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी थे और संचालन पर उनके खुश हुए थे। पीठ थपथपाई थी कि अच्छा लगा।
विज्ञापन
कहाकि वे मीडिया प्रभार का कार्य देखते थे और प्रेस वार्ता में सबका परिचय करा रहे थे तो अटल जी ने पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह से कहाकि आप इनका परिचय तो करा दीजिए। ऐसे ही वो दिन याद करके उनके आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। ऐसे ही डाकखाने चौराहे, चौक, उतरौला रोड़, मनकापुर बसस्टाप, बडगांव, रानी बाजार आदि इलाकों में अटल जी के खूबियों का बखानकर हर कोई नम आंखों से उन्हे याद कर रहा था।
विज्ञापन
सभी उनके कवि ह्दय और स्वभाव को लेकर कायल दिखे। यहां तक घरों में परिवार के लोगों ने भी जब टीवी पर देखा तो टीवी का चैनल बदल-बदल कर देखने लगे। मानों निधन की सूचना पर भरोसा ही नही हो रहा था। दिनभर सेहत की जानकारी लेते थक चुकी आंखें शाम को ऐसे नम हुईं कि हर किसी की आंखे भीगी रहीं।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक जताने का दौर शुरू हो गया। सर्वमान्य नेता होने के कारण हर कोई दुखी है। भाजपा के साथ ही अन्य दलों के लोगों और बुद्वजीवियों में शोक की लहर है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक प्रेम नरायन पांडे, प्रभात वर्मा, बावन सिंह, विनय द्विवेदी, पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह, सांसद समेत भाजपा नेताओं ने शोक जताया है। सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने भी दुख जताया।