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निर्देश के बावजूद डीएम ने तत्काल नहीं कराया सत्यापन
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:48 PM IST
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शासन ने दिया था निर्देश फिर भी डीएम ने कराया सत्यापन
गोंडा। अनाज घोटाले में डीएम सहित पांच अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। इस मामले में अभी मंडल स्तर के दो अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। जांच रिपोर्ट में संभागीय खाद्य नियंत्रक एवं संभागीय खाद्य आयुक्त गोंडा और बस्ती भी कटघरे में खड़े हो गए हैं।
जिस दिन भारी मात्रा में सरकारी अनाज बरामद हुआ था उसी दिन शासन ने डीएम गोंडा को सभी गोदामों का तत्काल सत्यापन का निर्देश दिया था लेकिन डीएम गोंडा जेबी सिंह ने सत्यापन नहीं कराया। इससे घोटालेबाजों व सफेदपोश लोगों को बल मिल गया और डीएम द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट भी भ्रामक निकली।
गौरतलब है कि बीते 27 मई को वजीरगंज के कोदई बंधवा गांव में एक पवन सिंह नामक व्यक्ति के निजी गोदाम में भारी मात्रा में सरकारी अनाज पकड़ा गया था।
इसमें डीएम गोंडा के दो जून को शासन को रिपोर्ट भेजी कि तरबगंज के क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद एवं गोदाम प्रभारी ने अपने दायित्यों का निर्वहन नहीं किया।
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इतना ही नहीं प्रभारी जिला पूूर्ति अधिकारी राजीव कुमार व डिप्टी आरएमओ द्वारा भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित किया गया जिसमें केवल 7959 बोरे ही कालाबाजारी के लिए दिखाया गया, जबकि शासन से आई टीम ने अपनी जांच में 9162 बोरियां दिखाई गई हैं।
जिस दिन भारी मात्रा में अनाज पकड़ा गया उस दिन आयुक्त खाद्य एवं रसद द्वारा तत्काल सभी गोदामों का सत्यापन कराने, उठान व वितरण का स्टाक मिलाने का निर्देश दिया गया लेकिन डीएम ने सत्यापन नहीं कराया गया और अपने मातहतों की रिपोर्ट पर ही विश्वास कर आख्या भेज दी गई।
इस मामले में शासन ने अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद अनूप शंकर व अपर आयुक्त प्रशासन संतोष कुमार की संयुुक्त टीम बना कर मौके पर जांच कराया। जांच टीम ने सभी गोदामों पर जाकर व जहां पर भारी मात्रा में अनाज पकड़ा गया सत्यापन किया।
मौके पर मिले लोगों, गोदाम प्रभारियों तथा एफसीआई के अधिकारियों व कर्मचारियों से बयान लिए गए। जांच आख्या में दर्शाया गया है कि बीते 26 मई को एफसीआइ गोदाम से ट्रक संख्या 40 टी-5728 शाम 6.24 पर झंझरी गोदाम के लिए 400 बोरी अनाज लेकर निकला।
जो झंझरी गोदाम न पहुंच कर सीधे बंधवा में निजी गोदाम पर पहुंच गया। जांच में यह भी दिखाया गया है कि जिला मुख्यालय द्वारा 14032 बोरा अनाज का आवंटन किया गया जिसमें 13971 बोरे अनाज का आर्डर रिलीज हो गया। इसमें 8026 बोरे अनाज गोदामों को भेजे गए।
जांच टीम ने स्पष्ट कहा है कि 9162 बोरियों के अनाज राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अनाज था जो कालाबाजारी के उद्देश्य से संग्रहित कराया गया था। इसमें पर्यवेक्षण व सत्यापन ठीक से नहीं किया गया।
इसके लिए जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग, विपणन शाखा के केंद्र, तहसील जिला एवं मंडल स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा घोर अनियमितता की गई है।
इसके लिए विपणन निरीक्षक झंझरी भारत, पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक राजेश कुमार, संभागीय खाद्य अधिकारी केके सिंह, उपायुक्त खाद्य देवीपाटन एवं बस्ती मंडल सत्येंद्र कुमार सिंह ने अपने दायित्यों का निर्वहन नहीं किया।
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गोंडा। अनाज घोटाले में डीएम सहित पांच अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। इस मामले में अभी मंडल स्तर के दो अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। जांच रिपोर्ट में संभागीय खाद्य नियंत्रक एवं संभागीय खाद्य आयुक्त गोंडा और बस्ती भी कटघरे में खड़े हो गए हैं।
जिस दिन भारी मात्रा में सरकारी अनाज बरामद हुआ था उसी दिन शासन ने डीएम गोंडा को सभी गोदामों का तत्काल सत्यापन का निर्देश दिया था लेकिन डीएम गोंडा जेबी सिंह ने सत्यापन नहीं कराया। इससे घोटालेबाजों व सफेदपोश लोगों को बल मिल गया और डीएम द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट भी भ्रामक निकली।
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गौरतलब है कि बीते 27 मई को वजीरगंज के कोदई बंधवा गांव में एक पवन सिंह नामक व्यक्ति के निजी गोदाम में भारी मात्रा में सरकारी अनाज पकड़ा गया था।
इसमें डीएम गोंडा के दो जून को शासन को रिपोर्ट भेजी कि तरबगंज के क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद एवं गोदाम प्रभारी ने अपने दायित्यों का निर्वहन नहीं किया।
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इतना ही नहीं प्रभारी जिला पूूर्ति अधिकारी राजीव कुमार व डिप्टी आरएमओ द्वारा भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित किया गया जिसमें केवल 7959 बोरे ही कालाबाजारी के लिए दिखाया गया, जबकि शासन से आई टीम ने अपनी जांच में 9162 बोरियां दिखाई गई हैं।
जिस दिन भारी मात्रा में अनाज पकड़ा गया उस दिन आयुक्त खाद्य एवं रसद द्वारा तत्काल सभी गोदामों का सत्यापन कराने, उठान व वितरण का स्टाक मिलाने का निर्देश दिया गया लेकिन डीएम ने सत्यापन नहीं कराया गया और अपने मातहतों की रिपोर्ट पर ही विश्वास कर आख्या भेज दी गई।
इस मामले में शासन ने अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद अनूप शंकर व अपर आयुक्त प्रशासन संतोष कुमार की संयुुक्त टीम बना कर मौके पर जांच कराया। जांच टीम ने सभी गोदामों पर जाकर व जहां पर भारी मात्रा में अनाज पकड़ा गया सत्यापन किया।
मौके पर मिले लोगों, गोदाम प्रभारियों तथा एफसीआई के अधिकारियों व कर्मचारियों से बयान लिए गए। जांच आख्या में दर्शाया गया है कि बीते 26 मई को एफसीआइ गोदाम से ट्रक संख्या 40 टी-5728 शाम 6.24 पर झंझरी गोदाम के लिए 400 बोरी अनाज लेकर निकला।
जो झंझरी गोदाम न पहुंच कर सीधे बंधवा में निजी गोदाम पर पहुंच गया। जांच में यह भी दिखाया गया है कि जिला मुख्यालय द्वारा 14032 बोरा अनाज का आवंटन किया गया जिसमें 13971 बोरे अनाज का आर्डर रिलीज हो गया। इसमें 8026 बोरे अनाज गोदामों को भेजे गए।
जांच टीम ने स्पष्ट कहा है कि 9162 बोरियों के अनाज राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अनाज था जो कालाबाजारी के उद्देश्य से संग्रहित कराया गया था। इसमें पर्यवेक्षण व सत्यापन ठीक से नहीं किया गया।
इसके लिए जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग, विपणन शाखा के केंद्र, तहसील जिला एवं मंडल स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा घोर अनियमितता की गई है।
इसके लिए विपणन निरीक्षक झंझरी भारत, पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक राजेश कुमार, संभागीय खाद्य अधिकारी केके सिंह, उपायुक्त खाद्य देवीपाटन एवं बस्ती मंडल सत्येंद्र कुमार सिंह ने अपने दायित्यों का निर्वहन नहीं किया।