फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   फिर उफनाई घाघरा, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा बहाव

फिर उफनाई घाघरा, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा बहाव

Wed, 25 Jul 2018 11:33 PM IST
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
फिर उफनाई घाघरा, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा बहाव

विज्ञापन
चार गांवों की पांच सौ बीघा जमीन निगल गई घाघरा

गोंडा। पहाड़ी नालों के पानी से घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ कर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात से पहाड़ी नालों के जरिए घाघरा में आने वाला पानी बाढ़ क्षेत्र में तबाही मचाने को बेताब है।

एल्गिन चरसड़ी बांध के साथ अस्थाई रूप से बनाए गए बांध से घाघरा का पानी तेजी से टकराने लगा है। जिससे बाढ़ का खतरा बांध के साथ ही क्षेत्र के लिए बढ़ने लगा है। घाघरा की कटान में चार गांवों की 500 बीघा कृषि भूमि घाघरा में समाहित हो गई है।
विज्ञापन


एक सप्ताह से शांत चल रही घाघरा ने बुधवार भोर से दोबारा आंखें तरेरना शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह से एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान 106.07 को पार करते हुए 106.196 पर पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाम को 7 बजते बजते नदी का जल स्तर खतरे के निशान से करीब 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। नदी में पानी का डिस्चार्ज एक लाख 71 हजार 620 हो गया है। जिससे एक बार फिर कटान की जद में बसे नकहरा, काशीपुर, बेहटा, चरपुरवा, परसावल, नैपुरा, बांसगांव गांव पर खतरा मंडराने लगा है।

पिछले 2 दिनों से लगातार चल रही कटान से नदी ने चरपुरवा, बेहटा, नकहरा व परसावल के पास से करीब 500 बीघे से अधिक कृषि योग्य भूमि काटकर धारा में समाहित कर लिया है।

ग्राम नकहरा निवासी अयोध्या यादव के गन्ने के खेत का तकरीबन 50 मीटर हिस्सा कटकर नदी में मिला गया है। जिसके चलते नदी अब प्रशासन व ग्रामीणों के सहयोग से बनाए गए अस्थाई बांध से सटकर बहना शुरू हो गई है।

इससे अब अस्थाई बांध के लिए भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बचाव संबंधी कार्य न कराए जाने से यह खतरा उत्पन्न हुआ है। ऐसे में अगर नदी की कटान पर जल्द काबू नहीं पाया गया और नदी का जलस्तर बढ़ता रहा।

इससे आने वाले दिनों में करनैलगज क्षेत्र के दर्जनों गांव व बांध बाढ़ की जद में आ जाएंगे। दूसरी ओर बेहटा व चरपुरवा के करीब एक दर्जन घर नदी की कटान के मुहाने पर हैं।

चरपुरवा गांव के तीन तरफ नदी कटान कर रही है। अगर इसी तरह तेज कटान जारी रही तो 36 घंटे में चरपुरवा का अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है। घाघरा में बाढ़ का आलम यह है कि बेहटा से लेकर नैपुरा तक घाघरा नदी लगातार बांध से टकराने लगी है। कट वन एवं कट टू की जगह बाढ़ का पानी तेजी से बांध में कटान करने लगा है।

परसावल नैपुरा व बासगांव के पास नदी एक सप्ताह से लगातार बांध से टकरा रही है। बरसात की वजह से बांध पर आए रैंनकट्स की वजह से बांध भी कई जगहों पर कमजोर हो चुका है।

कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत है और ग्रामीण एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आने के लिए सशंकित हैं। बांध पर मौजूद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अमरेश सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।


घाघरा खतरे के निशान से तकरीबन 12 सेंटीमीटर ऊपर हो चुकी है। नदी का पानी बांध से कई स्थानों पर टकरा रहा है। अब तक बांध को कहीं से खतरा नहीं है लगातार बांध की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed