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Gonda News: देवीपाटन मंडल में 14,509 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क के दायरे में

Mon, 03 Aug 2026 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:18 PM IST
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14,509 pregnant women in Devipatan division fall under the high-risk category
गोंडा। देवीपाटन मंडल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अप्रैल से जून 2026 के बीच मंडल के चार जिलों में 14,509 गर्भवतियों को प्रसव पूर्व हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में चिह्नित किया गया। इसी अवधि में 9,334 गर्भवतियों में गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन सात ग्राम प्रति डेसीलीटर या उससे कम) पाया गया।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अप्रैल से जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार मंडल में सबसे अधिक 5,220 हाई रिस्क गर्भवतियां गोंडा में चिन्हित हुईं। इसके बाद बहराइच में 4,378, बलरामपुर में 3,150 और श्रावस्ती में 1,761 मामले दर्ज किए गए। प्रसव के दौरान हाई रिस्क के 1,545 मामलों में सबसे अधिक 610 मामले बहराइच में मिले, जबकि गोंडा में 287 मामले दर्ज किए गए। तीन माह में मंडल के चारों जिलों में 3,06,475 गर्भवतियों की एएनसी (गर्भावस्था जांच) हुई। इनमें से 2,05,489 महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कराई गई। जांच में 9,334 गर्भवतियों में गंभीर एनीमिया मिला, जिनमें से 8,603 का उपचार किया गया।
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गोंडा की स्थिति पर नजर डालें तो यहां 97,288 गर्भवतियों की एएनसी हुई। इनमें 63,976 की हीमोग्लोबिन जांच की गई। जांच में 2,848 महिलाओं में गंभीर एनीमिया मिला है।
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क्या है हाई रिस्क प्रेग्नेंसी

ऐसी गर्भावस्था, जिसमें मां या गर्भस्थ शिशु को सामान्य से अधिक खतरा हो, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी कहलाती है। गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कम उम्र या अधिक उम्र में गर्भधारण, जुड़वां गर्भ, बार-बार गर्भपात या पूर्व में प्रसव संबंधी जटिलताएं इसके प्रमुख कारण हैं।



डॉक्टर की सलाह

जिला महिला अस्पताल की चिकित्साधिकारी डॉ. माधुरी त्रिपाठी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार नियमित जांच कराना जरूरी है। सभी गर्भवतियों को आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां नियमित लेनी चाहिए और हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, गुड़, मूंगफली, सोयाबीन, अंकुरित अनाज तथा मौसमी फल भोजन में शामिल करने चाहिए।
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