फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   सैलाब लेकर पहुंची घाघरा, खबरे के निशान से

सैलाब लेकर पहुंची घाघरा, खबरे के निशान से

Mon, 27 Aug 2018 11:49 PM IST
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
सैलाब लेकर पहुंची घाघरा, खबरे के निशान से
घाघरा खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर
विज्ञापन


गोंडा। घाघरा पानी का सैलाब लेकर सोमवार को जिले में दाखिल हुई। करनैलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्रों में पहले से लोग बाढ़ की विभीषिका से परेशान हैं। करीब 10 हजार आबादी अपना घरबार छोड़कर बांध व सुरक्षित स्थानों पर टिकी है।
सोमवार केे बैराजों से छोड़े गए पानी व लगातार बारिश से नदी बेहद उफान पर है। सोमवार को घाघरा का जलस्तर सीजन में सबसे अधिक रिकार्ड किया गया। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
विज्ञापन


प्राथमिक विद्यालय गौरा सिंहपुर में बनाया गया बाढ़ राहत केंद्र भी बाढ़ में आ गया जिससे राहत केंद्र पर कार्य करने वाले कर्मी भी भाग खड़े हुए। लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने आई पीएसी का शिविर स्थल भी पानी में डूब गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


घाघरा में पानी के उफान से करनैलगंज तहसील क्षेत्र सहित बाराबंकी के सरहदी गांवों में अब तिनके की तरह खाली पड़ी जमीन और कच्चे घरों को निगलना शुरू कर दिया है।

घाघरा नदी के जलस्तर का लगातार बढ़ना जारी है और उसका फैलाव भी तेजी से हो रहा है। करनैलगंज व सीमावर्ती क्षेत्र की अब तक 49 ग्राम पंचायतें और उसके 165 से अधिक मजरे बाढ़ में आ चुके हैं। जिसमें अधिकांश मजरे ऐसे हैं जिन्हें पानी ने चारों तरफ से घेर रखा है।

ग्रामीणों के निकलने का एकमात्र रास्ता नाव ही है। मगर प्रशासन सभी गांव में नाव की व्यवस्था अब तक नहीं करा सका है। प्रशासन घाघरा व सरयू नदियों की बाढ़ को बहुत गंभीरता से न ले कर उसे महज पानी की बाढ़ तक देख रहा है। जबकि सरयू नदी में आई बाढ़ की चपेट में अब तक एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें आ चुकी हैं।

सरयू की बाढ़ का पानी करनैलगंज के शहरी क्षेत्र सकरौरा ग्रामीण तक पहुंच चुका है। वहीं नरायनपुर मांझा, कुर्था, कंजेमऊ, कचनापुर, हीरापुर कमियार, मलौना, परसौली, मलौली, आदि के किनारे घाघरा का जलस्तर बढ़ कर गांव में पानी घुसने लगा है।

नरायनपुर मांझा के करीब 7 मजरे हैं जो पानी से चौतरफा घिर चुके हैं। यहां बाढ़ से घिरे गांवों में तबाही का मंजर और पानी के सैलाब के सितम की दर्दनाक तस्वीरें किसी को भी बिचलित करने के लिए काफी है।

अस्थाई बांध के कटान वाले हिस्से से आ रहा घाघरा का पानी यहां जमकर उत्पात मचा रहा है। घाघरा का जलस्तर कम हो या अधिक कटान वाले हिस्से से आ रहा पानी नालों से होकर गुजर रहा है जिससे इलाके के करीब आधा दर्जन से अधिक नाले अब घाघरा का रूप लेते जा रहे है।

आए दिन नए नए मजरे बाढ़ से घिरते जा रहे हैं। जिससे इन नालों के आसपास वाले गांवों में घाघरा का पानी बाढ़ लेकर पहुंच रहा है। यहां गौरासिंहपुर बाढ़ राहत केन्द्र के नकहरा गांव को सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। तो वहीं बाराबंकी के सरहदी गांव नैपुरा, परसावल, बेहटा, मांझा रायपुर कमियार आदि गांवों में बाढ़ का सैलाब साफ दिखाई दे रहा है।

राहत और बचाव के नाम पर दो बाढ़ केन्द्रो पाल्हापुर व गौरासिंहपुर के अंर्तगत सौ से अधिक नावें लगा दी गई हैं। तो वहीं सरयू से प्रभावित नरायनपुर मांझा, अल्लीपुर, हीरापुर कमियार आदि गावों में भी करीब आधा दर्जन नावें ही लगाई गयी है। यहां और अन्य किसी भी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।


तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान बताते है कि करीब 1900 परिवारों को राहत किट उपलब्ध करा दी गयी है। बांध पर रह रहे लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार दोबारा उपलब्ध करायी जा रही है। राजस्व कर्मी व बाढ़ में लगे अन्य अधिकारी व कर्मचारी बराबर नजर रख रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed