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तालाब में तब्दील हुए परिषदीय स्कूल, वापस लौटे नौनिहाल
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:47 PM IST
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बारिश से तालाब बने स्कूल, पढ़ाई ठप
गोंडा। लगातार हो रही बरसात से परिषदीय स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल तालाब में तब्दील हो गए हैं। बच्चे स्कूल आकर बैरंग लौट रहे हैं। इससे इन स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई है।
जुलाई में परिषदीय स्कूलों को खुले महज एक सप्ताह ही हुआ है। स्कूलों में पठन पाठन का कार्य अभी ठीक से पटरी पर नहीं आ सका था और बरसात के कारण स्कूल एक बार फिर से बंद होने के कागार पर पहुंच गए हैं। बेलसर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय पकवान गांव पहली बरसात में ही पानी से घिर गया है। पूरे स्कूल परिसर में पानी भर गया है। इस जलभराव के कारण ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत स्कूल की दीवारों पर कराई गई करीब 26 हजार रुपये की पेंटिग भी पानी से खराब हो गई है। विद्यालय परिसर में पानी भरने से बच्चों को स्कूल आने का रास्ता बंद हो गया है। इस स्कूल में पंजीकृत 156 बच्चों को स्कूल से वापस लौटना पड़ रहा है। परिसर में बने पूर्व माध्यमिक स्कूल में भी 74 बच्चों का नामांकन है, लेकिन वह भी जलभराव के कारण स्कूल नहीं आ रहे हैं।
स्कूल के शिक्षक राखाराम गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के समय स्कूल में पानी भर जाता है और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत भी वह कई बार कर चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस है। पंडरी कृपाल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खिरौरा मोहन में जलभराव है। पानी भरने से स्कूल में पढ़ाई ठप है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय का कहना है कि अगर किसी स्कूल में जलभराव की समस्या है तो वहां के प्रधानाध्यापक खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी देकर स्कूल बंद कर सकते हैं।
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गोंडा। लगातार हो रही बरसात से परिषदीय स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल तालाब में तब्दील हो गए हैं। बच्चे स्कूल आकर बैरंग लौट रहे हैं। इससे इन स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई है।
जुलाई में परिषदीय स्कूलों को खुले महज एक सप्ताह ही हुआ है। स्कूलों में पठन पाठन का कार्य अभी ठीक से पटरी पर नहीं आ सका था और बरसात के कारण स्कूल एक बार फिर से बंद होने के कागार पर पहुंच गए हैं। बेलसर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय पकवान गांव पहली बरसात में ही पानी से घिर गया है। पूरे स्कूल परिसर में पानी भर गया है। इस जलभराव के कारण ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत स्कूल की दीवारों पर कराई गई करीब 26 हजार रुपये की पेंटिग भी पानी से खराब हो गई है। विद्यालय परिसर में पानी भरने से बच्चों को स्कूल आने का रास्ता बंद हो गया है। इस स्कूल में पंजीकृत 156 बच्चों को स्कूल से वापस लौटना पड़ रहा है। परिसर में बने पूर्व माध्यमिक स्कूल में भी 74 बच्चों का नामांकन है, लेकिन वह भी जलभराव के कारण स्कूल नहीं आ रहे हैं।
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स्कूल के शिक्षक राखाराम गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के समय स्कूल में पानी भर जाता है और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत भी वह कई बार कर चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस है। पंडरी कृपाल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खिरौरा मोहन में जलभराव है। पानी भरने से स्कूल में पढ़ाई ठप है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय का कहना है कि अगर किसी स्कूल में जलभराव की समस्या है तो वहां के प्रधानाध्यापक खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी देकर स्कूल बंद कर सकते हैं।