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500 स्कूलों के बच्चों को चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय की मिली सौगात
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:59 PM IST
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500 स्कूलों को चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय की सौगात
गोंडा। सरकारी स्कूलों के बच्चों की सेहत और स्वच्छता के लिए पंचायत राज विभाग की एक पहल कारगर साबित हो रही है। पहले खुले में शौच जाने के डर से स्कूल की बेटियां पूरे दिन पानी नहीं पीती थीं।
बेटियों की इसी समस्या को दूर करने के लिए पंचायत राज विभाग ने एक मॉडल तैयार कराया और स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय के निर्माण की नींव रखी।
अब तक करीब 500 परिषदीय स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण हो चुका है। कई स्कूलों में निर्माण कार्य हो भी रहा है।
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इसके अलावा 100 के करीब स्कूलों में पहले से बने शौचालयों का मरम्मत भी कराया जा रहा है। इन शौचालयों को पेंटिंग से सजाया गया है और टाइल्स से खूबसूरत लुक दिया है।
जिले के 3140 परिषदीय स्कूलों में करीब दो हजार शौचालयों की स्थिति ऐसी थी कि बच्चे उपयोग नही कर पा रहे थे। इनमें से कई स्कूलों के शौचालय तो काफी पुराने थे तो कई स्कूलों में शौचालय ही नही बने थे।
जिन स्कूलों में बने भी थे, रखरखाव व डेली सफाई न होने से उनकी स्थिति ठीक नही थी। इस स्थिति से पंचायत राज विभाग ने शौचालयों के निर्माण की ऐसी व्यवस्था बनाई कि शौचालयों का लुक बच्चों को सुंदर दिखे।
इससे बच्चे गंदगी भी कम करेंगे और शौचालयों का उपयोग भी करेंगे। चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों की डिजाइन को रोचक बनाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूल में शौचालयों का प्रयोग करने से बच्चों की आदत बनी रहेगी, तो वे घरों में खुद तो शौचालय का प्रयोग करेंगे ही परिवार के सदस्यों को भी प्रेरित करेंगे। जिससे ओडीएफ के लिए चल रहे अभियान में भी सफलता मिलेेगी।
स्कूलों के शौचालयों में सुधार के लिए निर्देश दिए गए थे। बड़ी संख्या में शौचालयों की स्थिति सुधरी है प्रयोग भी हो रहा है।
शौचालयों के नियमित साफ-सफाई के निर्देश सफाई कर्मियों को दिए गए हैं। सभी स्कूलों से शौचालय क्रियाशील होने की रिपोर्ट ली गई है।
धनश्याम सगार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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गोंडा। सरकारी स्कूलों के बच्चों की सेहत और स्वच्छता के लिए पंचायत राज विभाग की एक पहल कारगर साबित हो रही है। पहले खुले में शौच जाने के डर से स्कूल की बेटियां पूरे दिन पानी नहीं पीती थीं।
बेटियों की इसी समस्या को दूर करने के लिए पंचायत राज विभाग ने एक मॉडल तैयार कराया और स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय के निर्माण की नींव रखी।
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अब तक करीब 500 परिषदीय स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण हो चुका है। कई स्कूलों में निर्माण कार्य हो भी रहा है।
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इसके अलावा 100 के करीब स्कूलों में पहले से बने शौचालयों का मरम्मत भी कराया जा रहा है। इन शौचालयों को पेंटिंग से सजाया गया है और टाइल्स से खूबसूरत लुक दिया है।
जिले के 3140 परिषदीय स्कूलों में करीब दो हजार शौचालयों की स्थिति ऐसी थी कि बच्चे उपयोग नही कर पा रहे थे। इनमें से कई स्कूलों के शौचालय तो काफी पुराने थे तो कई स्कूलों में शौचालय ही नही बने थे।
जिन स्कूलों में बने भी थे, रखरखाव व डेली सफाई न होने से उनकी स्थिति ठीक नही थी। इस स्थिति से पंचायत राज विभाग ने शौचालयों के निर्माण की ऐसी व्यवस्था बनाई कि शौचालयों का लुक बच्चों को सुंदर दिखे।
इससे बच्चे गंदगी भी कम करेंगे और शौचालयों का उपयोग भी करेंगे। चाइल्ड फ्रेंडली शौचालयों की डिजाइन को रोचक बनाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूल में शौचालयों का प्रयोग करने से बच्चों की आदत बनी रहेगी, तो वे घरों में खुद तो शौचालय का प्रयोग करेंगे ही परिवार के सदस्यों को भी प्रेरित करेंगे। जिससे ओडीएफ के लिए चल रहे अभियान में भी सफलता मिलेेगी।
स्कूलों के शौचालयों में सुधार के लिए निर्देश दिए गए थे। बड़ी संख्या में शौचालयों की स्थिति सुधरी है प्रयोग भी हो रहा है।
शौचालयों के नियमित साफ-सफाई के निर्देश सफाई कर्मियों को दिए गए हैं। सभी स्कूलों से शौचालय क्रियाशील होने की रिपोर्ट ली गई है।
धनश्याम सगार, जिला पंचायत राज अधिकारी