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अब गोंडा के यार्ड में होगी मालगाड़ियों के डिब्बों की ओवरहालिंग
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:04 PM IST
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अब गोंडा में होगी मालगाड़ी के डिब्बों की मरम्मत
गोंडा। अभी तक मालगाड़ियों के डिब्बो की मरम्मत व ओवरहालिंग के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को नार्दन रेलवे पर निर्भर रहना पड़ता था। एनआर के मेरठ डिपो में डिब्बों की मरम्मत होती थी। लेकिन अब पूर्वोत्तर रेलवे का आरओएच (रुटीन ओवरहालिंग डिपो) गोंडा में बन रहा है।
करीब 20 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस डिपो में एक साथ 20 मालगाड़ियों के डिब्बों की मरम्मत हो सकेगी। शुरुआती दौर में इस डिपो में 250 अभियंता व कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
वर्ष 2014-15 के बजट में पूर्वोत्तर रेलवे को यह सौगात मिली थी। पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में गोंडा इसके लिए चयनित किया गया। गोंडा रेलवे स्टेशन परिसर में आरओएच डिपो का निर्माण चल रहा है जिसके छह माह में पूरा होने की संभावना है।
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दो साल से निर्मित डिपो का शेड करीब-करीब तैयार है और उसमें लाइनें बिछाने का काम शुरू होने जा रहा है। अब तक यह बन कर तैयार हो गया होता लेकिन नोट बंदी व मोरंग की खदान बंद होने से इसमें छह माह की देरी हुई है।
अभी जल्दी ही पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य यांत्रिक अभियंता एके सिंह ने निर्माणाधीन डिपो का निरीक्षण किया था और निर्माण इकाई को कार्य पूरा कर छह माह में हैंडओवर करने का निर्देश दिया था। सिंह के अनुसार मालगाड़ियों के वैगन की मरम्मत के लिए पहले एनआर के मेरठ डिपो पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
डिपो का शेड तैयार हो गया है और लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो रहा है। शीघ्र ही डिपो तैयार हो जाएगा और इसमें 250 अभियंताओं, मैकेनिकों व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मालगाड़ियों के वैगन के मरम्मत व ओवरहालिंग के लिए यह पूर्वोत्तर रेलवे का पहला यार्ड है। इसके पहले पूर्वोत्तर रेलवे में कहीं भी यह यार्ड नहीं बना था। पूर्वोत्तर रेलवे मंडल लखनऊ व रेलवे बोर्ड गोरखपुर के मध्य गोंडा पहले से ही आदर्श स्टेशन में शुमार है, अब डिपो बन जाने से इसका महत्व और बढ़ जाएगा।
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गोंडा। अभी तक मालगाड़ियों के डिब्बो की मरम्मत व ओवरहालिंग के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को नार्दन रेलवे पर निर्भर रहना पड़ता था। एनआर के मेरठ डिपो में डिब्बों की मरम्मत होती थी। लेकिन अब पूर्वोत्तर रेलवे का आरओएच (रुटीन ओवरहालिंग डिपो) गोंडा में बन रहा है।
करीब 20 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस डिपो में एक साथ 20 मालगाड़ियों के डिब्बों की मरम्मत हो सकेगी। शुरुआती दौर में इस डिपो में 250 अभियंता व कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
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वर्ष 2014-15 के बजट में पूर्वोत्तर रेलवे को यह सौगात मिली थी। पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में गोंडा इसके लिए चयनित किया गया। गोंडा रेलवे स्टेशन परिसर में आरओएच डिपो का निर्माण चल रहा है जिसके छह माह में पूरा होने की संभावना है।
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दो साल से निर्मित डिपो का शेड करीब-करीब तैयार है और उसमें लाइनें बिछाने का काम शुरू होने जा रहा है। अब तक यह बन कर तैयार हो गया होता लेकिन नोट बंदी व मोरंग की खदान बंद होने से इसमें छह माह की देरी हुई है।
अभी जल्दी ही पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य यांत्रिक अभियंता एके सिंह ने निर्माणाधीन डिपो का निरीक्षण किया था और निर्माण इकाई को कार्य पूरा कर छह माह में हैंडओवर करने का निर्देश दिया था। सिंह के अनुसार मालगाड़ियों के वैगन की मरम्मत के लिए पहले एनआर के मेरठ डिपो पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
डिपो का शेड तैयार हो गया है और लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो रहा है। शीघ्र ही डिपो तैयार हो जाएगा और इसमें 250 अभियंताओं, मैकेनिकों व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मालगाड़ियों के वैगन के मरम्मत व ओवरहालिंग के लिए यह पूर्वोत्तर रेलवे का पहला यार्ड है। इसके पहले पूर्वोत्तर रेलवे में कहीं भी यह यार्ड नहीं बना था। पूर्वोत्तर रेलवे मंडल लखनऊ व रेलवे बोर्ड गोरखपुर के मध्य गोंडा पहले से ही आदर्श स्टेशन में शुमार है, अब डिपो बन जाने से इसका महत्व और बढ़ जाएगा।