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बलात्कारी को आठ साल का सश्रम कारावास
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:19 AM IST
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बलात्कारी को आठ साल का सश्रम कारावास
गोंडा। अपर सत्र न्यायाधीश द्रुतगामी प्रथम राम प्रताप सिंह ने महिला के घर में घुसकर तमंचे से धमकाकर उसके साथ बलात्कार करने के आरोपी को आठ साल के सश्रम कारावास व दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के अनुसार करनैलगंज के एक गांव की रहने वाली महिला ने 03 जून 2009 को कोतवाली में सुशील कुमार सिंह पुत्र माता बदल सिंह निवासी दवनपुरवा दिनारी करनैलगंज के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसकी माताबदल सिंह से रंजिश थी।
इस पर माताबदल ने पिछले दिनों उसे पीटा था। 01 जून 2009 को माताबदल के बेटे सुशील ने घर में घुसकर उसे बेइज्जत करने का प्रयास किया। मगर वह बच गई। महिला ने बताया कि, उसका पति बाहर मजदूरी करता है।
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03 जून 2009 को उसकी सास घर के बाहर और वह घर के अंदर सो रही थी। तभी देर रात सुशील उसके घर में घुस आया और तमंचे से धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। तमंचे के डर से वह शोर नहीं मचा सकी।
गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन कर कोर्ट ने अभियुक्त सुशील कुमार सिंह को बलात्कार का दोषी करार देते हुए आठ साल के सश्रम कारावास की सजा व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को छह माह के साधारण कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
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गोंडा। अपर सत्र न्यायाधीश द्रुतगामी प्रथम राम प्रताप सिंह ने महिला के घर में घुसकर तमंचे से धमकाकर उसके साथ बलात्कार करने के आरोपी को आठ साल के सश्रम कारावास व दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के अनुसार करनैलगंज के एक गांव की रहने वाली महिला ने 03 जून 2009 को कोतवाली में सुशील कुमार सिंह पुत्र माता बदल सिंह निवासी दवनपुरवा दिनारी करनैलगंज के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसकी माताबदल सिंह से रंजिश थी।
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इस पर माताबदल ने पिछले दिनों उसे पीटा था। 01 जून 2009 को माताबदल के बेटे सुशील ने घर में घुसकर उसे बेइज्जत करने का प्रयास किया। मगर वह बच गई। महिला ने बताया कि, उसका पति बाहर मजदूरी करता है।
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03 जून 2009 को उसकी सास घर के बाहर और वह घर के अंदर सो रही थी। तभी देर रात सुशील उसके घर में घुस आया और तमंचे से धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। तमंचे के डर से वह शोर नहीं मचा सकी।
गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन कर कोर्ट ने अभियुक्त सुशील कुमार सिंह को बलात्कार का दोषी करार देते हुए आठ साल के सश्रम कारावास की सजा व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को छह माह के साधारण कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।