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10 हजार गैस उपभोक्ताओं को नही मिल रही सब्सिडी
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10 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही सब्सिडी
गोंडा। जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी व पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से 10 हजार से अधिक गैस उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी ठप हो गई है।
जिले में करीब 5.50 लाख गैस उपभोक्ता हैं। इसमें से 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को डीबीटी योजना का लाभ नही मिल रहा है। चार साल पहले केंद्र सरकार की ओर से गैस उपभोक्ताओं के लिए डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना शुरू हुई थी।
योजना के शुरूआती दौर में ही पुराने सभी गैस कनेक्शन धारकों से आधार, बैंक खाता नम्बर, मोबाइल नम्बर आदि की केवाईसी ली गई थी। यही नही इसके बाद भी जितने कनेक्शन बांटे गये उनके भी प्रपत्र जमा कराये गये।
योजना के शुरूआती दौर में कुछ माह तो उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिली बाद में आनी बंद हो गई। ऐसे तमाम लोग हैं जिन्हें सब्सिडी नही मिल रही है। मजे की बात तो यह है कि आज तक इस मामले में पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों की ओर से गैस एजेंसियों की ओर से बैठक कर खामियों की ओर कभी ध्यान नही दिया गया।
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इतना ही नही कुछ उपभोक्ता तो एजेंसियों की ओर से सब्सिडी में घपले की भी आशंका जता रहे हैं। इस बारे में पेट्रोलियम विभाग के सेल्स आफीसर तेजश्वर राज का कहना है कि जिले में करीब पांच हजार उपभोक्ता ऐसे होंगे जिन्हें सब्सिडी नही मिल रही है।
गैस उपभोक्ताओं को गैस लेने पर उनके खाते में सब्सिडी नही आ रही है। अधिकतर उपभोक्ताओं का कहना है कि कई माह से बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा नही आया है।
पवन कुमार का कहना है कि जब से गैस का कनेक्शन लिया है दो तीन बार सब्सिडी का पैसा आया है, उसके बाद से आज तक एक भी माह में सब्सिडी नही मिली। गैस उपभोक्ता पूनम सिंह का कहना है डीबीटी योजना शुरू होने के बाद दो तीन माह सब्सिडी मिली थी उसके बाद से आज तक सब्सिडी नही मिली है।
जिले में उपभोक्ताओं की ओर से गैस की सब्सिडी न मिलने की शिकायतें आ रही हैं। गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के आधार नम्बर,बैंक खाता नम्बर व मोबाइल नम्बर को फीडिंग कराना था। ताकि उन्हें उनके खाते में सीधे सब्सिडी आ सके। इस बारे में एजेंसियों से डिटेल तलब की जाएगी। गड़बड़ी व लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार महान, डीएसओ
गोंडा। जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी व पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से 10 हजार से अधिक गैस उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी ठप हो गई है।
जिले में करीब 5.50 लाख गैस उपभोक्ता हैं। इसमें से 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को डीबीटी योजना का लाभ नही मिल रहा है। चार साल पहले केंद्र सरकार की ओर से गैस उपभोक्ताओं के लिए डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना शुरू हुई थी।
योजना के शुरूआती दौर में ही पुराने सभी गैस कनेक्शन धारकों से आधार, बैंक खाता नम्बर, मोबाइल नम्बर आदि की केवाईसी ली गई थी। यही नही इसके बाद भी जितने कनेक्शन बांटे गये उनके भी प्रपत्र जमा कराये गये।
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योजना के शुरूआती दौर में कुछ माह तो उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिली बाद में आनी बंद हो गई। ऐसे तमाम लोग हैं जिन्हें सब्सिडी नही मिल रही है। मजे की बात तो यह है कि आज तक इस मामले में पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों की ओर से गैस एजेंसियों की ओर से बैठक कर खामियों की ओर कभी ध्यान नही दिया गया।
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इतना ही नही कुछ उपभोक्ता तो एजेंसियों की ओर से सब्सिडी में घपले की भी आशंका जता रहे हैं। इस बारे में पेट्रोलियम विभाग के सेल्स आफीसर तेजश्वर राज का कहना है कि जिले में करीब पांच हजार उपभोक्ता ऐसे होंगे जिन्हें सब्सिडी नही मिल रही है।
गैस उपभोक्ताओं को गैस लेने पर उनके खाते में सब्सिडी नही आ रही है। अधिकतर उपभोक्ताओं का कहना है कि कई माह से बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा नही आया है।
पवन कुमार का कहना है कि जब से गैस का कनेक्शन लिया है दो तीन बार सब्सिडी का पैसा आया है, उसके बाद से आज तक एक भी माह में सब्सिडी नही मिली। गैस उपभोक्ता पूनम सिंह का कहना है डीबीटी योजना शुरू होने के बाद दो तीन माह सब्सिडी मिली थी उसके बाद से आज तक सब्सिडी नही मिली है।
जिले में उपभोक्ताओं की ओर से गैस की सब्सिडी न मिलने की शिकायतें आ रही हैं। गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के आधार नम्बर,बैंक खाता नम्बर व मोबाइल नम्बर को फीडिंग कराना था। ताकि उन्हें उनके खाते में सीधे सब्सिडी आ सके। इस बारे में एजेंसियों से डिटेल तलब की जाएगी। गड़बड़ी व लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार महान, डीएसओ