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करनैलगंज सरयू भी उफनाई, 16 गांव चपेट में आए

Mon, 13 Aug 2018 10:32 PM IST
Updated Mon, 13 Aug 2018 10:32 PM IST
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करनैलगंज सरयू भी उफनाई, 16 गांव चपेट में आए
सरयू के उफनाने से 16 गांवों में बाढ़
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गोंडा। रिंग बांध कटने के बाद उसकी बाढ़ का असर अब सरयू नदी में भी दिखाई देने लगा है। सरयू नदी भी अपने तेवर पर है। लगातार उसका जलस्तर भी बढ़ने लगा है। सोमवार को उफनाई सरयू ने करीब आधा दर्जन गांवों के 16 से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे पहले से ही बाढ़ से जूझ रहे प्रशासन के सामने सरयू का कहर एक चुनौती बन कर उभरा है।

दूसरी ओर घाघरा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। जिससे बाढ़ क्षेत्र में घट रहा पानी फिर से बढ़ने के आसार दिखाई देने लगे हैं। रविवार को घाघरा का जलस्तर घटते हुए खतरे के निशान से मात्र 3 सेंटीमीटर ऊपर तक आ गया था। मगर सोमवार की सुबह से घाघरा नदी एक बार फिर फूलना शुरू हो गई और देर शाम तक खतरे के निशान से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर हो गई।
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जिससे करनैलगंज तहसील क्षेत्र के जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका था वहां पर पानी कम होने के बजाय एक बार फिर पानी का भरना शुरू हो गया है।
सोमवार की सुबह सरयू का पानी करनैलगंज के नारायनपुर माझा के आधा दर्जन मजदूरों सहित अल्लीपुर, हीरापुर के मजरों में कहर बरपाना शुरू कर दिया।

नारायनपुर मांझा के चाइना पुरवा, छगड़ीहन पुरवा, गोंड़ियन पुरवा, बोड़न पुरवा, गड़रिएन पुरवा में लोगों के घर में पानी चला गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मिश्रीलाल चौहान ने करीब आधा दर्जन नाव की व्यवस्था कराई है। हल्का लेखपाल जितेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रशासन नाव की व्यवस्था करवा रहा है।
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प्रभावित गांवों की सूची बनाई जा रही है जल्द ही बाढ़ से प्रभावित गांव में और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ग्राम प्रधान मंजू देवी सहित नमो दुबे ने मिलकर प्रभावित गांवों का दौरा कर प्रशासन से और अधिक नावों की मांग की है। तथा बाढ़ पीड़ितों को और अधिक सुबिधा देने की प्रशासन से मांग की है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बरसात के चलते बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी आने वाले कई दिनों तक लगातार घाघरा में बढ़ता रहेगा। जिससे बाढ़ का संकट क्षेत्र में गहराता जा रहा है। अभी बाढ़ से प्रभावित लोगों ने राहत की सांस ली थी और उन्हें यह उम्मीद थी कि अब शायद पानी घटना शुरू हो जाए, उनकी दिनचर्या पूर्व की भांति शुरू होगी।

मगर बाढ़ प्रभावित लोगों के इस मंशा पर घाघरा का पानी एक बार फिर पानी फेरने लगा है। अभी तक करनैलगंज तहसील व सीमावर्ती क्षेत्र के गांव करीब 22 ग्राम पंचायतों के 68 मजरे बाढ़ से प्रभावित हुए थे। जिसमें से करीब 27 मजरों में पानी घट चुका था। जहां सोमवार से पानी एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया।

ग्राम घरकुइयां होते हुए ग्राम रायपुर, परसावल, बांसगांव, कमियार और बांध तक जाने वाला रास्ता और उस पर बना पुल पानी से डूब चुका है। पुल के ऊपर से घाघरा का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। बाढ़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा महज नाव की व्यवस्था के अतिरिक्त कोई भी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। बाढ़ और तेज होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।


तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान का कहना है कि घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है तो दूसरी ओर सरयू नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे कुछ और गांव प्रभावित हुए हैं। जहां नावों की व्यवस्था कराई जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखा गया है लगातार निगरानी की जा रही है।
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