{"_id":"5b560a544f1c1b47748b684c","slug":"111532365396-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपात्रों को आवास आवंटन में वीडीओ सहित प्रधान के खिलाफ चार्जसीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपात्रों को आवास आवंटन में वीडीओ सहित प्रधान के खिलाफ चार्जसीट
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपात्रों को आवास आवंटन में फंसे बीडीओ व प्रधान
गोंडा। रुपईडीह विकास खण्ड के एक गांव में अपात्रों को इंदिरा आवास व प्रधानमंत्री आवास देने का खुलासा हुआ है। खण्ड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान, सचिव, लेखाकार व तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी के विरुद्ध आरोप पत्र परियोजना निदेशक को भेजा।
मामला विकास खण्ड रुपईडीह के ग्राम पंचायत पचरन का है। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता सोहन लाल भारती ने जिलाधिकारी के पोर्टल पर वर्ष 2015-16 व 2016-17 में अपात्रों को इंदिरा आवास व प्रधानमंत्री आवास आवंटन की शिकायत दर्ज कराई थी।
उक्त शिकायत की जांच एडीओ पंचायत मोहम्मद शमीम खां व तकनीकी सहायक उमाकांत शुक्ल ने की थी। जांच अधिकारी के स्थलीय सत्यापन में पांच अपात्र लाभार्थी संध्या देवी पत्नी श्रवण कुमार, गुलाब अली पुत्र मुसाहेब, सज्जाक पुत्र अशर्फी, राम सतक भगौती, मेवालाल पुत्र कामता प्रसाद को नियमों की अनदेखी करते हुए आवास आवंटन किया गया। जांच अधिकारियों ने उपलब्ध साक्ष्य व जांच आख्या खण्ड विकास अधिकारी को सौंप दी।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने ग्राम पंचायत अधिकारी शशिलेंद्र सिंह द्वारा समयानुसार वास्तविक स्थित से अवगत न कराने पर आंशिक दोषी तथा प्रधान पचरन, 2015-16 में कार्यरत लेखाकार व खण्ड विकास अधिकारी को दोषी मानते हुए आख्या परियोजना निदेशक को भेजी गई है। बताया जाता है कि विगत तीन वर्षों में रुपईडीह विकास खंड के कई ग्राम पंचायतों में आवास आवंटन में व्यापक धांधली की गयी है।
विज्ञापन
गोंडा। रुपईडीह विकास खण्ड के एक गांव में अपात्रों को इंदिरा आवास व प्रधानमंत्री आवास देने का खुलासा हुआ है। खण्ड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान, सचिव, लेखाकार व तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी के विरुद्ध आरोप पत्र परियोजना निदेशक को भेजा।
मामला विकास खण्ड रुपईडीह के ग्राम पंचायत पचरन का है। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता सोहन लाल भारती ने जिलाधिकारी के पोर्टल पर वर्ष 2015-16 व 2016-17 में अपात्रों को इंदिरा आवास व प्रधानमंत्री आवास आवंटन की शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
उक्त शिकायत की जांच एडीओ पंचायत मोहम्मद शमीम खां व तकनीकी सहायक उमाकांत शुक्ल ने की थी। जांच अधिकारी के स्थलीय सत्यापन में पांच अपात्र लाभार्थी संध्या देवी पत्नी श्रवण कुमार, गुलाब अली पुत्र मुसाहेब, सज्जाक पुत्र अशर्फी, राम सतक भगौती, मेवालाल पुत्र कामता प्रसाद को नियमों की अनदेखी करते हुए आवास आवंटन किया गया। जांच अधिकारियों ने उपलब्ध साक्ष्य व जांच आख्या खण्ड विकास अधिकारी को सौंप दी।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने ग्राम पंचायत अधिकारी शशिलेंद्र सिंह द्वारा समयानुसार वास्तविक स्थित से अवगत न कराने पर आंशिक दोषी तथा प्रधान पचरन, 2015-16 में कार्यरत लेखाकार व खण्ड विकास अधिकारी को दोषी मानते हुए आख्या परियोजना निदेशक को भेजी गई है। बताया जाता है कि विगत तीन वर्षों में रुपईडीह विकास खंड के कई ग्राम पंचायतों में आवास आवंटन में व्यापक धांधली की गयी है।