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नोटशीट के झमेले ने पाठ्य पुस्तकों का क्रय आदेश अटकाया

Thu, 08 Jun 2017 10:19 PM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:19 PM IST
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नोटशीट के झमेले ने पाठ्य पुस्तकों का क्रय आदेश अटकाया
12 लाख किताबों की खरीद अटकी
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एसडीएम ने दस्तावेजों में भिन्नता से हस्ताक्षर करने से किया इन्कार
नए शैक्षिक सत्र में समय से बच्चों को किताबें मिलना हुआ मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को नए शैक्षिक सत्र 2017-18 में दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों की खरीद के लिए जारी होने वाला क्रय आदेश नोटशीट के झमेले में उलझ गया है। 12 लाख किताबों की खरीद के लिए शासन स्तर से तीन जून तक क्रय आदेश जारी किए जाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन पहले बीएसए की खाली कुर्सी ने तो अब बीएसए का चार्ज संभालने वाले उप जिलाधिकारी ने इसमें रोड़ा अटका दिया है। एसडीएम का तर्क है कि वह बिना नियमों को जाने क्रय आदेश पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। एसडीएम के इस तर्क के बाद पाठ्य पुस्तकों का क्रय आदेश अटक गया है और इसकी फाइल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनयम के अंतर्गत जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 3.50 लाख नौनिहालों को नए शैक्षिक सत्र 2017-18 में पाठय पुुस्तकेें दी जानी है। कक्षा एक से कक्षा आठ तक के इन नौनिहालों के लिए करीब 12 लाख पाठ्य पुस्तकों की आवश्यकता है। प्रत्येक शैक्षिक सत्र में इन किताबों की खरीद के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से नामांकित छात्र संख्या के आधार पर खरीद के लिए क्रय आदेश जारी किया जाता है। शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक की तरफ से इन पाठ्य पुस्तकों की खरीद के लिए तीन जून तक क्रय आदेश जारी किए जाने का निर्देश दिया गया था लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी खाली होने के कारण यह क्रय आदेश समय से जारी नही हो पाया। इन अटके हुए कामों को पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी जेबी सिंह ने तीन जून को बीएसए का प्रभार उप जिलाधिकारी सदर वीके सिंह को सौंपा था लेकिन जैसे ही पाठ्य पुस्तकों के क्रय आदेश की फाइल एसडीएम के पास पहुंची तो वे चौंक उठे। क्रय आदेश की फाइल में खरीद से संबंधित नोटशीट न लगी होने और नामांकित छात्र संख्या व खरीद के लिए भेजी जाने वाली छात्र संख्या की भिन्नता ने एसडीएम के कान खड़े कर दिए। एसडीएम बिना नोटशीट के करीब चार करोड़ रुपये की किताब खरीदने की फाइल पर हस्ताक्षर करने की हिम्मत नहीं जुटा सके और उन्होंने खरीद के नियमों की जानकारी के बगैर फाइल पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। अब क्रय आदेश की फाइल अधर में अटक गई है और नए शैक्षिक सत्र में नौनिहालों को किताबें उपलब्ध कराने की योजना पर संकट छा गया है।
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सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को फटकार
पाठ्य पुस्तकों का क्रय आदेश जारी न होने से नाराज सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक ने जिले के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को परियोजना कार्यालय में तलब कर लिया। परियोजना निदेशक ने समय सीमा बीत जाने के बावजूद क्रय आदेश जारी न होने पर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और क्रय आदेश जारी कराने के निर्देश दिए।
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आख्या के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन
उप जिलाधिकारी/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने पाठ्य पुस्तकों की खरीद की पत्रावली के परीक्षण के लिए बुधवार को बीईओ इटियाथाक रामराज, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. रमेश चंद्र चौबे, बालिका शिक्षा जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव, सर्व शिक्षा अभियान के लेखाकार सुभाष श्रीवास्तव व जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश सिंह समेत पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। एसडीएम ने समिति के सदस्यों को सभ्ी बीईओ की रिपोर्ट व जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित छात्र संख्या के साथ पत्रावली पर स्पष्ट आख्या तलब की है।


समय से मिलेंगी बच्चों को किताबें
क्रय आदेश जारी करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी व जिला समन्वयक प्रशिक्षण से खरीद के संबंध में पत्रावली मांगी गई है। खरीद के लिए स्पष्ट आख्या भी देने को कहा गया है। आख्या मिलते ही क्रय आदेश जारी कर दिया जायेगा। बच्चों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई जायेंगी।
-विनोद कुमार सिंह, एसडीएम/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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