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आंगनबाड़ी केंद्रंों पर ताला,कैसे मिले कुपोषितों को निवाला
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:01 PM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला, कैसे मिले कुपोषितों को निवाला
गोंडा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठप हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से करीब दो हजार केंद्रों पर पर पिछले एक माह से ताला लटक रहा है। सेंटर का संचालन ठप होने से इन केंद्रों पर पंजीकृत कुपोषित बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा है।
हड़ताल के कारण न तो कार्यकर्ता केंद्रों पर पहुंच रही हैं और न ही बच्चे इन केंद्रों पर आ रहे हैं। केंद्रों के संचालन की निगरानी करने वाले कार्यक्रम विभाग के अफसर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जिससे कुपोषण मिटाने की योजना पूरे जिले में धराशायी हो गई है।
छह वर्ष के कम आयु के बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में करीब तीन हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रो पर 3.50 लाख बच्चों का पंजीकरण हैं। पूर्व प्राथमिक शिक्षा के साथ साथ इन बच्चों के शारीरिक कुपोषण को दूर कर उन्हें तंदुरुस्त बनाने के लिए पोषाहार भी दिया जाता है।
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मगर पिछले डेढ़ माह से इनमें से अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठप पड़ा हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण करीब दो हजार केंद्रों पर ताला लटक रहा है जिससे इन केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है।
कार्यकर्ताओं के केंद्रों पर न पहुंचने से बच्चे भी कें द्र पर नहीं जा रहे हैं। सबकुछ जानने के बावजूद योजना के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यक्रम विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। न तो वह केंद्रों का संचालन करवा रहे हैं और नही पोषाहार वितरित हो रहा है। इस लापरवाही के कारण कुपोषण मिटाने की यह योजना जिले में पूरी तरह से धराशायी हो गई है।
आंगनबाड़ी केंद्र सबना-बभनजोत
गोंडा। बभनजोत ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र सबना का संचालन प्राथमिक विद्यालय में किया जा रहा है। सोमवार को इस केंद्र पर ताला लटकता मिला। पिछले डेढ़ महीने से इस केंद्र का ताला नहीं खुला हैं।
स्कूल के प्रधानाध्यापक इंद्रमोहन वर्मा के मुताबिक हड़ताल के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला देवी व प्रभावती तथा सहायिका अनीता वर्मा व अनीता शर्मा केंद पर नहीं आ रही हैं। केंद्र पर पोषाहार का वितरण भी ठप है।
आंगनबाड़ी केंद्र पड़नीहाथी राय-बभनजोत
गोंडा। आंगनबाड़ी केंद्र जिगिरिया का संचालन प्राथमिक विद्यालय पड़नीहाथी राय में संचालित हो रहा हैं। सोमवार को इस कें्रद पर भी ताला लटकता मिला। स्कूल के प्रधानाध्यापक जावेद कमर ने बताया कि कार्यकत्रियों की हड़ताल के चलते केंद्र पिछले काफी दिनों से बंद चल रहा है। इस केंद्र पर कार्यकर्ता चंद्रप्रभा व सहायिका मंजू देवी की तैनाती है। केंद्र पर पोषाहार भी नहीं वितरित किया जा रहा है।
हड़ताल के कारण केंद्रों का संचालन प्रभावित हुआ है मगर सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से कराने व पोषाहार का वितरण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। उनसे केंद्र संचालन की रिपोर्ट भी मांगी जा रही हैँ। बंद मिले आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकत्रियों से जवाब तलब किया जायेगा।
-विजय श्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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गोंडा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठप हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से करीब दो हजार केंद्रों पर पर पिछले एक माह से ताला लटक रहा है। सेंटर का संचालन ठप होने से इन केंद्रों पर पंजीकृत कुपोषित बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा है।
हड़ताल के कारण न तो कार्यकर्ता केंद्रों पर पहुंच रही हैं और न ही बच्चे इन केंद्रों पर आ रहे हैं। केंद्रों के संचालन की निगरानी करने वाले कार्यक्रम विभाग के अफसर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जिससे कुपोषण मिटाने की योजना पूरे जिले में धराशायी हो गई है।
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छह वर्ष के कम आयु के बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में करीब तीन हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रो पर 3.50 लाख बच्चों का पंजीकरण हैं। पूर्व प्राथमिक शिक्षा के साथ साथ इन बच्चों के शारीरिक कुपोषण को दूर कर उन्हें तंदुरुस्त बनाने के लिए पोषाहार भी दिया जाता है।
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मगर पिछले डेढ़ माह से इनमें से अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठप पड़ा हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण करीब दो हजार केंद्रों पर ताला लटक रहा है जिससे इन केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है।
कार्यकर्ताओं के केंद्रों पर न पहुंचने से बच्चे भी कें द्र पर नहीं जा रहे हैं। सबकुछ जानने के बावजूद योजना के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यक्रम विभाग के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। न तो वह केंद्रों का संचालन करवा रहे हैं और नही पोषाहार वितरित हो रहा है। इस लापरवाही के कारण कुपोषण मिटाने की यह योजना जिले में पूरी तरह से धराशायी हो गई है।
आंगनबाड़ी केंद्र सबना-बभनजोत
गोंडा। बभनजोत ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र सबना का संचालन प्राथमिक विद्यालय में किया जा रहा है। सोमवार को इस केंद्र पर ताला लटकता मिला। पिछले डेढ़ महीने से इस केंद्र का ताला नहीं खुला हैं।
स्कूल के प्रधानाध्यापक इंद्रमोहन वर्मा के मुताबिक हड़ताल के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला देवी व प्रभावती तथा सहायिका अनीता वर्मा व अनीता शर्मा केंद पर नहीं आ रही हैं। केंद्र पर पोषाहार का वितरण भी ठप है।
आंगनबाड़ी केंद्र पड़नीहाथी राय-बभनजोत
गोंडा। आंगनबाड़ी केंद्र जिगिरिया का संचालन प्राथमिक विद्यालय पड़नीहाथी राय में संचालित हो रहा हैं। सोमवार को इस कें्रद पर भी ताला लटकता मिला। स्कूल के प्रधानाध्यापक जावेद कमर ने बताया कि कार्यकत्रियों की हड़ताल के चलते केंद्र पिछले काफी दिनों से बंद चल रहा है। इस केंद्र पर कार्यकर्ता चंद्रप्रभा व सहायिका मंजू देवी की तैनाती है। केंद्र पर पोषाहार भी नहीं वितरित किया जा रहा है।
हड़ताल के कारण केंद्रों का संचालन प्रभावित हुआ है मगर सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से कराने व पोषाहार का वितरण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। उनसे केंद्र संचालन की रिपोर्ट भी मांगी जा रही हैँ। बंद मिले आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकत्रियों से जवाब तलब किया जायेगा।
-विजय श्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी