फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   चौखडिय़ा में लोहिया आवास में दो करोड़ का घोटाला

चौखडिय़ा में लोहिया आवास में दो करोड़ का घोटाला

Thu, 08 Jun 2017 02:47 AM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 02:47 AM IST
विज्ञापन
चौखडिय़ा में लोहिया आवास में दो करोड़ का घोटाला
प्रधान और सचिव ने हड़प लिया दो करोड़
विज्ञापन

चौखडिय़ा गांव में 195 लोहिया आवास के लिए मिला था पैसा
पात्रों को निर्माण सामग्री दिलाने के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव ने किया खेल
प्रशासन की जांच कमेटी ने किया खुलासा
उमानाथ तिवारी
गोंडा। नवाबगंज के समग्र ग्राम चौखडिय़ा में वित्तीय वर्ष 2014-15 में आवंटित किए गए 195 लोहिया आवासों के निर्माण में घपले का मामला सामने आया है। यहां ग्राम प्रधान और सचिव ने निर्माण के लिए सामग्री दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से पासबुक लेकर फर्जीवाड़ा कर करीब दो करोड़ रुपये निकाल लिए। इससे करीब 70 आवास अधूरे रहे गए। शिकायत मिलने पर जब परियोजना निदेशक ने इस मामले की जांच कराई गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच करने वाली टीम ने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
नवाबगंज के समग्र ग्राम चौखडिय़ा में वित्तीय वर्ष 2014-15 में अनुसचित जाति के 43 व अन्य जातियों के 152 लाभार्थियों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोहिया आवास का आवंटन किया गया था। आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों के बैंक खाते में दो किस्तों में 5.36 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। चौखडिय़ा गांव के रहने वाले उमाशंकर, रती देवी, अनीता, कौशिल्या व मैना का आरोप है कि आवास की धनराशि खाते में आने के बाद ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व रोजगार सेवक ने उनके बैंक की पासबुक ले ली और उन्हें धोखे में रखकर बैंक के खाते से आवास की राशि निकाल ली। जब इन लाभार्थियों को धनराशि नहीं मिली तो सभी लोगों ने परियोजना निदेशक से मिलकर इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। परियोजना निदेशक ने इस मामले की जांच संयुक्त खंड विकास अधिकारी केशवचंद व बीडीओ हर्षवर्धन की दो सदस्यीय टीम को सौंपी थी। इस गोलमाल की जांच करने के लिए जब टीम चौखडिय़ा गांव पहुंची तो पता चला कि राशि के अभाव में करीब 70 लोहिया आवास अधूरे पड़े हुए हैं। जांच के दौरान मजरा लालापुरवा की रहने वाले रेखा, विमला, अनीता व संगीता ने बताया कि धनराशि उनके खाते में आई थी लेकिन ग्राम प्रधान ने उन्हें निर्माण सामग्री दिलाने के नाम पर पूरी रकम ले ली। इसके बाद न उन्हे सामग्री ही मिली और न ही पैसा वापस किया। जांच टीम के मुताबिक आवास निर्माण में करीब 2 करोड़ रुपये के घपले का मामला सामने आया है। जांच टीम ने इसके लिए ग्राम प्रधान को पूरी तरह से दोषी ठहराया है और प्रधान व लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
विज्ञापन

इनसेट
15 अपात्रों को दिए लोहिया आवास के 41 लाख
चौखडिय़ा गांव में अफसरों ने रेवड़ी की तरह से लोहिया आवास का आवंटन किया। इसमें करीब 15 ऐसे अपात्रों को लोहिया आवास आवंटित कर दिए गए जिनके पास पहले से पक्का मकान मौजूद है। इन अपात्रों के खाते में अफसरों ने मिलीभगत करके 41 लाख रुपये की धनराशि भेज दी। इस खुलासे के बाद अब इन अपात्रों से धनराशि वसूलने की तैयारी है। बीडीओ की रिपोर्ट के मुताबिक मुद्रिका, अमीना, प्रमिला, सुशीला, कमलेश, कंचन, रामावती, रंजना, रुपवती, सियाराम, बाल किशुन, बेचू, श्रीपाल, रघुराज देवी व रीता को लोहिया आवास के लिए अपात्र ठहराया गया है। जांच टीम ने इन अपात्रों से धनराशि की वसूली की सिफरिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
प्रधान से मिलीभगत कर भेज दी दूसरी किस्त
गोंडा। आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त भेजे जाने के बाद लाभार्थी को दीवार स्तर तक का काम पूर कराना होता है। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव आवास की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर लाभार्थी को दूसरी किस्त दिलाये जाने की संस्तुति करता है लेकिन चौखडिय़ा में इसका ध्यान नहीं रख गया और ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर बिना सत्यापन रिपोर्ट के ही दूसरी किस्त 2.63 करोड़ लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई जिसे ग्राम प्रधान व अन्य लोगों ने मिलकर बंदरबाट कर लिया।
इनसेट
रिपोर्ट में अपनों को बचाया
चौखडिय़ा गांव में लोहिया आवास की जांच में सरकारी कर्मियों की संलिप्त्ता भी सामने है। बावजूद इसके जांच टीम के अफसरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया है। मिलीभगत में शामिल होने के खुलासे पर भी रिपोर्ट में सिर्फ ग्राम प्रधान व लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है, जबकि गांव के सचिव व रोजगार सेवक के संबंध में कुछ भी नहीं लिखा गया है।

इनसेट
चाौखडिय़ा में लोहिया आवास की धनराशि में गोलमाल करने में ग्राम प्रधान की मिलीभगत सामने आई है। इसके जिला जिलाधिकारी को ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। साथ ही इस अनियमितता में लिप्त सरकारी कर्मियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।
-वीरपाल, परियोजना निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed