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Ghazipur News: ताड़ीघाट-बारा एनएच पर दरारें पाटने का काम शुरू
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रेवतीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर बिहार को जोड़ने वाली ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाइवे 124 सी के ज्वाइंटर में जानलेवा हो चुके दरारों को समतल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एसडीएम सेवराई राजेश प्रसाद चौरसिया की निगरानी में एनएच वाराणसी डिविजन के द्वारा कार्य कराया जा रहा है। एसडीएम ने चेताया कि मानक के अनुरूप कार्य न होने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। निर्देशित किया कि जल्द दरार को समतल किया जाए। इसमें तनिक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार, इस कार्य के पूरा हो जाने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले विभिन्न वाहन चालक जहां खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। वहीं होने वाले संभावित हादसों पर भी प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में मदद मिल सकेगी। महकमे के द्वारा पहले दिन करीब छह सौ मीटर तक दरार को समतल करने का काम गिट्टी, सीमेंट व मोरंग के जरिए हुआ। प्रशासन के निर्देश पर यह काम अभी कई दिनों तक चलने की उम्मीद है। ग्रामीणों के अनुसार सबसे ज्यादा खराब स्थिति साइतबांध पुलिया से रेवतीपुर के बीच है। जहां जगह-जगह सड़क के बीच काफी चौड़ी दरार आ गई है। ऐसी दरारें ही जानलेवा साबित हो रही हैं।
लोगों का कहना है कि यह कहने के लिए सिर्फ नेशनल हाइवे है लेकिन किसी गांव की सड़क से भी बेकार स्थिति में पहुंच चुका है। कई जगहों पर तो इसकी पटरी भी खिसकने लगी है। वाहन से चलते समय थोड़ी सी लापरवाही से हादसा होना तय है। अब तक करीब एक दर्जन हादसे हो चुके हैं। यह पूरा मार्ग बनने के दौरान ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिसका खामियाजा लोगों के हादसे के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। दरार पड़ने के साथ पूरे मार्ग पर यातायात नियमों सहित अन्य सुरक्षा से संबंधित कोई बचाव के तरीके नहीं हैं। रेडियन युक्त बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। जिससे भी हादसा प्रमुख रूप से हो रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार, इस कार्य के पूरा हो जाने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले विभिन्न वाहन चालक जहां खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। वहीं होने वाले संभावित हादसों पर भी प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में मदद मिल सकेगी। महकमे के द्वारा पहले दिन करीब छह सौ मीटर तक दरार को समतल करने का काम गिट्टी, सीमेंट व मोरंग के जरिए हुआ। प्रशासन के निर्देश पर यह काम अभी कई दिनों तक चलने की उम्मीद है। ग्रामीणों के अनुसार सबसे ज्यादा खराब स्थिति साइतबांध पुलिया से रेवतीपुर के बीच है। जहां जगह-जगह सड़क के बीच काफी चौड़ी दरार आ गई है। ऐसी दरारें ही जानलेवा साबित हो रही हैं।
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लोगों का कहना है कि यह कहने के लिए सिर्फ नेशनल हाइवे है लेकिन किसी गांव की सड़क से भी बेकार स्थिति में पहुंच चुका है। कई जगहों पर तो इसकी पटरी भी खिसकने लगी है। वाहन से चलते समय थोड़ी सी लापरवाही से हादसा होना तय है। अब तक करीब एक दर्जन हादसे हो चुके हैं। यह पूरा मार्ग बनने के दौरान ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिसका खामियाजा लोगों के हादसे के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। दरार पड़ने के साथ पूरे मार्ग पर यातायात नियमों सहित अन्य सुरक्षा से संबंधित कोई बचाव के तरीके नहीं हैं। रेडियन युक्त बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। जिससे भी हादसा प्रमुख रूप से हो रहा है।
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