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पति की दीर्घायु को महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 16 Sep 2015 11:26 PM IST
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पति की रक्षा तथा दीर्घायु की कामना को लेकर किया जाने वाला हरितालिका तीज का पर्व बुधवार को शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरा तथा उत्साह के साथ मनाया गया। दिनभर निर्जला व्रत के बीच व्रती महिलाओं ने गंगा स्नान, दान,
पुण्य के साथ ही धार्मिक कार्यों में लगी रहीं। शाम को घरों के साथ ही मंदिरों में पहुंचकर कथा सुनीं।
तीज पर्व के मद्देनजर महिलाओं ने सुबह से ही व्रत धारण किया। इसकी तैयारी के क्रम में भोर में ही उठ गईं। घर की साफ
सफाई करने के बाद महिलाओं ने स्नान करने के बाद पूजन किया। गंगा घाटों पर भी स्नान करने के लिए काफी संख्या में महिलाएं पहुंची। ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलेक्टर घाट, नवापुरा घाट, पोस्ताघाट, अन्जही घाट, खिड़की घाट, पत्थर घाट
सहित अन्य घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। घाटों पर स्थित मंदिरों के साथ ही अन्य शिव मंदिरों में पहुंचकर व्रती महिलाओं ने कथा सुनी। परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने शृंगार का सामान दान किया। ऐसी मान्यता है कि चूड़ी, शीशा,
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कंघी, बिंदी, फीता आदि का दान करने से वह हमेशा सुहागिन बनी रहती हैं। कुछ महिलाएं रात्रि जागरण कर भजन कीर्तन करती रहीं।
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पुण्य के साथ ही धार्मिक कार्यों में लगी रहीं। शाम को घरों के साथ ही मंदिरों में पहुंचकर कथा सुनीं।
तीज पर्व के मद्देनजर महिलाओं ने सुबह से ही व्रत धारण किया। इसकी तैयारी के क्रम में भोर में ही उठ गईं। घर की साफ
सफाई करने के बाद महिलाओं ने स्नान करने के बाद पूजन किया। गंगा घाटों पर भी स्नान करने के लिए काफी संख्या में महिलाएं पहुंची। ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलेक्टर घाट, नवापुरा घाट, पोस्ताघाट, अन्जही घाट, खिड़की घाट, पत्थर घाट
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सहित अन्य घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। घाटों पर स्थित मंदिरों के साथ ही अन्य शिव मंदिरों में पहुंचकर व्रती महिलाओं ने कथा सुनी। परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने शृंगार का सामान दान किया। ऐसी मान्यता है कि चूड़ी, शीशा,
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कंघी, बिंदी, फीता आदि का दान करने से वह हमेशा सुहागिन बनी रहती हैं। कुछ महिलाएं रात्रि जागरण कर भजन कीर्तन करती रहीं।