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नदियों के तेवर में कमी, गांवों को राहत

Sun, 06 Oct 2019 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 10:57 PM IST
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water lavel down in ghazipur
गाजीपुर। जिले में तबाही मचा चुकी गंगा और गोमती में घटाव बना हुआ है। अब अन्य सहायक नदियों की बाढ़ में भी कमी आ रही है। हालांकि अभी सैकड़ों गांवों में जहां पानी पूरी तरह से निकल नहीं पाया है। वहीं, कुछ गांव अभी भी घिरे हुए हैं। गांगी और मंगई नदी का तेवर अभी भी बना हुआ है। इनसे करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हैं। बहरियाबाद क्षेत्र में उदंती नदी के साथ ही बेसो, कर्मनाशा आदि नदियों के जलस्तर में घटाव का क्रम बना हुआ है। शहर के ददरीघाट, कलक्टरघाट, पोस्ता घाट में पानी कम हो रहा है। कुर्था, बयेपुर, सोकनी, पुरैना, जैतपुरा आदि की समस्याएं धीरे-धीरे कम हो रही है। देवकली संवाददाता के अनुसार, गांगी नदी से परसनी, हीरानंदपुर, बड़िहारी, खोजनपुर, सियांवा, शिशुचक आदि गांवों को थोड़ी राहत मिल रही है। रेवतीपुर संवाददाता के अनुसार, गंगा के तटवर्ती गांवों डुहिया, कासिमपुर, बहलोलपुर, मेदिनीपुर, ताडीघाट, कालूपुर, बवाड़ा, युवराजपुर, पटकनिया, भगीरथपुर, गरुआ मकसूदपुर, इजरी, बैकुंठपुर, घाटमपुर, मलसा, पिपरा आदि गांवों को राहत मिल रही है। जखनिया संवाददाता के अनुसार, मगई एवं बेसो नदी में थोड़ी सी कमी देखी गई। गांवों में घुसा पानी जमकर दुर्गंध पैदा कर रहा है। बाहर शरण लिए लोग अब भी परेशान हैं। शरणालय बने विनोद पांडेय इंटर कालेज के भूतल का पानी पूरी तरह से नहीं निकला है। जखनिया-सादात मार्ग, जखनिया रायपुर मार्ग, जखनिया-बुढानपुर के मध्य भुड़कुड़ा के पास सड़के क्षतिग्रस्त हो गई हैं। क्षेत्र में चारा, सब्जी, धान सहित अन्य फसलें डूब गई है। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार, मंगई नदी की बाढ़ इस क्षेत्र में भी तबाही मचाने की ओर अग्रसर हो रही है। करीमुद्दीनपुर, राजापुर, शेरमठ, उत्तमपुर, लट्ठूडीह, बाबूलाल का पुरा, कबीरपुर, सोनवानी, अल्लापुर आदि गांव की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी हुई है। बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार, उदंती नदी के तेवर में खास कमी नहीं देखी गई। ताजपुर डेहमा संवाददाता के अनुसार, टोंस नदी की वजह से गोसलपुर, कुसहां, गड़ार आदि गांवों के किसानों की हजारों एकड़ जलमग्न फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। धान, बाजरा, अरहर, हरी सब्जियां आदि बर्बाद हो गई है। कठवा मोड़ क्षेत्र में बेसो नदी के बढ़ाव से गांव घिरे हुए हैं। फतेपुर अटवां, खालिसपुर बवाड़ा, नगवा नवापुरा, जल्लापुर, पकवाइनार, चौरही, चकफरीद आदि कुछ गांवों के लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। शहबाजकुली, गौसपुर, फिरोजपुर, चकफरीद गांवों में राहत है। खानपुर संवाददाता के अनुसार, गांगी नदी के चलते डहरा खुर्द, निंदोपुर, उचौरी, भीमापार, बिझवल, निजामपुर, अमुवारा, सवना, लौलहा, मठिया, डहरा कला, भितरी, सराय हेतिम, महमूदपुर-हथिनी, देवकली आदि दर्जनों गांवों में घुसा पानी कम हो रहा है। गंगा किनारे के रामपुर, मंझरिया, मांझा, नारी पचदेवरा, टोडरपुर, फुलवारी कला, दुबैथा, गायघाट, आराजीगंज, कोल्हुआ टोला, जौहरगंज, रामतवक्का, औड़िहार, पटना, गोपालपुर, गजाधरपुर, शादी-भादी आदि गांवों में पानी कम हो रहा है। भांवरकोल संवाददाता के अनुसार, धर्मपुरा, फिरोजपुर, कठार, निकरोजपुर, आमघाट, रानीपुर, नकटीकोल आदि गांवों के बाहर पानी लगा हुआ है। मंगई नदी की वजह से मसौनी, लौवाडीह, सियाड़ी, गोड़उर, महेंद, देवरिया, सरदरपुर, नसरतपुर, जोगा मुसाहिब गांव के सिवान पानी से भर गए है जबकि फसल जलमग्न हैं।
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