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यूक्रेन में फंसे दो छात्र पहुंचे घर, हुआ स्वागत

Mon, 07 Mar 2022 12:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 12:29 AM IST
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Two students trapped in Ukraine reached home, welcomed
युक्रेन से घर पहुंचा ओमकार श्रीवास्तव , अपने माता- पिता के साथ। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
दुल्लहपुर। यूक्रेन के कीव में फंसे एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले दो छात्र रविवार को सकुशल घर पहुंच गए। देवा गांव के शिशिर पांडेय और पदुमपुर के ओमकार श्रीवास्तव का गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। छात्रों ने बताया कि विस्फोटकों के धमाके की आवाज सुनकर दिल दहल जाता था। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जो अपने छात्रों को स्वदेश लाने के लिए दिन-रात लगा है। वहां अन्य देश के छात्र मौजूद हैं, जो अपने देश जाना चाहते थे, लेकिन साधन के अभाव में नहीं जा पा रहे हैं।
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देवा गांव निवासी सुभाष पांडेय के पुत्र शिशिर पांडेय कीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। रूस के युक्रेन पर हमले के बाद हालत खराब होने पर भारत के छात्रों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री ने भारत से अलग-अलग देशों में कैबिनेट मंत्री और वायुसेना सेना के जहाज भेज कर छात्रों को बाहर निकालने का कार्य किया। स्लोवाकिया से वायुसेना का जहाज 220 छात्रों को लेकर सात घंटे में हिंडन एयरबेस गाजियाबाद पहुंचा। सभी छात्रों को यूपी भवन पहुंचाया गया। वहां भोजन व नाश्ता देने के बाद कार से घर भेजा गया। एक कार से चार छात्रों को भेजा गया, जिसमें दो कानपुर के रहने वाले भाई-बहन थे।
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भुड़कुड़ा के प्रदुमपुर के ओमकार श्रीवास्तव के घर पहुंचने उनकी अध्यापिका मां निर्मला पांडेय गले से लग गईं और रोने लगी। ग्रामीणों ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। शिशिर ने बताया कि 23 फरवरी की रात यूक्रेन पर हमला हुआ। तेज धमाके हुआ आवाज सुनते सब लोगों की नींद टूट गई। खिड़की से बाहर देखा गया तो चारों तरफ अफरातफरी मची थी। बहुत से लोग कार से इधर-उधर भागते नजर आए। दुकानों पर लंबी लाइन लगी थी। हम लोग हॉस्टल में पानी लेने चले गए। उसके बाद हॉस्टल के नीचे बंकर में रहने लगे। तीन दिन बाद ट्रेन से पैसे देकर लबिब पहुंचे तथा वहां से मिनी कार से स्लोवाकिया।
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