{"_id":"68f91a19043a7eff3107f6d1","slug":"transformer-bursts-into-flames-leaving-150-homes-without-power-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-141072-2025-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: आग का गोला बना ट्रांसफाॅर्मर, 150 घरों की गुल हुई बत्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: आग का गोला बना ट्रांसफाॅर्मर, 150 घरों की गुल हुई बत्ती
विज्ञापन
कासिमाबाद पॉवर हाउस के पास जलता ट्रांसफार्मर व बिजली के केबल। संवाद
कासिमाबाद। स्थानीय पावर हाउस से सटा 400 केवीए का विद्युत ट्रांसफाॅर्मर मंगलवार की शाम आग का गोला बन गया। डेढ़ घंटे तक ट्रांसफाॅर्मर से आग की लपटें 30 फीट से भी ऊपर उठती रहीं। इस घटना में ट्रांसफाॅर्मर के साथ सभी केबल जलकर नष्ट हो गई। ट्रांसफाॅर्मर जलने से कासिमाबाद टाउन के करीब 150 घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बत्ती बुधवार की शाम 5 बजे तक लगभग 24 घंटे तक गुल रही। कासिमाबाद चौक के पास मंगलवार की शाम 5:30 बजे ट्रांसफाॅर्मर से निकली चिंगारी से आसपास के कूड़े में आग लग गई और देखते ही देखते वह आग का गोला बन गया। ट्रांसफाॅर्मर का तेल जब तक था आग की लपटें बीस से तीस फीट ऊपर तक उठती रहीॅ। घटना की जानकारी 33 केवीए उपकेंद्र के साथ 132 केवीए उपकेंद्र के कर्मचारियों को पता चली इसके बाद निगम के कर्मचारी हरकत में आए और अग्निशमन यंत्र के पांच सिलेंडर का प्रयोग किया, लेकिन मौके पर एक ही काम में आया। शेष चार सिलिंडरों ने मौके पर धोखा दे दिया। एक सिलिंडर से आग बुझाने का प्रयास हुआ, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। एसडीओ मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार की देर शाम तक दूसरा ट्रांसफाॅर्मर आने की संभावना है। जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।
अखरी फायर स्टेशन की सुविधा -कासिमाबाद। तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन विगत कई वर्षों से मंजूर है, लेकिन जमीन के अभाव में बन नहीं पा रहा है। जिस समय ट्रांसफार्मर जल रहा था उस समय मौके पर मौजूद लोग यही कह रहे थे कि तहसील मुख्यालय पर अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ी रही होती तो यह आग कुछ मिनटों में बुझा दी गई होती। यही नहीं 132 केवीए और 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पर अगर अग्निशमन यंत्र ठीक रहे होते और समय पर काम कर गए होते तब भी आग बुझ गई होती।
विज्ञापन
अखरी फायर स्टेशन की सुविधा -कासिमाबाद। तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन विगत कई वर्षों से मंजूर है, लेकिन जमीन के अभाव में बन नहीं पा रहा है। जिस समय ट्रांसफार्मर जल रहा था उस समय मौके पर मौजूद लोग यही कह रहे थे कि तहसील मुख्यालय पर अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ी रही होती तो यह आग कुछ मिनटों में बुझा दी गई होती। यही नहीं 132 केवीए और 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पर अगर अग्निशमन यंत्र ठीक रहे होते और समय पर काम कर गए होते तब भी आग बुझ गई होती।
विज्ञापन