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आधा से कुछ ज्यादा विद्यालयों में ही पूरा हुआ टाइलीकरण का काम
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परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। महीनों बीत जाने के बाद भी निर्धारित पैरामीटर पर 86 फीसदी विद्यालयों में ही काम पूरा हो सका है। हालत यह है कि टाइलीकरण का कार्य पचास फीसदी तो चहारदीवारी निर्माण का कार्य 66 प्रतिशत से कुछ अधिक विद्यालयों में ही हुआ है।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के तहत 19 पैरामीटर पर कार्य कराकर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यालयों की सूरत नहीं बदल सकी है। काफी प्रयास करने के बाद भी 52 फीसदी विद्यालयों में ही टाइलीकरण का काम पूरा हो सका है। यही नहीं 66.11 प्रतिशत स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण हो सका है। बालक एवं बालिका शौचालय के निर्माण की स्थिति संतोषजनक है। अब तक 92 प्रतिशत बालक एवं 94 फीसदी विद्यालयों में बालिकाओं के शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 81 प्रतिशत में विद्युतीकरण तथा 97 फीसदी से कुछ ज्यादा विद्यालयों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जा सकी है। इस संबंध में बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प के तहत जिले के प्राथमिक विद्यालयों में होने वाले कार्यो की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधूरे कार्यों को बहुत जल्द पूरा कराया जाएगा।
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जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के तहत 19 पैरामीटर पर कार्य कराकर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यालयों की सूरत नहीं बदल सकी है। काफी प्रयास करने के बाद भी 52 फीसदी विद्यालयों में ही टाइलीकरण का काम पूरा हो सका है। यही नहीं 66.11 प्रतिशत स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण हो सका है। बालक एवं बालिका शौचालय के निर्माण की स्थिति संतोषजनक है। अब तक 92 प्रतिशत बालक एवं 94 फीसदी विद्यालयों में बालिकाओं के शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 81 प्रतिशत में विद्युतीकरण तथा 97 फीसदी से कुछ ज्यादा विद्यालयों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जा सकी है। इस संबंध में बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प के तहत जिले के प्राथमिक विद्यालयों में होने वाले कार्यो की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधूरे कार्यों को बहुत जल्द पूरा कराया जाएगा।
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