Ghazipur: बंटी-बबली से कम नहीं पति-पत्नी की यह जोड़ी, युवाओं को नौकरी का झांसा देकर अब तक ठग चुके 25 लाख
रेलवे और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले पति-पत्नी सहित तीन शातिरों को गाजीपुर जिले की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पति-पत्नी बंटी-बबली की तर्ज पर जिले के कई युवक-युवतियों को नौकरी का झांसा देकर करीब 25 लाख रुपये ढग चुके हैं।
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ठगी और फर्जीवाड़े को काफी चतुराई से अंजाम देने वाले पति-पत्नी समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन फर्जी नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश से निर्गत फर्जी कूटरचित संविदा से स्थायीकरण का पत्र समेत कई दस्तावेज और तीन मोबाइल बरामद हुए।
पति-पत्नी बंटी-बबली की तर्ज पर जिले के कई युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर अब तक 25 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। दोनों सचिवालय के सचिव या किसी बहुत बड़े मंत्री का निजी सचिव बताकर मंत्री कोटे से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भोले भाले लोगों को झांसे में फंसाने का काम करते थे।
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पुलिस ने बैंक खातों को किया सीज
गुरुवार को एसपी ओमवीर सिंह ने प्रेसवार्ता कर गिरोह का खुलासा किया। कहा कि मुखबिर की सूचना पर जंगीपुर पुलिस एवं एसओजी की टीम ने गुरुवार सुबह शातिरों को अरसदपुर के पास से धर-दबोचा। बताया कि गिरोह ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अब तक करीब छह लोगों से करीब 25 लाख रुपये की ठगी की है।
पैसे गिरफ्तार आरोपी मीता तिवारी के बैंक खाते और एक माइक्रो फाईनेंस के खाते में जमा हुआ है। इन खातों को फ्रीज करा दिया गया है। अन्य बैंक खातों की जानकारी भी ली जा रही है। मुकदमा दर्जकर पुलिस छानबीन में जुटी हुई है।
बताया कि गिरोह के पकड़े गए तीन सदस्यों ने अपना नाम छत्तीसगढ़ प्रांत के बलौदा बाजार जनपद स्थित सिमगा थाना के वार्ड नंबर 12 सिमगा मंदिर गली निवासी मीता तिवारी और उसकी पति अंकुश तिवारी के साथ नोनहरा थाना के धर्माडीह निवासी कमलकांत सिद्धार्थ बताया।