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अस्पताल का ये हाल : जंग लगे हैं अग्निशमन यंत्र, पानी का टैंक ही नहीं

Sat, 16 Nov 2024 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:48 PM IST
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This is the condition of the hospital: Fire extinguishers are rusted, there is no water tank
गाजीपुर। गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज के 200 बेड के पुरुष अस्पताल को यहां संचालित हुए आठ वर्ष बीत गए, लेकिन कमियां दूर न हो सकी। इससे आज तक फायर बिग्रेड की ओर से एनओसी नहीं मिल सकी। आग की घटना से निपटने के लिए यहां पानी टैंक तक नहीं है और परिसर में लगे फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी जंग खाकर समाप्त हो चुके हैं। पाइप लाइन और सेंसर शोपीस बने हैं। ऐसे में फायर एक्सटिंग्विशर के सहारे आग पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है।
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झांसी मेडिकल काॅलेज में आग लगने की घटना के बाद अलर्ट होना तो दूर आग जैसी घटना से निपटने की तैयारियां यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सिर्फ कागजों पर है। वजह 200 बेड के अस्पताल में जब आठ वर्ष में कमियों को दूर करके अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली गई तो अचानक कहां से तैयारियां हो सकती है। जबकि स्थितियां यह है कि इस अस्पताल में जहां आपातकक्ष है, वहीं आईसीयू, पैथोलॉजी, रिपोर्ट केंद्र, सिटी स्कैन कक्ष, ब्लड बैंक और तीसरे तल पर डायलिसिस यूनिट स्थापित है। ऐसे में आग जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मात्र एक ही सहारा फायर एक्सटिंग्विशर है। वहीं 300 बेड का अस्पताल तो सात मंजिला है। हालांकि यहां के तीन तल का उपयोग तो किया जा रहा है, लेकिन अब तक यहां भी अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिल सकी है। वजह अभी तक यहां कई काम शेष हैं। ऐसे में आग की घटनाओं से निपटने को लेकर दोनों जगहों पर पुख्ता इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल को मिल चुकी है एनओसी
गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज और मिश्रबाजार स्थित 100 बेड के महिला अस्पताल में आग से निपटने की पूरी व्यवस्था है। इससे इन दोनों जगहों की एनओसी अग्निशमन विभाग द्वारा दे दी गई है। निरीक्षण करने के बाद अग्निशमन विभाग ने प्रमाण-पत्र बीते तीन नंवबर को जारी कर दी।
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200 बेड के पुरुष अस्पताल में टैंक बन रहा है। खराब हो चुके फायर हाइड्रेंट सिस्टम को बदलवाने का कार्य जल्द शुरू होगा। प्रत्येक वार्ड व अन्य जगह फायर एक्सटिंग्विशर लगा हुआ है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।- प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य, महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज

अभी 200 बेड के पुरुष अस्पताल और 300 बेड के नवनिर्मित अस्पताल को एनओसी नहीं दी गई। कमियों को दूर करने को कहा गया है। निरीक्षण कर कमियों के दूर होने के बाद एनओसी दी जाएगी।- भारतेंदु जोशी, सीएफओ।
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