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बनेंगे 29 आंगनबाड़ी केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 15 Mar 2016 11:38 PM IST
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नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं के पोषण की निगरानी के लिए जिले में 29 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का अपना भवन होगा, कक्ष, किचन, बरामदा और शौचालय होंगे। इसके निर्माण में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के कार्ड धारक श्रमिकों से काम लिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए पहली किस्त की एक करोड़ 29 लाख 34 हजार रुपये की रकम जारी कर दी गई है।
गर्भवती महिलाओं, शिशुओं की सेहत की निगरानी समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत की जा रही है। बच्चों के पोषण के लिए जिले में कुल 4118 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई है लेकिन बढ़ती आबादी के हिसाब से ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इस सत्र में 29 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
इन केंद्रों के अपने भवन भी बनाए जाएंगे। लगभग 1200 वर्गफुट में बनने वाले हर केंद्र के निर्माण पर लगभग सात लाख 52 हजार रुपये की लागत आएगी। इसमें एक कक्ष, बरामदा, किचन एवं शौचालय होगा। इसके निर्माण से मनरेगा श्रमिकों को भी काम दिया जाएगा।
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लगभग दो लाख रुपये मनरेगा से खर्च होंगे, जिससे 1300 से ज्यादा श्रम दिवसों का सृजन होगा। यानी हर गांव में तकरीबन 13 मजदूरों को 100 दिन का काम मुहैया कराया जा सकेगा। प्रत्येक केंद्र के निर्माण की लागत में चार लाख 46 हजार रुपये समन्वित बाल विकास योजना से जारी होगी जबकि तीन लाख छह हजार रुपये पंचायती राज विभाग जारी करेगा, जिसमें दो लाख रुपये मनरेगा से दिए जाएंगे। केन्द्रों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है।
जिले के करीब दर्जन भर विकास खंडों में 29 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में केन्द्रों का निर्माण होना है उनमें बरार, नसीराबाद, भितरी तरफ हेतिम, मुस्लिमपुर उर्फ रूहीपुर, महीचा, धरीखुर्द, राजूपुर एवं कोरयाडीह प्रमुख हैं। इसके अलावा कादर, मलौरा, तलबपुर, रामपुर पतारी, मच्छटी, रमनथपुर, हाजीपुर बरेसर, अवतीं, केलही एवं विद्यापारा आदि शामिल हैं।
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गर्भवती महिलाओं, शिशुओं की सेहत की निगरानी समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत की जा रही है। बच्चों के पोषण के लिए जिले में कुल 4118 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई है लेकिन बढ़ती आबादी के हिसाब से ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इस सत्र में 29 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
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इन केंद्रों के अपने भवन भी बनाए जाएंगे। लगभग 1200 वर्गफुट में बनने वाले हर केंद्र के निर्माण पर लगभग सात लाख 52 हजार रुपये की लागत आएगी। इसमें एक कक्ष, बरामदा, किचन एवं शौचालय होगा। इसके निर्माण से मनरेगा श्रमिकों को भी काम दिया जाएगा।
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लगभग दो लाख रुपये मनरेगा से खर्च होंगे, जिससे 1300 से ज्यादा श्रम दिवसों का सृजन होगा। यानी हर गांव में तकरीबन 13 मजदूरों को 100 दिन का काम मुहैया कराया जा सकेगा। प्रत्येक केंद्र के निर्माण की लागत में चार लाख 46 हजार रुपये समन्वित बाल विकास योजना से जारी होगी जबकि तीन लाख छह हजार रुपये पंचायती राज विभाग जारी करेगा, जिसमें दो लाख रुपये मनरेगा से दिए जाएंगे। केन्द्रों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है।
जिले के करीब दर्जन भर विकास खंडों में 29 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में केन्द्रों का निर्माण होना है उनमें बरार, नसीराबाद, भितरी तरफ हेतिम, मुस्लिमपुर उर्फ रूहीपुर, महीचा, धरीखुर्द, राजूपुर एवं कोरयाडीह प्रमुख हैं। इसके अलावा कादर, मलौरा, तलबपुर, रामपुर पतारी, मच्छटी, रमनथपुर, हाजीपुर बरेसर, अवतीं, केलही एवं विद्यापारा आदि शामिल हैं।