विकास भवन के पास प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य निर्धारित समय बीतने के बाद भी अभी पूरा नहीं हो सका है। अभी तक सिर्फ 60 फीसदी निर्माण हो सका है। अभी छत की ढलाई, प्रोजेक्टर रूम, शौचालय और शेड का निर्माण कार्य बाकी है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल ने छह माह में निर्माण कार्य पूरा कर प्रेक्षागृह को सुपुर्द करने का दावा किया है। हालांकि धीमी गति हो रहे कार्य को देखते हुए इस अवधि में निर्माण कार्य पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। जिला मुख्यालय पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शासन ने अगस्त 2016 को प्रेक्षागृह (आडिटोरियम) का निर्माण करने की स्वीकृति दी थी। निर्माण कार्य के लिए आठ करोड़ 41 लाख की लागत निर्धारित की गई थी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई थी। प्रेक्षागृह में एक भव्य स्टेज, स्वागत कक्ष, ग्रीन रूम, बैठने की सुविधा, शौचालय सहित प्रोजेक्टर रूम का निर्माण कराना था। कार्यदायी संस्था को मार्च 2017 से मार्च 2019 तक कई किस्तों में धनराशि भी जारी की गई। दिसंबर 2020 में कार्यदायी संस्था को एक करोड़ 70 लाख रुपये उपलब्ध कराये गए। अब तक कुल छह करोड़ 48 लाख रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को दी जा चुकी है। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में पूरा होना था लेकिन कार्य की धीमी गति से इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी तक सिर्फ 60 फीसदी ही निर्माण हो सका है। अभी छत की ढलाई, शेड का निर्माण, प्रोजेक्टर रूम और शौचालय का निर्माण होना बाकी है। कार्यदायी यूपीपीसीएल की मानें तो दिसंबर में मिली धनराशि से काम चल रहा है और शेष कार्य को पूर्ण करने के लिए जल्द ही एक करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि जारी कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा ताकि प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर उसे सुपुर्द किया जा सके। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की मानें तो प्रेक्षागृह को आठ करोड़ 41 लाख रुपये में पूर्ण कराना है। ऐसे में शासन की ओर से 2017 मार्च, 2018 मार्च, 2019 मार्च और 2020 मार्च तक छह करोड़ 48 रुपये उपलब्ध कराए गए जिससे निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सकी। इसके अलावा कोराना संक्रमण काल के दौरान भी निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था।