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थानाध्यक्ष ने अंत्येष्टि के लिए आर्थिक रूप से कमजोर की मदद की
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करंडा (गाजीपुर)। पत्नी का शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे एक व्यक्ति ने रुंधे गले से थानाध्यक्ष अजय कुमार पांडेय से कहा कि साहब हमारे पास तो डोम को देने के लिए पैसा तक नहीं है, ऐसे में जल प्रवाह की अनुमित दे दीजिए। उसकी इस विवशता को देख थानाध्यक्ष ने सहायता राशि प्रदान कर शव का अंत्येष्टि कराई। उनकी इस मानवीय सहयोग की क्षेत्र के लोगों ने जमकर सराहना की है।
शुक्रवार को थानाध्यक्ष गंगा में शवों के जल-प्रवाह पर रोक का पालन कराने के लिए श्मशान घाट का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान शव लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचे धरवां निवासी मारकीन का कपड़ा पहने एक गरीब ने कहा कि साहब हमारे पास तो डोम को देने के लिए भी पैसे नहीं हैं, मैं अपनी पत्नी का जल-प्रवाह करना चाहता हूं।
इस पर थानाध्यक्ष ने अपने पास से उसे 2500 रुपये की सहायता करते हुए बड़ी शालीनता से कहा कि इतने पैसे आपके लिए पर्याप्त तो नहीं हैं, लेकिन इन पैसों से लकड़ी खरीदकर शवदाह करा दीजिए। थानाध्यक्ष की शालीनता की खूब प्रशंसा लोगों में हो रही है।
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शुक्रवार को थानाध्यक्ष गंगा में शवों के जल-प्रवाह पर रोक का पालन कराने के लिए श्मशान घाट का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान शव लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचे धरवां निवासी मारकीन का कपड़ा पहने एक गरीब ने कहा कि साहब हमारे पास तो डोम को देने के लिए भी पैसे नहीं हैं, मैं अपनी पत्नी का जल-प्रवाह करना चाहता हूं।
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इस पर थानाध्यक्ष ने अपने पास से उसे 2500 रुपये की सहायता करते हुए बड़ी शालीनता से कहा कि इतने पैसे आपके लिए पर्याप्त तो नहीं हैं, लेकिन इन पैसों से लकड़ी खरीदकर शवदाह करा दीजिए। थानाध्यक्ष की शालीनता की खूब प्रशंसा लोगों में हो रही है।
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