फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The son was just 12 days old when a fever left him disabled... He has been suffering for 12 years, and his mother broke down in tears while recounting their ordeal.

Ghazipur News: 12 दिन का था बेटा, बुखार से हो गया दिव्यांग...12 साल से झेल रहा दर्द, आपबीती सुना फफक पड़ीं मां

Wed, 21 Jan 2026 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
The son was just 12 days old when a fever left him disabled... He has been suffering for 12 years, and his mother broke down in tears while recounting their ordeal.
हरिहरपुर गांव के चौहान बस्ती में चारपाई पर रस्शी से बंधी बच्चियां। संवाद
- जिले के 11 गांवों के 43 बच्चे और युवा झेल रहे दिव्यांगता, गाजीपुर से लेकर वाराणसी तक कराया इलाज, नहीं मिला लाभ
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

गाजीपुर। मनिहारी ब्लाॅक के हरिहरपुर गांव के चौथीराम का इकलौता बेटा शिवम 12 वर्ष का है, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाता है, कमर के नीचे का हिस्सा व पैर सूख चुके हैं। वह मानसिक रूप से कमजोर है। सिर्फ इशारों को समझता है। मां शर्मिला ने बताया कि दो बेटियां और एक बेटा है, लेकिन बेटा शिवम जब 12 दिन का था, उस समय बुखार आया था। इसके बाद झटके आने लगे। इसके बाद दिव्यांगता का शिकार हो गया। बेटे को असहाय हालत में देखकर मां शर्मिला फफक पड़ती हैं। यह दर्द सिर्फ शिवम और उनकी मां शर्मिला का ही नहीं है, बल्कि जिले के 11 गांवों के 43 बच्चे और युवा ऐसे हैं, जो इस तरह की दिव्यांगता झेल रहे हैं।

जिले के ब्लाॅक सदर, मनिहारी व देवकली के बहादीपुर, हरिहरपुर, हाला, शिकारपुर, धारीकला, तारडीह, भौरहा, बुढ़नपुर, राठौली सराय, खिजीरपुर और खुटहन गांव में यह बीमारी करीब 15 साल पुरानी है। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम बहादीपुर, हाला, हरिहरपुर और चौहान बस्ती पहुंची और पीड़ितों का दर्द जाना।
विज्ञापन




शहर से करीब 12 किमी दूर सदर ब्लॉक के फत्तेहउल्लाहपुर के बहादीपुर मौजा गांव की रमिता देवी ने बताया कि बेटी सोनी तीन वर्ष तक ठीक थी। एक दिन अचानक बुखार आया और बेहोश हो गई। वाराणसी में डॉक्टर को दिखाने पर पता चला कि उसके दिमाग की नस फट चुकी है। वह मानसिक रूप से कमजोर हो गई। उसके हाथ और पैर टेढ़े हो गए। उनकी बेबसी को आंखों से झलक रही थी। कहा कि पति के निधन के बाद अब इतना पैसा नहीं है, जिससे बेटी का पुत्री का उपचार कराया जा सके। इस समय बेटी की उम्र 18 साल के आसपास है, लेकिन उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं है। उसके भविष्य की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ोस की पुनसा देवी ने बताया पोती साेनी जब दो साल की थी, तब बुखार आया था। इसके बाद उसके दोनों पैर सूख गए। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सोनी के पिता राम विलास और मां मीरा ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं। कुछ दूरी पर रहने वाली गायत्री बताती हैं, उनके पांच बच्चे हैं, दो पुत्र और तीन पुत्रियां। सलोनी तीसरे नंबर पर है। करीब पांच वर्ष की उम्र में उसे बुखार आया था। वाराणसी उपचार कराने ले गई, मगर फायदा नहीं मिला। इलाज पर तीन लाख रुपये खर्च हो गए। सलोनी की तकलीफ को बयां करते-करते उनकी आंखें भर आईं।



---

12 दिन का था बेटा... बुखार ने बना दिव्यांग


बहादीपुर मौजे से करीब तीन किमी दूर स्थित मनिहारी ब्लाॅक के हरिहरपुर गांव के चौथीराम का इकलौता पुत्र शिवम आज 12 वर्ष का हो गया है, लेकिन कुछ बोल नहीं पाता है, कमर के नीचे से पैर सूख गए हैं, वह मानसिक रूप से कमजोर है। उसे बुखार आया था। मां शर्मिला ने बताया कि दो पुत्रियां और एक पुत्र है, लेकिन पुत्र शिवम जब 12 दिन का था, उस समय बीमार पड़ा और दिव्यांग हो गया।


----



गाजीपुर, लखनऊ, वाराणसी ही नहीं उत्तराखंड तक कराया उपचार

हरिहरपुर गांव से कुछ दूरी पर हरिहरपुर चौहान बस्ती है। यहां दो बहनें प्रिया और परिधि भी दिव्यांगता का दंश झेल रही हैं। मां सुभावती देवी कहती हैं कि तीन बच्चे हैं, पुत्र बड़ा है और दोनों बेटियां छोटी हैं, लेकिन कुछ बोल नहीं पाती हैं, मानसिक रूप से कमजोर हो चुकी हैं। चिकित्सक कहते हैं कि ठीक हो जाएगी लेकिन कब ये पता नहीं। बच्चियों का गाजीपुर से लेकर वाराणसी, लखनऊ और उत्तराखंड तक उपचार कराया। वर्तमान में वाराणसी में दोनों बच्चियों का उपचार चल रहा है। पहले झटका बार-बार आता था। अब माह के एक-दो बार आ रहा है। इसी तरह रमिता देवी, गायत्री देवी और पुनसा ने बताया कि वह अपने बच्चों को इलाज कराते कराते थक चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed