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जिले के एक फीसदी से कम रकबे पर दरख्तों का साया
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गाजीपुर। विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च को लेकर वन विभाग ने जिले के आठ क्षेत्रीय वन अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही हरेक रेंजर को एक गांव की विशेष देखभाल करने को कहा गया है। सोमवार को वन विभाग के अधिकारी और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के सहयोग से जगह-जगह वृक्षारोपण कराया जाएगा। साथ ही लोगों को पेड़, पौधों का जीवन में जरूरत समझाते हुए जन-जागरूक की मुहिम चलाई जाएगी।
जिले में फिलहाल 0.86 फीसदी वन क्षेत्र है। वन विभाग का कहना है कि यहां वन क्षेत्र काफी कम है। इसलिए यहां खेत, नहर, सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण का अधिकांश काम होता है। लोगों को जागरूक करने की बेहद जरूरत है। इसके मद्देनजर विश्व वानिकी दिवस पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने पर जोर दिया जाएगा। इस साल जिले में 45.5 लाख पौधरोपण करने का लक्ष्य है। वन विभाग का दावा है कि इसके लिए 52 लाख पौधों को तैयार किया गया है। जिसमें विशेष तौर पर सागौन, शीशम, आम, नीम, आंवला, पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधे हैं। बारिश शुरू होते ही जनपद में वृक्षारोपण का कार्य तेज गति से होगा। डीएफओ प्रदीप कुमार ने कहा कि हर दो साल में वा निकी और वृच्छादन से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित होती है। साल 2023 में अगली रिपोर्ट प्रकाशित होगी। जिसमें वृच्छादन के क्षेत्र में जिले को आगे बढ़ाने पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए कार्य योजना तैयार है। पूरे साल जनप्रतिनिधियों, लोगों और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से इसको आगे बढ़ाने का कार्य होगा।
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जिले में फिलहाल 0.86 फीसदी वन क्षेत्र है। वन विभाग का कहना है कि यहां वन क्षेत्र काफी कम है। इसलिए यहां खेत, नहर, सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण का अधिकांश काम होता है। लोगों को जागरूक करने की बेहद जरूरत है। इसके मद्देनजर विश्व वानिकी दिवस पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने पर जोर दिया जाएगा। इस साल जिले में 45.5 लाख पौधरोपण करने का लक्ष्य है। वन विभाग का दावा है कि इसके लिए 52 लाख पौधों को तैयार किया गया है। जिसमें विशेष तौर पर सागौन, शीशम, आम, नीम, आंवला, पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधे हैं। बारिश शुरू होते ही जनपद में वृक्षारोपण का कार्य तेज गति से होगा। डीएफओ प्रदीप कुमार ने कहा कि हर दो साल में वा निकी और वृच्छादन से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित होती है। साल 2023 में अगली रिपोर्ट प्रकाशित होगी। जिसमें वृच्छादन के क्षेत्र में जिले को आगे बढ़ाने पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए कार्य योजना तैयार है। पूरे साल जनप्रतिनिधियों, लोगों और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से इसको आगे बढ़ाने का कार्य होगा।
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