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Ghazipur News: अब बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। शहरों में बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए अब वन विभाग उनकी धरपकड़ और पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगा।
नगर निकाय और जिला पंचायत राज विभाग इसमें वनविभाग को सहयोग देंगे। शासन से निर्देश मिलने के बाद वन विभाग ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित कर दी है।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़ने, सुरक्षित स्थान पर ले जाने और उनके पुनर्वास के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थल भी चिह्नित होंगे। बंदरों की संख्या के प्रबंधन में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से परामर्श लिया जाएगा।
उनके भोजन और आवास की व्यवस्था के लिए फलदार पौधे लगाकर कपि वन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बंदरों के हॉटस्पॉट पर नगर निकाय ऐसे कूड़ेदान रखवाएंगे, जहां उन्हें खाने-पीने की वस्तुएं न मिल सकें। सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों को खाना खिलाने पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, पार्कों, आवासीय कॉलोनियों और धार्मिक स्थलों पर बंदरों से बचाव के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। मंदिर प्रबंधन, दुकानदारों और श्रद्धालुओं को भी जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा।
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मिर्जापुर। शहरों में बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए अब वन विभाग उनकी धरपकड़ और पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगा।
नगर निकाय और जिला पंचायत राज विभाग इसमें वनविभाग को सहयोग देंगे। शासन से निर्देश मिलने के बाद वन विभाग ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित कर दी है।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़ने, सुरक्षित स्थान पर ले जाने और उनके पुनर्वास के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थल भी चिह्नित होंगे। बंदरों की संख्या के प्रबंधन में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से परामर्श लिया जाएगा।
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उनके भोजन और आवास की व्यवस्था के लिए फलदार पौधे लगाकर कपि वन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बंदरों के हॉटस्पॉट पर नगर निकाय ऐसे कूड़ेदान रखवाएंगे, जहां उन्हें खाने-पीने की वस्तुएं न मिल सकें। सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों को खाना खिलाने पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, पार्कों, आवासीय कॉलोनियों और धार्मिक स्थलों पर बंदरों से बचाव के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। मंदिर प्रबंधन, दुकानदारों और श्रद्धालुओं को भी जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा।