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Ghazipur News: गंगा पिछले साल से 29 दिन बाद खतरे के निशान से ऊपर
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रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पर फैले बाढ़ के पानी से गुजरते राहगीर। संवाद
गाजीपुर। जनपद में मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 63.105 मीटर को पार गया। पिछले साल जहां 4 अगस्त को गंगा ने खतरा बिंदु को पार किया था, वहीं इस बार अगस्त से 29 दिन बाद यह स्थिति बनी।
मंगलवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.320 मीटर दर्ज किया गया। खतरा बिंदु 63.105 से ऊपर 0.215 सेमी पर गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। इसके साथ ही चार मार्गों रेवतीपुर-कामाख्या धाम बाईपास, रामपुर-रेवतीपुर मार्ग, नगदीलपुर-हसनपुरा मार्ग, टौंगा-लखमीपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी फैला हुआ है।
सबसे अधिक बाढ़ का पानी रेवतीपुर-कामाख्या धाम बाईपास पर है। यहां पर करीब तीन फीट तक सड़क जलमग्न है। इसके कारण मार्ग पर आवागमन बंद है।
इसी तरह पटना गांव के तीन रास्तों पर पानी भर चुका है। पटना गांव जाने के लिए अब केवल एक रास्ता बचा है। जिले में करीब 600 बीघा फसल व चरी जलमग्न है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर दर्ज किया गया।
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गंगा का जलस्तर प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा था। सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 63.290 मीटर दर्ज किया गया। शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.320 मीटर पर स्थिर हो गया।
खानपुर में तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह और नायब तहसीलदार श्याम सुंदर गुप्ता ने गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्रों भुजाड़ी, तातारपुर, गौरी और गौरहट गांव का भ्रमण कर बाढ़ और कटान की स्थिति देखी। गोमती का पानी बढ़ने से गौरहट और तेतारपुर गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। पटना गांव से बाहर निकलने वाले चार रास्तों में अब केवल एक मार्ग ही आवागमन के लिए बचा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 150 बीघा फसल जलमग्न होने से नुकसान हुआ है।
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मंगलवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.320 मीटर दर्ज किया गया। खतरा बिंदु 63.105 से ऊपर 0.215 सेमी पर गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। इसके साथ ही चार मार्गों रेवतीपुर-कामाख्या धाम बाईपास, रामपुर-रेवतीपुर मार्ग, नगदीलपुर-हसनपुरा मार्ग, टौंगा-लखमीपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी फैला हुआ है।
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सबसे अधिक बाढ़ का पानी रेवतीपुर-कामाख्या धाम बाईपास पर है। यहां पर करीब तीन फीट तक सड़क जलमग्न है। इसके कारण मार्ग पर आवागमन बंद है।
इसी तरह पटना गांव के तीन रास्तों पर पानी भर चुका है। पटना गांव जाने के लिए अब केवल एक रास्ता बचा है। जिले में करीब 600 बीघा फसल व चरी जलमग्न है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर दर्ज किया गया।
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गंगा का जलस्तर प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा था। सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 63.290 मीटर दर्ज किया गया। शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.320 मीटर पर स्थिर हो गया।
खानपुर में तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह और नायब तहसीलदार श्याम सुंदर गुप्ता ने गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्रों भुजाड़ी, तातारपुर, गौरी और गौरहट गांव का भ्रमण कर बाढ़ और कटान की स्थिति देखी। गोमती का पानी बढ़ने से गौरहट और तेतारपुर गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। पटना गांव से बाहर निकलने वाले चार रास्तों में अब केवल एक मार्ग ही आवागमन के लिए बचा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 150 बीघा फसल जलमग्न होने से नुकसान हुआ है।

रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पर फैले बाढ़ के पानी से गुजरते राहगीर। संवाद

रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पर फैले बाढ़ के पानी से गुजरते राहगीर। संवाद