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किसानों के मसीहा थे स्वामी सहजानंद सरस्वती

Sun, 26 Jun 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 11:42 PM IST
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Swami Sahajanand Saraswati was the messiah of the farmers
स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि रविवार को उनके पैतृक गांव देवा में मनाई गई। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर स्थापित स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा का वाराणसी राजगुरु मठ के महंथ स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने पूजन-अर्चन किया। इसके बाद राष्ट्रीय गीत का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर भाजपा नेता
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अनिल पांडेय ने स्वामी सहजानंद सरस्वती की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे किसानों के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने आजादी के समय किसानों के खुशहाली के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया। स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने भी अपने विचार रखे। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह द्वारा लोगों पौधे बांटे गए। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार पांडेय, मनोज चौरसिया, प्रधान दीपक चौरसिया, संजीव चौरसिया, साधु यादव, नारायण गुप्ता आदि शामिल थे। स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास द्वारा प्रवर्तित ब्रह्मर्षि जागरण मंच के तत्वावधान में स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ आरंभ हुआ। वक्ताओं ने स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास और ब्रह्मर्षि जागरण मंच के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रख्यात इतिहासकार, साहित्यकार और सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सिंचाई राघव शरण शर्मा ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनके जैसा व्यक्तित्व ना तो पहले हुआ और ना ही आज तक हो पाया है। वे ही एकमात्र ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने वेदांती होकर के भी गांव-गांव नगर नगर भ्रमण करके एक- एक जन के दुख दर्द को जाना, समझा और उनके लिए लड़ाई लड़ी।
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भोजपुरी के विख्यात लोककवि विनय राय बाबू रंग और दिनेश शर्मा को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर ब्रह्मर्षि जागरण मंच के संयोजक रामनाथ ठाकुर ने सम्मानित किया। केएन राय ने उनके पद चिन्हों पर चलकर समाज को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए बल दिया। इस मौके पर शशिधर राय, ओम नारायण प्रधान, हिमांशु राय,सोनू, अजय राय आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता दंडी स्वामी देवानंद सरस्वती पीठाधीश्वर राजगुरु मठ शिवाला घाट वाराणसी एवं संचालन डा. व्यास मुनि राय ने किया। भार रामनाथ ठाकुर ने व्यक्त किया। इधर स्वामी सहजानंद पीजी कालेज परिसर स्थित मंदिर में हवन-पूजन हुआ। कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर डा. वी के राय ने स्वामी सहजानंद को 20वीं सदी का श्रेष्ठ चिंतक-विचारक और भारतीय पुनर्जागरण और स्वाधीनता आंदोलन का श्रेष्ठ नायक बताया। उन्होंने कहा कि संगठित किसान आंदोलन के जनक तथा प्रणेता के रूप में उनका योगदान कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता।
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