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UP: 'जिसकी पूजा हजारों वर्षों से हो रही उसकी प्राण प्रतिष्ठा का क्या औचित्य', स्वामी प्रसाद बोले- ये सब ढोंग
Wed, 24 Jan 2024 02:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 24 Jan 2024 02:34 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिसकी पूजा हजारों वर्षों से हो रही है उसकी प्राण प्रतिष्ठा का क्या औचित्य है। भारत इकलौता देश है, जहां मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा भाजपा का कार्यक्रम था।
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Swami Prasad Maurya
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक दिन पहले अयोध्या के भव्य मंदिर में हुए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को भाजपा का कार्यक्रम बताया है। कहा कि जिसकी पूजा हजारों वर्षों से हो रही उसकी प्राण प्रतिष्ठा का क्या औचित्य। इसका मतलब यह है कि भगवान के अस्तित्व को भी नाकार रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा करने वाले लोग अपने को भगवान से भी बड़ा साबित करना चाहते हैं। सत्ता में बैठे लोग अपने पाप को छुपाने के लिए इस तरह का ड्रामा का सहारा लेते हैं। वह समाजवादी पार्टी की ओर से लंका मैदान में आयोजित कर्पूरी ठाकुर के जन शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक माह से बड़ा जश्न अयोध्या में पूरा हुआ। सोमवार को जो प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। यह भाजपा का कार्यक्रम लग रहा था, क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा में केवल आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद व भाजपा के लोग थे। अगर यह धार्मिक कार्यक्रम होता तो शंकराचार्य लोग उसमें उपस्थित होते।
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चारों शंकराचार्य में से एक भी शंकराचार्य उसमें मौजूद नहीं थे। देश की राष्ट्रपति भी आमंत्रित होने के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गईं। मंदिर के बहाने भाजपा भ्रष्टाचार बेरोजगारी आदि के मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस देश में धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया जाता है।
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प्राण प्रतिष्ठा करने वाले लोग अपने को भगवान से भी बड़ा साबित करना चाहते हैं। सत्ता में बैठे लोग अपने पाप को छुपाने के लिए इस तरह का ड्रामा का सहारा लेते हैं। वह समाजवादी पार्टी की ओर से लंका मैदान में आयोजित कर्पूरी ठाकुर के जन शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि एक माह से बड़ा जश्न अयोध्या में पूरा हुआ। सोमवार को जो प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। यह भाजपा का कार्यक्रम लग रहा था, क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा में केवल आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद व भाजपा के लोग थे। अगर यह धार्मिक कार्यक्रम होता तो शंकराचार्य लोग उसमें उपस्थित होते।
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चारों शंकराचार्य में से एक भी शंकराचार्य उसमें मौजूद नहीं थे। देश की राष्ट्रपति भी आमंत्रित होने के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गईं। मंदिर के बहाने भाजपा भ्रष्टाचार बेरोजगारी आदि के मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस देश में धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया जाता है।
एक टीवी डिबेट में एक संत कह रहे थे भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पत्थर में प्राण प्रतिष्ठा होती है तो सपा के प्रवक्ता ने कहा अपने परिवार में मरने वालों लोगों की जो लाशें होतीं हैं उसमें भी प्राण प्रतिष्ठा कर दो हमेशा जीवित रहेंगे। यदि प्राण प्रतिष्ठा करने से पत्थर सजीव हो जाता है तो मुर्दा क्यों नहीं चल सकता।
ये सब ढोंग है पाखंड है, आडंबर है। वैसे भी जो खुद भगवान है, सबका सबका कल्याण करता है हम इंसान की क्या हैसियत की हम उसकी प्राण प्रतिष्ठा करें। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म का नाम लेकर अपनी जबावदेही से बचने के लिए जनता को गुमराह कर रही है। यह सरकार देश को बेचना शुरू कर दी है।
पहले सरकारें निजी क्षेत्रों का सरकारी करण करती हैं थीं, लेकिन लाभ पहुंचाने वाले उद्यम को सरकार अडानी और अंबानी को बेच दे रही है। एयर इंडिया, सभी रेलवे स्टेशन, बंदरगाह और एलआईसी जैसी बड़ी संस्थाओं को अडानी अंबानी को बेंच दिया है। इस सरकार में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। सरकार मूल मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रही है, ताकि सही मुद्दे को भूल जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ईडी और सीबीआई का उपयोग किया जा रहा है आज हमारा लोकतंत्र खतरे में है। भाजपा और ईस्ट इंडिया कंपनी में अंतर बताते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी भारत को लूटकर अपने देश का खजाना भरती थी, लेकिन यह भाजपा की सरकार देश को बेचकर अडानी और अंबानी का खजाना भरने का काम कर रही है। अंत में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने सभी का आभार जताया।