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दलितों के लिए जीवन भर किया संघर्ष
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 07 Dec 2014 10:46 PM IST
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राहुल सांकृत्यायन विद्यालय गौसपुर में रविवार को डा. भीम राव अंबेडकर की प्रासंगिकता विषयक संगोष्ठी आयोजित हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जीवन भर दलितों एवं पिछड़ों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व आईएस अधिकारी हरिश्चंद्र ने कहा कि बाबा साहब ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
देश में जब तक जाति आधारित पार्टियों का खात्मा नहीं होगा, तब तक दलितों एवं पिछड़ों को समानता प्राप्त नहीं होगी। डा. महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डा. अंबेडकर केवल दलितों के ही नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नेता थे। उन्होंने संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. पीएन सिंह ने कहा कि डा. अंबेडकर, कार्ल मार्क्स और गांधी के विचारों पर अमल करने की जरूरत है। वे एकदूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। इस अवसर पर रामअवतार, डा. मदनगोपाल सिंह, रामायण सिंह यादव, रमाशंकर यादव, जवाहर यादव, गौरीशंकर राजभर, डा. सुरेंद्र कुशवाहा, प्रदीप यादव, रामाश्रय कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया। अंत में मिर्जा अश्फाक बेग ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व आईएस अधिकारी हरिश्चंद्र ने कहा कि बाबा साहब ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
देश में जब तक जाति आधारित पार्टियों का खात्मा नहीं होगा, तब तक दलितों एवं पिछड़ों को समानता प्राप्त नहीं होगी। डा. महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डा. अंबेडकर केवल दलितों के ही नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नेता थे। उन्होंने संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. पीएन सिंह ने कहा कि डा. अंबेडकर, कार्ल मार्क्स और गांधी के विचारों पर अमल करने की जरूरत है। वे एकदूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। इस अवसर पर रामअवतार, डा. मदनगोपाल सिंह, रामायण सिंह यादव, रमाशंकर यादव, जवाहर यादव, गौरीशंकर राजभर, डा. सुरेंद्र कुशवाहा, प्रदीप यादव, रामाश्रय कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया। अंत में मिर्जा अश्फाक बेग ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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