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Ghazipur News: 22 घंटे सिद्धपीठ हथियाराम मठ में गुजारे, दो बार किया बुढ़िया माई का दर्शन
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-नवग्रह वाटिका की स्थापना के बाद आरएसएस पदाधिकारियों से की बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत 22 घंटे सिद्धपीठ हथियाराम मठ में गुजारा। इस दौरान उन्होंने दो बार बुढ़िया माई का दर्शन-पूजन किया। बृहस्पतिवार की सुबह नवग्रह वाटिका स्थापना दर्शन पूजन करते हुए सिद्धपीठ की धार्मिक पौराणिक और अध्यात्मिक शक्तियों से ऊर्जावान होकर सुबह 8:45 बजे सक्तेशगढ़ (मिर्जापुर) में स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज से मुलाकात करने रवाना हुए।
संघ प्रमुख बुधवार की सुबह 11:03 बजे सिद्धपीठ पहुंचे थे। वहां बुढ़िया माई, सिद्धेश्वरी माता का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति द्वारा किए जा रहे अपने 27वें चातुर्मास महायज्ञ में द्वादश ज्योतिर्लिंग रुद्राभिषेक पूजन और गोष्ठी में शामिल हुए।
रात्रि प्रवास सिद्धपीठ के कैलाश भवन में किया। यहां पीठ के सिद्ध संतों के साथ ध्यानस्थ भी हुए। बृहस्पतिवार की सुबह संत निवास परिसर के बगीचे में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवग्रह वाटिका की स्थापना के क्रम में पौधारोपण किए। इससे पहले वह बैटरी वाले टोटो गाड़ी में सवार होकर पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज के साथ निवर्तमान संतों के तपोस्थली स्थल पर पहुंचे।
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यहां नवग्रहों के अनुसार पौधे लगाए। नवग्रह वाटिका की स्थापना के बाद आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की। यहां से वापस लौटकर दूसरे दिन भी बुढ़िया माता का दर्शन किया। इसके साथ ही बैंडपार्टी व शहनाई वाले लोगों के साथ फोटो खिंचवाने के साथ ही उन्हें पुरस्कृत भी किया।
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देश को विश्व गुुरु बनाने की बात दोहरा गए मोहन भागवत
- संघ प्रमुख ने सबकुछ सरकार पर न छोड़ने की दी नसीहत
-पर्यावरण और मंदिर-मठ की सुरक्षा का ख्याल रखने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत 22 घंटे के प्रवास के दौरान लोगों को संस्कार, धर्म, संस्कृति, जिम्मेदारी का बोध कराते हुए देश को कैसे विश्व गुरु बनाए, इसका भी तरीका बताया।
उन्होंने पर्यावरण, देश, समाज, मंदिर-मठ का ख्याल रखने पर जोर दिया। साथ ही ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म करते हुए किस तरह से हर किसी के दिल में कैसे अपनी जगह बनाई जाती का भी माध्यम बताया।
वहीं, संघ प्रमुख के जाने के बाद राजनीतिक दलों के लोग उनके इस दौरे का सियासी लाभ-हानि भी गुणा-गणित करके निकालते देखे जा रहे हैं। लगातार दूसरे वर्ष सिद्धपीठ हथियाराम मठ आए संघ प्रमुख मोहन भागवत पूरी तरह सरल, सहज दिखे।
उन्होंने कहा कि अगली बार मैं दो दिन के प्रवास पर आऊंगा। इसके पीछे की वजह भी उन्होंने बताते हुए कहा कि कहा कि संत-महात्माओं की भूमि पर आने से मैं रिचार्ज हो जाता हूं। सामाजिक कार्यों के लिए मुझमें नई ऊर्जा स्फूर्त हो जाती है।
इसी तरह उन्होंने संघ के लोगों के साथ बातचीत की बैंड बजाने वालों संग फोटो खिंचवाए।बैंडबाजा बजाने को संघ की परंपराओं से जोड़ते हुए बोले कि संघ में भी बैंड होता है, जिसको मैं भी बजाता हूं। इसलिए मेरी इच्छा हुई तो आप लोगों के साथ फोटो खिंचवा रहा हूं। वे कलाकारों का सम्मान भी करते दिखे।
वहीं शहीद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन, पर्यावरणविद समेत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल दस लोगों सम्मानित भी किया। वहीं, शिव संवाद कार्यक्रम में उन्होंने यह भी बताने का प्रयास किया कि किस तरह देश, समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सकता है। इसके लिए किस तरह के लोगों के हाथों में बागडोर होनी चाहिए।
यह सब उपदेश (भाषण) से नहीं बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करने से ही संभव है। इसके लिए खुद को आदर्श बनाना होगा, जो ईष्या, लोभ त्याग कर और सिर्फ अपनी चिंता छोड़ने से ही संभव है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए दूसरों के हित के बारे में भी सोचने की नसीहत दी। साथ ही खुद के इस मुकाम पर पहुंचने का श्रेय भी संघ, कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज को दिया। संघ प्रमुख ने सरकार पर सबकुछ न छोड़ने की भी बात कही। साथ ही जो मंदिर और मठ से जुड़े हैं उन्हें मंदिरों-मठों के वैभव का ख्याल रखने को कहा।साथ ही संस्कार का भी पाठ पढ़ाया।
फोटो-
संघ प्रमुख ने लगाए 11 प्रकार के पौधे
बोले-पर्यावरण की उन्नति ही समाज की उन्नति
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ में दूसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत मठ स्थित संत निवास पहुंचे। हथियाराम मठ के मठाधीश महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति सहित वैदिक विद्वानों के साथ विधिवत नवग्रह पूजन किया। इसके बाद उन्होंने नवग्रह के पौधे लगाए । इसमें 11 प्रकार के पौधे थे, जिनमें रुद्राक्ष, मौलिश्री, कल्पवृक्ष, गूलर, पाकड़, बरगद, पारस पीपल, बारहमासी आम, रक्त श्वेत चंदन, अपराजिता, हरिसिंगार शामिल है।
इस दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण की उन्नति ही हमारी व हमारे समाज की उन्नति है। पर्यावरण के प्रति सबसे अधिक जिम्मेदारी हमारी बनती है। इसलिए पर्यावरण के उन्नयन का सदैव ख्याल रखना चाहिए।
वहीं, सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने उन्हें बताया कि आने वाले समय में नवग्रह वाटिका के साथ ही अन्य आयुर्वेदिक गुणयुक्त पौधों का संरक्षण किया जाएगा।
इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक अनिल, काशी प्रांत प्रचारक रमेश, मुनीष, मुरली पाल, संतोष यादव सहित तमाम संघ के प्रांत व अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों ने भी पौधरोध रोपण किया।
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बैंड बजाने वालों को किया सम्मानित, बोले- संघ में मैं भी बजाता हूं बैंड
गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आगमन के दौरान लगातार शहनाई वादकों व बैंड बाजा कलाकारों द्वारा राष्ट्रभक्ति व भक्ति गीतों के माध्यम से भव्य स्वागत किया जाता रहा था।
बृहस्पतिवार की सुबह जब कैलाश भवन से निकलकर संत निवास की ओर नवग्रह वाटिका पूजन के लिए जा रहे थे तो उस समय भी वादकों ने अपनी प्रस्तुति दी। यह देख मोहन भागवत रुक गए और वादकों से बोल पड़े अभी बाजा बजाना छोड़कर मेरे साथ खड़े हो जाओ, फोटो निकलने वाली है।
सभी का परिचय लेते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संघ में भी बैंड होता है, जिसको मैं भी बजाता हूं। इसलिए मेरी इच्छा हुई या आप लोगों के साथ फोटो खिंचवा रहा हूं। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया।
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बैटरी वाले टोटो गाड़ी की सवारी
गाजीपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सुबह नवग्रह वाटिका की स्थापना से पहले बैटरी वाले टोटो गाड़ी की सवारी की। उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज थे। वे सिद्धपीठ से संत निवास (बगीचे) तक बैट्री रिक्शा में घूमे। निवर्तमान संतों के तपोस्थली स्थल पर पहुंचे। यहां नवग्रहों के अनुसार मान्यता वाले पौधे लगाए। यहां से वापस लौटकर बुढ़िया माता का दर्शन किया
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डीएम-एसपी को दिया चुनरी प्रसाद
सिद्धपीठ पर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी व पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने इस अवसर पर अधिकारियों को बुढ़िया माई का भोग प्रसाद व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
इस क्रम में उन्होंने सादात ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और सिद्धपीठ के प्रमुख सेवक डॉ. संतोष यादव, गोविंद यादव, डॉ. आनंद सिंह, डॉ सानंद सिंह, डॉक्टर संतोष मिश्रा, आनंद मिश्रा, पुनीत सिंह, अंकित जायसवाल, सुशील सिंह, अंबरीश सिंह, अमित सिंह, श्रीराम जायसवाल, बिट्टू सिंह, आरपी सिंह, अशोक सिंह, अशोक चौहान, अमित चौहान, डॉ. नागेंद्र सहित सभी स्वयंसेवकों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत 22 घंटे सिद्धपीठ हथियाराम मठ में गुजारा। इस दौरान उन्होंने दो बार बुढ़िया माई का दर्शन-पूजन किया। बृहस्पतिवार की सुबह नवग्रह वाटिका स्थापना दर्शन पूजन करते हुए सिद्धपीठ की धार्मिक पौराणिक और अध्यात्मिक शक्तियों से ऊर्जावान होकर सुबह 8:45 बजे सक्तेशगढ़ (मिर्जापुर) में स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज से मुलाकात करने रवाना हुए।
संघ प्रमुख बुधवार की सुबह 11:03 बजे सिद्धपीठ पहुंचे थे। वहां बुढ़िया माई, सिद्धेश्वरी माता का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति द्वारा किए जा रहे अपने 27वें चातुर्मास महायज्ञ में द्वादश ज्योतिर्लिंग रुद्राभिषेक पूजन और गोष्ठी में शामिल हुए।
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रात्रि प्रवास सिद्धपीठ के कैलाश भवन में किया। यहां पीठ के सिद्ध संतों के साथ ध्यानस्थ भी हुए। बृहस्पतिवार की सुबह संत निवास परिसर के बगीचे में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवग्रह वाटिका की स्थापना के क्रम में पौधारोपण किए। इससे पहले वह बैटरी वाले टोटो गाड़ी में सवार होकर पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज के साथ निवर्तमान संतों के तपोस्थली स्थल पर पहुंचे।
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यहां नवग्रहों के अनुसार पौधे लगाए। नवग्रह वाटिका की स्थापना के बाद आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की। यहां से वापस लौटकर दूसरे दिन भी बुढ़िया माता का दर्शन किया। इसके साथ ही बैंडपार्टी व शहनाई वाले लोगों के साथ फोटो खिंचवाने के साथ ही उन्हें पुरस्कृत भी किया।
देश को विश्व गुुरु बनाने की बात दोहरा गए मोहन भागवत
- संघ प्रमुख ने सबकुछ सरकार पर न छोड़ने की दी नसीहत
-पर्यावरण और मंदिर-मठ की सुरक्षा का ख्याल रखने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत 22 घंटे के प्रवास के दौरान लोगों को संस्कार, धर्म, संस्कृति, जिम्मेदारी का बोध कराते हुए देश को कैसे विश्व गुरु बनाए, इसका भी तरीका बताया।
उन्होंने पर्यावरण, देश, समाज, मंदिर-मठ का ख्याल रखने पर जोर दिया। साथ ही ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म करते हुए किस तरह से हर किसी के दिल में कैसे अपनी जगह बनाई जाती का भी माध्यम बताया।
वहीं, संघ प्रमुख के जाने के बाद राजनीतिक दलों के लोग उनके इस दौरे का सियासी लाभ-हानि भी गुणा-गणित करके निकालते देखे जा रहे हैं। लगातार दूसरे वर्ष सिद्धपीठ हथियाराम मठ आए संघ प्रमुख मोहन भागवत पूरी तरह सरल, सहज दिखे।
उन्होंने कहा कि अगली बार मैं दो दिन के प्रवास पर आऊंगा। इसके पीछे की वजह भी उन्होंने बताते हुए कहा कि कहा कि संत-महात्माओं की भूमि पर आने से मैं रिचार्ज हो जाता हूं। सामाजिक कार्यों के लिए मुझमें नई ऊर्जा स्फूर्त हो जाती है।
इसी तरह उन्होंने संघ के लोगों के साथ बातचीत की बैंड बजाने वालों संग फोटो खिंचवाए।बैंडबाजा बजाने को संघ की परंपराओं से जोड़ते हुए बोले कि संघ में भी बैंड होता है, जिसको मैं भी बजाता हूं। इसलिए मेरी इच्छा हुई तो आप लोगों के साथ फोटो खिंचवा रहा हूं। वे कलाकारों का सम्मान भी करते दिखे।
वहीं शहीद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन, पर्यावरणविद समेत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल दस लोगों सम्मानित भी किया। वहीं, शिव संवाद कार्यक्रम में उन्होंने यह भी बताने का प्रयास किया कि किस तरह देश, समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सकता है। इसके लिए किस तरह के लोगों के हाथों में बागडोर होनी चाहिए।
यह सब उपदेश (भाषण) से नहीं बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करने से ही संभव है। इसके लिए खुद को आदर्श बनाना होगा, जो ईष्या, लोभ त्याग कर और सिर्फ अपनी चिंता छोड़ने से ही संभव है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए दूसरों के हित के बारे में भी सोचने की नसीहत दी। साथ ही खुद के इस मुकाम पर पहुंचने का श्रेय भी संघ, कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज को दिया। संघ प्रमुख ने सरकार पर सबकुछ न छोड़ने की भी बात कही। साथ ही जो मंदिर और मठ से जुड़े हैं उन्हें मंदिरों-मठों के वैभव का ख्याल रखने को कहा।साथ ही संस्कार का भी पाठ पढ़ाया।
फोटो-
संघ प्रमुख ने लगाए 11 प्रकार के पौधे
बोले-पर्यावरण की उन्नति ही समाज की उन्नति
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ में दूसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत मठ स्थित संत निवास पहुंचे। हथियाराम मठ के मठाधीश महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति सहित वैदिक विद्वानों के साथ विधिवत नवग्रह पूजन किया। इसके बाद उन्होंने नवग्रह के पौधे लगाए । इसमें 11 प्रकार के पौधे थे, जिनमें रुद्राक्ष, मौलिश्री, कल्पवृक्ष, गूलर, पाकड़, बरगद, पारस पीपल, बारहमासी आम, रक्त श्वेत चंदन, अपराजिता, हरिसिंगार शामिल है।
इस दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण की उन्नति ही हमारी व हमारे समाज की उन्नति है। पर्यावरण के प्रति सबसे अधिक जिम्मेदारी हमारी बनती है। इसलिए पर्यावरण के उन्नयन का सदैव ख्याल रखना चाहिए।
वहीं, सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने उन्हें बताया कि आने वाले समय में नवग्रह वाटिका के साथ ही अन्य आयुर्वेदिक गुणयुक्त पौधों का संरक्षण किया जाएगा।
इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक अनिल, काशी प्रांत प्रचारक रमेश, मुनीष, मुरली पाल, संतोष यादव सहित तमाम संघ के प्रांत व अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों ने भी पौधरोध रोपण किया।
बैंड बजाने वालों को किया सम्मानित, बोले- संघ में मैं भी बजाता हूं बैंड
गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आगमन के दौरान लगातार शहनाई वादकों व बैंड बाजा कलाकारों द्वारा राष्ट्रभक्ति व भक्ति गीतों के माध्यम से भव्य स्वागत किया जाता रहा था।
बृहस्पतिवार की सुबह जब कैलाश भवन से निकलकर संत निवास की ओर नवग्रह वाटिका पूजन के लिए जा रहे थे तो उस समय भी वादकों ने अपनी प्रस्तुति दी। यह देख मोहन भागवत रुक गए और वादकों से बोल पड़े अभी बाजा बजाना छोड़कर मेरे साथ खड़े हो जाओ, फोटो निकलने वाली है।
सभी का परिचय लेते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संघ में भी बैंड होता है, जिसको मैं भी बजाता हूं। इसलिए मेरी इच्छा हुई या आप लोगों के साथ फोटो खिंचवा रहा हूं। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया।
बैटरी वाले टोटो गाड़ी की सवारी
गाजीपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सुबह नवग्रह वाटिका की स्थापना से पहले बैटरी वाले टोटो गाड़ी की सवारी की। उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज थे। वे सिद्धपीठ से संत निवास (बगीचे) तक बैट्री रिक्शा में घूमे। निवर्तमान संतों के तपोस्थली स्थल पर पहुंचे। यहां नवग्रहों के अनुसार मान्यता वाले पौधे लगाए। यहां से वापस लौटकर बुढ़िया माता का दर्शन किया
डीएम-एसपी को दिया चुनरी प्रसाद
सिद्धपीठ पर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी व पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने इस अवसर पर अधिकारियों को बुढ़िया माई का भोग प्रसाद व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
इस क्रम में उन्होंने सादात ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और सिद्धपीठ के प्रमुख सेवक डॉ. संतोष यादव, गोविंद यादव, डॉ. आनंद सिंह, डॉ सानंद सिंह, डॉक्टर संतोष मिश्रा, आनंद मिश्रा, पुनीत सिंह, अंकित जायसवाल, सुशील सिंह, अंबरीश सिंह, अमित सिंह, श्रीराम जायसवाल, बिट्टू सिंह, आरपी सिंह, अशोक सिंह, अशोक चौहान, अमित चौहान, डॉ. नागेंद्र सहित सभी स्वयंसेवकों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।