गाजीपुर। कोरोना महामारी से बचाव के लिए अब तक लिए गए फैसलों पर कहीं पटाखा पानी न फेर दें। वजह पटाखों के जलाने से जहां प्रदूषण बढ़ेगा, वहीं धुएं के माध्यम से इसके कण सांस लेने के दौरान फेफड़े तक पहुंच जाएंगे। इससे पॉजिटिव मरीजों में संक्रमण तेजी से बढ़ेगी और हालत गंभीर होने लगेगा। खासकर उन मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है, जो लक्षण विहीन है।
एसीएमओ डा. पीके कुशवाहा ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में पटाखा न जलाएं। वजह यह प्रदूषण बढ़ेगा और पटाखों से निकलने का डस्ट धुएं के माध्यम से वातावरण छा जाएगा। ऐसी स्थित जब कोई पाजिटिव मरीज सांस लेगा तो वह फेफड़े में पहुंचकर संक्रमण को बढ़ाने का काम करने लगेगा। सबसे खराब स्थिति तो होम आइसोलेट मरीजों की हो जाएगी। उन्हें स्वच्छ हवा नहीं मिलेगा और वह गंभीर रूप से इसके चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि दीपावली बाद मिलने वाले संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदान नहीं की जाएगी। वजह वायु प्रदूषित होने पर संक्रमण तेजी से फैलेगा और उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने बताया कि घर से बाहर निकलने पर मास्क का निश्चित तौर से प्रयोग करें। खासकर होम आइसोलेट मरीजों घर से बाहर न निकले। एहतियात और सतर्कता से ही कोरोना को हराया जा सकती है।